भागलपुर02मई25संविधान-लोकतंत्र पर हमले व विनाशकारी नीतियों के खिलाफ 20 मई को होगा आम हड़ताल*
*मजदूर दिवस पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने की सभा, निकाला मार्च*
*संविधान-लोकतंत्र पर हमले व विनाशकारी नीतियों के खिलाफ 20 मई को होगा आम हड़ताल*
2 मई 202, भागलपुर बिहार से शैलेन्द्र कुमार गुप्ता यूपी आजतक
मजदूर संगठनों ने इस बार — महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी व छंटनी, मजदूरी में भीषण गिरावट, निजीकरण, गुलामी के चार लेबर कोड, आतंक व नफरत और विनाशकारी कम्पनी व पुलिस राज के खिलाफ, संविधान व लोकतंत्र बचाने के लिए 20 मई के देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के आह्वान के साथ अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों — ऐक्टू, एटक व सीटू के बैनर तले लाल झंडे – बैनरों से लैश सैकड़ों संगठित – असंगठित मजदूरों ने एकजुट होकर मई दिवस के मौके पर गुरुवार को स्थानीय घंटाघर चौक से सुसज्जित मार्च निकाला। हालांकि कार्यक्रम के दौरान ही भारी तूफानी बारिश की वजह से कार्यक्रम प्रभावित हुई फिर भी घंटाघर चौक पर घंटों सभा की गयी।
ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, एटक के जिला महासचिव डॉ. सुधीर शर्मा व सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद की संयुक्त अध्यक्षता व नेतृत्व में हुई सभा की शुरुआत, शिकागो सहित मजदूर आंदोलन के तमाम शहीदों एवं पहलगाम के शहीदों को दो मिनट का सामुहिक मौन रखकर श्रद्धांजलि देने से हुई।
सभा को सम्बोधित करते हुए सम्बद्ध विभिन्न यूनियनों के नेतृत्वकारियों ने केंद्र – राज्य सरकार की मजदूर व जनविरोधी नीतियों का जमकर विरोध किया। मोदी सरकार को विनाशकारी बताते हुए मजदूरों की समस्याओं को उठाया और वर्तमान मजदूर – किसान व जनविरोधी मोदी सरकार की विध्वंसकारी नीतियों की विस्तृत चर्चा की।
वक्ताओं ने कहा कि मेहनतकश लोगों की बर्बादी और देश में चौतरफा संकट की असलियत को यह सरकार जूठे व फरेबी लफ्फाजियों और आतंक व सांप्रदायिक नफरत के शोर में दफन करने में लगी हुई है। मोदी शासन में मेहनतकशों की दुर्दशा चरम पर पहुुंच गई है। बेरोजगारी, बदहाली और असमानता आसमान छू रही है, तो मजदूरी में भारी गिरावट आई है। मजदूरों के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा तहस-नहस हो गए हैं। मजदूरों से साप्ताह में 70 से 90 घंटे काम कराने का शोर कॉरपोरेट जगत मचा रहा है। दूसरी ओर व्यापार करने में आसानी के नाम पर कॉरपोरेट जगत को देश की सुंपत्ति और संसाधनों को लटूने की खुली छूट दे दी गईं है। देश पर कम्पनी राज थोपा जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि मोदी शासन के तीसरे कार्यकाल में लोगों के जीवन और आजीवका पर हमलों को और तेज कर दिया गया है। कड़ी मेहनत और कुर्बानियों से हासिल सभी श्रम कानूनों को खत्म कर, उनकी जगह मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड लागू करने की जोर-शोर से तैयारी की जा रही है। लेबर कोड के लागू होने से मजदूर वर्ग, कॉर्पोरेट कंपनियों का गुलाम बन जाएगा। ये कोड काम के घंटे, न्यनूतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, आदि सभी अधिकार छीन लेंगे। दूसरी ओर सांप्रदायिक हिंसा और नफरत को बढ़ावा देकर समाज में वैमनस्यता का जहर घोला जा रहा है। इसे रोकने के लिए मजदूर अधिकारों की दावेदारी का संघर्ष तेज करना भारतीय मजदूर वर्ग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अपने अधिकारों को पुनः हासिल करने के लिए मजदूरों की व्यापक एकता बनाएं और 20 मई के देशव्यापी आम हड़ताल को ऐतिहासिक रुप से सफल बनाने के अभियान में जुट जाएं।
सभा को मुख्य रुप से कर्मचारी महासंघ – गोपगुट के जिला सचिव श्यामनंदन सिंह, बैंक एम्पलाइज यूनियनए – आईबीईए के मंतोष कुमार, बीएसएसआरयू के जिला सचिव सुभोजित सेन गुप्ता, असंगठित कामगार महासंघ के विष्णु कुमार मंडल, निर्माण कामगार यूनियन के मनोहर मंडल, बिजली मजदूर यूनियन के धीरेन्द्र नारायण सिंह, वाहन चालक संघ के विनोद मंडल, महिला नेत्री अनीता शर्मा, युवा नेता गौरीशंकर राय, मो. फैज, सचिन कुमार, अमित गुप्ता व सचिन कुमार ने सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में उपरोक्त सहित मनोज कृष्ण सहाय, अमर कुमार, राजेश कुमार दास, मनोहर शर्मा, गोपाल राय, अभिमन्यु मंडल, मनोज गुप्ता, विनय चौबे, एनके देव, चंचल पंडित, पूनम देवी, लुटन तांती, सहदेव मंडल, मो. मुस्ताक, राजेश यादव, अनुज कुमार, आर.के. सिंह, डोमी मंडल, बी.बी. लाल, वकील साह, सुग्रीव दास आदि सहित बड़ी संख्या में संगठित-असंगठित क्षेत्र के मजदूर शामिल हुए।

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