June 7, 2026

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मिर्जापुर:6 जून 26 *आम के कुसली से शुगर की बिमारियां दूर की जा सकती है*

मिर्जापुर:6 जून 26 *आम के कुसली से शुगर की बिमारियां दूर की जा सकती है*

मिर्जापुर से बसन्त कुमार गुप्ता की रिपोर्ट यूपी आजतक

मिर्जापुर:6 जून 26 *आम के कुसली से शुगर की बिमारियां दूर की जा सकती है*

मिर्जापुर*आम के बौर से बिच्छू के बिष को काफी कम किया जा सकता है — बिचित्रानन्द*

*नारायण गृहस्थ आश्रम नारायण नगर पचराव में आम का वृक्ष लगाया गया और आम का फल भी खाया गया*

सीखड़ मीरजापुर। पचराव गांव में स्थित महर्षि ऋष्य ऋ॑ग सेवा संस्थान ( पंजी), नारायण गृहस्थ आश्रम नारायण नगर पचराव में बिश्व पर्यावरण दिवस पर आश्रम परिसर में आम का पौधा तथा शरीर को हृष्ट-पुष्ट करने वाली जड़ी बूटी का पौधा लगाया गया।
और वृक्षारोपण के बाद भरपेट लंगड़ा बनारसी आम खिलाया गया।
तथा पर्यावरण दिवस को सफल बनाने के लिए संकल्प लिया गया कि हम सब वृक्ष लगाएंगे और वृक्षों की कटने से रक्षा करेंगे।
संस्थान के प़बन्धक ईन्जी बीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिचित्रानन्द ने बताया कि आम को फलों का राजा क्यों कहा गया है ? क्यों कि फलों में आम ही एक ऐसा फल है जो बौर लगने से लेकर पकने तक तथा पका ख़ाने के बाद बची हुई कुसली भी काम आती है।कुसली को भुनकर खाने में बहुत मज़ा आता है और शुगर को कम करता है।
ऐसे तो आंवला में छः रस पाए जाते हैं लेकिन आम में चार प्रकार के रस पाए जाते हैं और सभी चीज जीवन में काम आती है।
भगवान शंकर को आम का बौर बहुत फ़िर है तथा हनुमान जी को पका आम ।आम ही एक ऐसा फल है जो बार बार मुंह में डाला जाता है और निकाला जाता है परन्तु खाने में घृणा नहीं होती।
आम ही एक ऐसा फल है जो पशु पक्षियों, जानवरों तथा मनुष्यो को प़िय है।
आम आम आदमी से लेकर बहुत बड़े राजा तक को भी प़िय है।
आम के बौर की महिमा अपरम्पार है आम का बौर बसन्त पंचमी के दिन देखना बहुत शुभ माना जाता है
यदि आम का बसन्त पंचमी के दिन पहला बौर देखा जाय और तोड़ कर दोनों हथेलियों में रगड़ कर रखा जाय तो वह साल भर तक बिशैले बिच्छू के बिष को केवल हथेली को कुछ समय के लिए देखा जाय तो भगवान शंकर की कृपा से बिच्छू के बिष को काफी कम किया जा सकता है। इसीलिए शिव रात्रि के दिन भगवान शंकर को आम के बौर को चढ़ाने की प़था है।

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