March 6, 2026

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बाँदा 26अप्रैल25*सदर एसडीएम द्वारा धमकी देने एवं गरीब विक्रेताओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन।

बाँदा 26अप्रैल25*सदर एसडीएम द्वारा धमकी देने एवं गरीब विक्रेताओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन।

बाँदा 26अप्रैल25*सदर एसडीएम द्वारा धमकी देने एवं गरीब विक्रेताओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन।

बाँदा से शालिनी सिंह की खास खबर यूपीआजतक

बाँदा*माननीय मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र के माध्यम से जनता दल यूनाइटेड की प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया कि बाँदा सदर एसडीएम अमित शुक्ला द्वारा धमकी देने एवं गरीब विक्रेताओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया है।

प्रदेश उपाध्यक्ष नेपत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री जी से सादर निवेदन किया है कि मैं, शालिनी सिंह पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष (जनता दल यूनाइटेड) उत्तर प्रदेश, आपके संज्ञान में बाँदा जनपद से जुड़ा एक अत्यंत गंभीर प्रकरण लाना चाहती हूँ।

दिनांक 25 अप्रैल 2025 को बाँदा के महाराणा प्रताप चौक सहित अन्य स्थानों पर बाँदा सदर एसडीएम श्री अमित शुक्ला द्वारा गरीब सब्जी एवं फल विक्रेताओं के तराजू व माल जबरन उठवा लिए गए।
इसके पश्चात 26 अप्रैल 2025 को पुनः सब्जी विक्रेताओं के तराजू एवं सामग्री उठाई गई।

जब विक्रेता तथा मैं स्वयं मंडलायुक्त चित्रकूट धाम मंडल कार्यालय में न्याय की मांग हेतु पहुँचे, तब मंडलायुक्त महोदय के हस्तक्षेप के उपरांत आंशिक रूप से तराजू एवं सामग्री वापस कराई गई।
किन्तु 25 अप्रैल को जब्त किए गए तराजू अभी तक वापस नहीं किए गए हैं, जिससे विक्रेताओं को आर्थिक एवं मानसिक क्षति हुई है।

इस दौरान, जब मैंने विक्रेताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु अधिकारियों से प्रश्न किया, तो दिनांक 26 अप्रैल 2025 को महाराणा प्रताप चौक पर बाँदा सदर एसडीएम श्री अमित शुक्ला ने मुझे खुलेआम धमकी दी कि यदि मैं गरीब विक्रेताओं के हक की बात करती रही, तो मेरे खिलाफ कार्रवाई कर मुझे जेल भेज देंगे।

यह धमकी देना न केवल एक संवैधानिक उल्लंघन है, बल्कि यह प्रशासनिक अधिकारियों के अनुशासनहीन व्यवहार का भी प्रतीक है। यह तथ्य मेरे पास प्रमाण के रूप में सुरक्षित हैं।

सूत्रों के अनुसार, बाँदा नगर पालिका अध्यक्ष तथा उनके पुत्र द्वारा भी रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं से प्रतिदिन अवैध वसूली कराए जाने की गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
स्थानीय नागरिकों के कथनों के अनुसार, प्रत्येक विक्रेता से प्रतिदिन ₹100 की अवैध वसूली की जाती है, जिसके लिए नगर निकाय के कुछ अधिकारियों पर दबाव बनाया जाता है।
यह संपूर्ण प्रकरण स्वतः एक उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच का विषय है।
यदि जांच में उक्त आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

मेरी माँगें इस प्रकार हैं:

1. बाँदा सदर एसडीएम श्री अमित शुक्ला के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष जांच कराते हुए निलंबन एवं कठोर कार्रवाई की जाए।

2. बाँदा नगर पालिका अध्यक्ष एवं उनके पुत्र की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच कराई जाए एवं दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

3. जब्त किए गए सभी विक्रेताओं के तराजू, सामग्री आदि पूर्णतः वापस कराई जाए तथा हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति की जाए।

4. भविष्य में गरीब रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के उत्पीड़न को रोकने हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

5. जनहित में आवाज उठाने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

 

अतिरिक्त निवेदन:
यदि बाँदा सदर एसडीएम श्री अमित शुक्ला एवं अन्य संबंधित अधिकारी जनसेवा के अपने संवैधानिक दायित्वों से विमुख होकर भ्रष्टाचार और जनता के शोषण से भी तृप्त नहीं हो पा रहे हैं, तो उन्हें स्वेच्छा से जनपद बाँदा की जनता से आर्थिक सहायता (भीख) माँग लेनी चाहिए।
जनपद बाँदा के जागरूक नागरिक उनकी सहायता हेतु दान देने को तत्पर होंगे, किन्तु गरीबों की मेहनत की कमाई को अवैध वसूली के माध्यम से लूटे जाने का हम कदापि समर्थन नहीं कर सकते।

भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है। यदि कोई अधिकारी इस संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन करता है, तो उनके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई आवश्यक है, जिससे शासन की निष्पक्ष, पारदर्शी और गरीब समर्थक छवि बनी रहे।

निवेदन:
माननीय मुख्यमंत्री जी से करबद्ध प्रार्थना है कि उपरोक्त सभी बिंदुओं पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई करते हुए गरीब जनता के हितों की रक्षा करें।

सादर,
भवदीया
शालिनी सिंह पटेल
प्रदेश उपाध्यक्ष, जनता दल यूनाइटेड – उत्तर प्रदेश

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