**मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयागराज दौरा 📢
प्रयागराज 22/11/25*माघ मेला-2026 की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण, विभागों को सख्त निर्देश — “तैयारी में कोई कमी न रहे”**
प्रयागराज*उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला-2026 की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। सुबह पुलिस लाइन हेलीपैड पर आगमन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री का काफिला सीधे संगम तट के विभिन्न सेक्टरों की ओर बढ़ा, जहाँ उन्होंने एक-एक कर सभी महत्वपूर्ण स्थलों का बारीकी से मुआयना किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि माघ मेला देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के आस्था-केन्द्र का प्रतीक है, इसलिए तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संगम तट पर मुख्यमंत्री का दौरा — घाटों, जेटी, टेंट सिटी का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले त्रिवेणी संगम पहुँचकर गंगा-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने सेक्टर-वार विभाजन के अनुसार मेला क्षेत्र में बनाई जा रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण शुरू किया।
निरीक्षण के प्रमुख बिंदु:
नए घाटों की मजबूती, सुरक्षा रेलिंग और स्नान सीढ़ियों की स्थिति
जेटी का निर्माण, फेरी पॉइंट और जल-पुलिस की तैनाती
भूमि समतलीकरण, जल निकासी और अप्रोच मार्गों का कार्य
टेंट सिटी—रहने, भोजन, शौचालय, जल-लाइन और बिजली कनेक्शन की प्रगति
श्रद्धालु आवागमन के मुख्य मार्ग, बैरिकेडिंग और पाथवे
मुख्यमंत्री ने कई स्थानों पर रुककर अधिकारियों से सीधे सवाल किए—“यह कार्य कितने दिन में पूरा होगा?”, “गुणवत्ता नियंत्रण कैसे हो रहा है?”, “रात में बिजली और सुरक्षा की क्या व्यवस्था है?”
अधिकारियों ने उन्हें विस्तृत प्रस्तुति दी, जबकि मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कुछ बदलाव के निर्देश दिए।
“समय-सीमा तय करें, और उसी के अनुसार काम पूरा करें” — मुख्यमंत्री
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पाया कि कुछ सेक्टरों में समतलीकरण का काम तेज़ी मांग रहा है। उन्होंने मेला प्राधिकरण, नगर निगम, PWD, जल निगम, सिंचाई विभाग और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा—
“डेडलाइन फिक्स करें और उसे हर हाल में पूरा करें।”
“श्रद्धालुओं को असुविधा हो, यह किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं।”
“किसी भी विभाग में धीमी गति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
“सफाई, पेयजल और प्रकाश—ये तीन प्राथमिकताएँ सर्वाधिक महत्वपूर्ण।”
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा — भीड़-नियंत्रण, ड्रोन नजर, पुलिस-प्वॉइंट सक्रिय
मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर लंबी चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि:
मेला क्षेत्र में CCTV कवरेज को 100% किया जाए।
ड्रोन निगरानी के लिए समर्पित टीम बनाई जाए।
हर सेक्टर में पुलिस चौकी, मोबाइल पेट्रोलिंग और रूट डायवर्जन प्लान तैयार हो।
फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, NDRF और मेडिकल टीम हमेशा सतर्क रहें।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों की भीड़-चुनौतियों से सीख लेकर इस बार एक डायनेमिक क्राउड-मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जाए।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक — विभागों को मिली प्राथमिकता सूची
स्थलीय निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने मेला प्राधिकरण, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, नगर आयुक्त, स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन विभाग और अन्य सभी संबंधित विभागों के साथ विस्तृत बैठक की।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा—
“माघ मेला की अंतरराष्ट्रीय पहचान है, इसलिए व्यवस्था मानक के अनुसार और समय से पहले पूरी होनी चाहिए।”
“जहाँ कार्य लंबित हैं, वहाँ अतिरिक्त श्रमिक और मशीनरी लगाई जाए।”
“पानी-बिजली की लाइनों का प्री-टेस्टिंग अनिवार्य है।”
“डिजिटल सेवाएँ—मेला ऐप, हेल्पलाइन, सूचना स्क्रीन—समय से चालू रहे।”
बैठक के अंत तक मुख्यमंत्री ने विभाग-वार समय-सीमा तय कर रिपोर्टिंग फॉर्मेट जारी करने के निर्देश दिए।
संतों और स्थानीय नागरिकों से संवाद — सुझावों को तुरंत नोट किया गया
दौरान-निरीक्षण मुख्यमंत्री की कई जगहों पर साधु-संतों, तीर्थ पुरोहितों, सेवादारों और मेला क्षेत्र के स्थानीय व्यापारियों से मुलाकात हुई।
उन्होंने उनसे तैयारियों पर प्रतिक्रिया ली। कई स्थलों पर साधुओं ने मार्ग सुधार, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल पर सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने वहाँ मौजूद अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा योजना — नए सूचना केंद्र, एम्बुलेंस रूट और विश्राम-स्थल
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि इस बार:
तीर्थयात्रियों के लिए रात-दिन सहायता केंद्र बनाए जाएँ।
मुख्य मार्गों पर डिजिटल सूचना बोर्ड लगाए जाएँ।
सभी चिकित्सा शिविरों को 24×7 उपलब्धता के लिए तैयार किया जाए।
खोया-पाया केंद्र, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था मजबूत की जाए।
दिसंबर तक बड़े निर्माण कार्य पूरे — जनवरी में अंतिम फिनिशिंग
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि:
दिसंबर तक सभी बड़े निर्माण और अप्रोच रोड का काम पूरा हो जाए।
जनवरी में केवल फिनिशिंग, पेंटिंग, सफाई और अंतिम परीक्षण की प्रक्रिया चले।
जिन विभागों का कार्य 90% पूरा है, उनको फास्ट-ट्रैक मोड पर शेष काम पूरा करने को कहा गया है।
निष्कर्ष: तैयारियों को मिली नई गति,
प्रशासन में बढ़ी सक्रियता
मुख्यमंत्री के इस दौरे का माघ मेला व्यवस्थाओं पर स्पष्ट प्रभाव दिखा।
निरीक्षण और समीक्षा के बाद विभागीय अधिकारियों में तेजी आई है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मेला क्षेत्र की तस्वीर और स्पष्ट रूप से निखरकर सामने आएगी।
यह माघ मेला 2026 के लिए तैयारियों को नई दिशा और गति देने वाला मुख्यमंत्री का सबसे महत्वपूर्ण दौरा माना जा रहा है।

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