April 17, 2026

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भागलपुर 16/04/2026*आयोजित बीसीए सत्र 2024-27 की परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।

भागलपुर 16/04/2026*आयोजित बीसीए सत्र 2024-27 की परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।

भागलपुर बिहार से शैलेन्द्र कुमार गुप्ता यूपीआजतक 

 

भागलपुर 16/04/2026*आयोजित बीसीए सत्र 2024-27 की परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के अंतर्गत आयोजित बीसीए सत्र 2024-27 की परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर एक छात्र एवं एक छात्रा को निर्धारित सीटिंग प्लान से हटाकर अलग स्थान पर बैठाया गया। आरोप है कि उन्हें विशेष सुविधा प्रदान की जा रही थी। जांच के दौरान उनके पास से मोबाइल फोन एवं पर्ची बरामद होने की बात सामने आई है, जो परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

छात्रों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल मेहनती विद्यार्थियों के साथ अन्याय है, बल्कि पूरे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय का बयान:
प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय ने कहा कि “भागलपुर विश्वविद्यालय में इस प्रकार की अनियमितताएं बेहद चिंताजनक हैं। यदि परीक्षा केंद्रों पर ही नियमों की धज्जियां उड़ाई जाएंगी, तो छात्रों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा। परिषद किसी भी स्थिति में छात्र हितों से समझौता नहीं करेगी। यदि जल्द से जल्द दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।”

परीक्षार्थी सुमित कुमार का बयान:
परीक्षार्थी सुमित कुमार ने बताया कि “मेरे द्वारा सी.एस. गौतम यादव को सूचना दी गई थी कि अधिकारियों के बच्चों को अलग बैठाकर परीक्षा दिलाई जा रही है। लेकिन इस मामले को दबाने का प्रयास किया गया और लगभग आधे घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब छात्र स्वयं खड़े होकर विरोध करने लगे और इनविजिलेटर्स से मोबाइल एवं पर्ची सरेंडर कराने की मांग की, तब जाकर कार्रवाई हुई। जांच में दोनों छात्रों के पास से 2 मोबाइल और पर्चियां बरामद हुईं।

उन्होंने आगे कहा कि सी.एस. गौतम यादव एवं इनविजिलेटर मुकेश कुमार की संलिप्तता से अधिकारियों के बच्चों को संरक्षण देकर परीक्षा में मोबाइल उपलब्ध कराकर परीक्षा दिलाई जा रही थी, जिसमें इनकी प्रत्यक्ष भूमिका रही है। जब परीक्षा नियंत्रक मौके पर पहुंचे, तो सी.एस. द्वारा स्वयं यह स्वीकार किया गया कि 2 मोबाइल सरेंडर कराए गए हैं और उसी समय उनकी कॉपियां ले ली गई हैं, तथा दोनों परीक्षार्थियों को निष्कासित (Expel) करने की बात कही गई।”

यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो परिषद द्वारा उग्र आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

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