मिर्जापुर से बसन्त कुमार गुप्ता की रिर्पोट यूपी आज तक
मिर्जापुर2मई24*एनएचएम से बाल विकास को योजना मिलने की प्रक्रिया शिथिलता के कारण गर्भवती नही हो रही पोषित*
गर्भवती को एक वर्ष से नही मिल पा रहा है योजना का लाभ
पोर्टल के बदलाव के चलते प्रधानमंत्री की कल्याणकारी योजना में आवेदन करने की गति धीमी
मिर्जापुर। ये दो उदाहरण महज बानगी भर के लिए दिये गये है जिले में ऐसे हजारों की तादाद में गर्भवती महिलाएं है। जिनके आवेदन के बावजूद आज तक योजना का लाभ विभाग नही दिला सका है। गर्भवती महिलाएं करीब एक वर्ष से योजना से वंचित है और विभाग हाथ पर हाथ रखे हुए है। सवालों के जवाब से बचने के लिए जिले के आशा ने फार्म भरना तक बन्द कर दिया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सीएल वर्मा ने बताया कि जनपद में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाली राशि अब दो किस्तों मिलने का ऐलान पहले ही किया जा चुका है। उसके बाद 2.0 अपलोड करने के लिए पोर्टल को शुरू किया गया जो भी शासन के द्वारा बदलाव के कारण अधिकतर बन्द या सर्वर की समस्या को बताया जा रहा है। जबकि इस पोर्टल के माध्यम से दूसरे जन्मे बच्ची पर भी पांच हजार रूपया दिये जाने का प्राविधान रखा गया है। जो जिले में मात्र एक महिला को मिला जो सीएमओ आफिस का ही कर्मचारी था उसके अलावा जिले में किसी भी गर्भवती महिला को इस योजना का लाभ नही मिल पाया है।
उन्होंने बताया कि हर गर्भवती के बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह अति महत्वाकांक्षी योजना है। इससे लाभान्वित करने के लिए विभाग हर स्तर से प्रयास कर रहा है। जिले में यह योजना 1 जनवरी 2017 से संचालित है। जिले में 1 जनवरी 2017 से आज तक 76937 गर्भवती महिलाओं को लाभ पहुंचाया गया है। लेकिन अब इसको दूसरे जन्मे बच्ची पर भी
लाभ ़अब दिया जायेगा। इसके लिए कुछ दिनों के पोर्टल बन्द कर दिया जिसके कारण जिले की आशा कार्यकर्ता द्वारा फार्म भरा नही पा रहा है। जिसके तहत अभी तक 23756 महिलाओं को विभाग स्तर से लाभान्वित किया जा चुका है। जो लक्ष्य से आधे से अधिक की संख्या और इसी आधार पर जिला प्रदेश में 29 वां स्थान हासिल किया है।
पोर्टल की तकनीकी समस्या के कारण घटा आवेदन
योजना के तहत पोर्टल का बन्द हो सर्वर की गति धीमी होना एक मुख्य कारण है। नतीजा समय अधिक होजाने के कारण भी गर्भवती महिलाएं योजना का लाभ पाने से वंचित हो जा रही है। कई महीनो से पोर्टल पर काम होने की बात कहकर विभाग के उच्चाधिकारी अपना पल्ला झाड़कर निकल जा रहे है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक विजय शंकर गुप्ता ने बताया कि पोर्टल बन्द होने से पहले हर माह करीब एक हजार महिलाओं का आवेदन होता रहा है। वही करीब पिछले छह माह से तरह तरह की समस्याओं के चलते आवेदन न के बराबर हो रहा है।
केस-1 अशिका दुबे पति विनय दुबे निवासी तरकापुर का कहना है कि दूसरी बच्ची के जन्म के बाद मैने आवेदन किया लेकिन छह माह पोर्टल व योजना में हो रहे बदलाव की बात लगातार बताया जा रहा है। जिसके कारण योजना के लाभ से आज तक वंचित हूॅ।
केसः-2 मोनी तिवारी निवासी लालगंज का कहना है कि करीब एक साल पूर्व आवेदन किया था। आवेदन करने में करीब 300 रूपये भी खर्च हो गये परन्तु आशा निशा सिंह भी सन्तोष जनक जवाब नही दे पा रही है।

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