भागलपुर02मई25 संवाद में मुखर हुई महिलाओं की आवाज*
बिहार से शैलेन्द्र कुमार गुप्ता यूपी आजतक
*माननीय मंत्री सहकारिता विभाग ने पदाधिकारियों के साथ की बैठक*
*संवाद में मुखर हुई महिलाओं की आवाज*
भागलपुर, 02 मई 2025, महिला सशक्तिकरण की दिशा में बिहार सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की गूंज महिला संवाद कार्यक्रमों में सुनाई दे रही है। नीतीश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेकर महिलाओं ने आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन और सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। परिणामस्वरूप आरक्षण योजना का लाभ लेकर कुछ महिलाओं ने पंचायती राज संस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है तो कोई शिक्षिका, कोई पुलिस बनकर अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, सतत जीविकोपार्जन योजना एवं स्वरोजगार से जुड़ी अन्य योजनाओं का लाभ लेकर कई महिलाएँ उद्यमी बन गई हैं। इस प्रकार सरकार की पहल और महिलाओं के प्रयास से बिहार महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम आगे बढ़ चुका है।
महिला संवाद कार्यक्रम में महिलाएं अपनी आकांक्षाओं और सुझावों को सरकार तक पहुंचा रही है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस पर जरूर संज्ञान लेगी। इसी तरह रंगरा चैक प्रखंड अन्तर्गत भवानीपुर पंचायत में नारी शक्ति जीविका महिला ग्राम संगठन स्तर पर आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में बोलते हुए निर्मला देवी कहती है कि सरकार की नीतियों की वजह से हम जैसी महिलाओं की आवाज मुखर हुई है। अब हम अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रख सकते हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर हम अपने जीवन में आगे बढ़े हैं। इससे हमारा जीवन संवरा है। गाँव की अन्य महिलाएँ भी महिला संवाद कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।
30 ग्राम संगठनों में महिला संवाद कार्यक्रम सम्पन्न :
भागलपुर जिले में आज 30 ग्राम संगठनों में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रकार जिले में अब तक कुल 435 ग्राम संगठनों में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न हो चुका है। सरकार के इस प्रयास से महिलाओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। इस दौरान वे खुलकर अपने गांव के विकास और नई नीतियों पर चर्चा कर रही हैं साथ ही योजनाओं से मिले लाभों के बारे में अपना अनुभव साझा करते हुए अन्य महिलओं का उत्साह वर्धन कर रही हैं।
महिला संवाद कार्यक्रम के दौरान महिलाएं अपनी मूलभूत समस्याओं को सामन रख रही हैं। उनके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार आज सबसे बड़ा मुद्दा है। हालांकि वे नीतिगत विषयों पर भी खुलकर बात कर रही हैं। अधिकांश महिलाएं चाहती हैं कि स्थानीय स्तर पर रोजगार या स्वरोजगार हेतु विशेष विकल्प तैयार किये जाएं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर ग्रामीण हाट विकसित किये जाएं, जिससे महिलाओं द्वारा घरेलू स्तर पर निर्मित उत्पादों की बिक्री की जा सके।

More Stories
जयपुर1मई26*जयपुर: LPG संकट के बीच कीमतों में उछाल*
कानपुर नगर1 मई 26*मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत निःशुल्क कोचिंग हेतु आवेदन आमंत्रित*
प्रयागराज1मई26*- 41 वर्षीय महिला माधुरी ने अपने ही परिवार के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है,