April 30, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

भागलपुर29अप्रैल26 ‘ईट राइट कैंपस’ के तहत फूड हैंडलर्स का खाद्य सुरक्षा (FoSTaC) प्रशिक्षण संपन्न

भागलपुर29अप्रैल26 ‘ईट राइट कैंपस’ के तहत फूड हैंडलर्स का खाद्य सुरक्षा (FoSTaC) प्रशिक्षण संपन्न

सबौर भागलपुर बिहार से शैलेन्द्र कुमार गुप्ता

भागलपुर29अप्रैल26 ‘ईट राइट कैंपस’ के तहत फूड हैंडलर्स का खाद्य सुरक्षा (FoSTaC) प्रशिक्षण संपन्न

​बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के उद्यान (फसलोत्तर प्रबंधन) विभाग द्वारा ‘ईट राइट कैंपस’ इनिशिएटिव के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर के खाद्य संचालकों हेतु खाद्य सुरक्षा “FoSTaC Training for Food Handlers” का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य व्यवस्था को सुनिश्चित करना था।
​इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावास मेस, कैंटीन, गेस्ट हाउस, किसान घर, विभिन्न खाद्य आउटलेट्स तथा विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत पेंट्री कर्मियों सहित 50 से अधिक फूड हैंडलर्स ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में बीएयू, सबौर के ईएलपी छात्र-छात्राओं सहित उद्यान विभाग (पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट) के वैज्ञानिक भी उपस्थित रहे।
​कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के निदेशक (छात्र कल्याण) डॉ. श्वेता शाम्भवी, प्रो. देबोर्शी डे (FSSAI FoSTaC प्रशिक्षक) एवं उद्यान (फसलोत्तर प्रबंधन) विभाग के अध्यक्ष डॉ. एम. ए. आफताब द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। डॉ. श्वेता शाम्भवी ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, पौष्टिक एवं सुरक्षित भोजन ही स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण की आधारशिला है तथा विश्वविद्यालय को “ईट राइट कैंपस” के रूप में विकसित करने हेतु ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। उद्यान (फसलोत्तर प्रबंधन) विभाग के अध्यक्ष डॉ. एम. ए. आफताब ने विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता संवर्धन से संबंधित संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
​प्रशिक्षण सत्र का संचालन एफएसएसएआई के FoSTaC ट्रेनर डॉ. देबोर्शी डे द्वारा किया गया। उन्होंने फूड हैंडलर्स को खाद्य स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, सुरक्षित भोजन निर्माण, भंडारण, परोसने की वैज्ञानिक विधियों तथा दूषित खाद्य पदार्थों से होने वाली बीमारियों के रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान पर लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन प्रस्तुत कर प्रतिभागियों को जागरूक किया तथा खाद्य गुणवत्ता बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय बताए।
​बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के निदेशक अनुसंधान डॉ. अनिल कुमार सिंह ने इस सफल आयोजन के लिए उद्यान विभाग को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षित खाद्य प्रबंधन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
​इस अवसर पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह के ईट राइट कैंपस को लेकर दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया गया। उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय को ‘सुरक्षित, स्वस्थ एवं स्वच्छ खाद्य वातावरण वाला आदर्श कैंपस’ बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कुलपति महोदय का उद्देश्य है कि विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध प्रत्येक खाद्य सामग्री गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो तथा सभी खाद्य संचालक खाद्य सुरक्षा के प्रति पूर्णतः जागरूक एवं प्रशिक्षित हों।
​प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे “ईट राइट कैंपस” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल बताया है।