February 11, 2026

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मिर्जापुर:13 अक्टूबर 24 *बाजे गाजे के साथ माँ दुर्गा और देवी देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन*

मिर्जापुर:13 अक्टूबर 24 *बाजे गाजे के साथ माँ दुर्गा और देवी देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन*

मिर्जापुर से बसन्त कुमार गुप्ता की रिपोर्ट यूपी आजतक

मिर्जापुर:13 अक्टूबर 24 *बाजे गाजे के साथ माँ दुर्गा और देवी देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन*

आज मिर्जापुर में देहात कोतवाली के बरकक्षा चौकी अन्तर्गत खड़ंजा में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। दुर्गा पूजा के बाद माता का विसर्जन एक भावुक पल होता है। इस दौरान भक्त माता को विदा करते हुए कई मंत्रों का जाप करते हैं। इनमें से सबसे प्रचलित मंत्र है:
“गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठे स्वस्थानं परमेश्वरि। पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च।।”
इस मंत्र का अर्थ है, “हे देवी! आप अपने निवास स्थान जाएं। पूजा के समय फिर से पधारे।” यह मंत्र माता को विदा करते हुए और अगले वर्ष फिर से आने का निवेदन करने के लिए बोला जाता है।
मंत्रों का जाप मन को शांत करता है और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है। दुर्गा विसर्जन के दौरान मंत्रों का जाप करने से भक्तों का माता से जुड़ाव और गहरा हो जाता है। विसर्जन के दौरान शांति और श्रद्धा से मंत्रों का जाप करें।
विसर्जन के समय अपने मन में माता के प्रति प्रेम और कृतज्ञता का भाव रखें।
विसर्जन के बाद घर लौटकर माता की आरती करें।
दुर्गा विसर्जन के दौरान मंत्रों का जाप एक पवित्र अनुष्ठान है। यह भक्तों को माता से जुड़ने और आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।

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