August 30, 2025

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प्रतापगढ़ 28अगस्त 25*दलालों के भरोसे चल रहे हैं कुकुरमुत्तों की तरह उगे नर्सिंग होम*

प्रतापगढ़ 28अगस्त 25*दलालों के भरोसे चल रहे हैं कुकुरमुत्तों की तरह उगे नर्सिंग होम*

प्रतापगढ़ 28अगस्त 25*दलालों के भरोसे चल रहे हैं कुकुरमुत्तों की तरह उगे नर्सिंग होम*

मेडिकल कॉलेज के आसपास व शहर के कोने कोने में बने नर्सिंग होम गरीबों का खून चूसने का अड्डा, दलालों की चांदी

प्रतापगढ़। डॉ सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज के सामने व आसपास तथा शहर के कोने कोने में बरसाती कुकुरमुत्तों की तरह उगे नर्सिंग होम जो कि ज्यादातर किराये के बिल्डिंगों में हैं इसमें बैठने वाले डॉ भी पार्ट टाइम किराये के हैं। ये भोले भाले आम लोगों का खून इस तरह चूस रहे हैं जैसे सरसों से तेल निकालकर खली छोड़ दिया जाए। सबसे बड़ी बात ये है कि ये सभी नर्सिंग होम दलालों की बदौलत चल रहे हैं। कुछ दलालों का तो प्रति मरीज के हिसाब से कमीशन है तो कुछ ज्यादा घाघ दलालों का मरीजों से लूटे गए भारी रकम से परसेंटेज में हिसाब किताब तय है। इन दलालों में महिलाएं ज्यादा पुरुष कम हैं। जो नर्सिंग होम दलालों को अधिक खुश कर ले जाए उसके नर्सिंग होम में मरीजों की ज्यादा भीड़ है। इन नर्सिंग होम में आने वाले मरीजों को मरीज के रूप में नहीं शिकार के रूप में देखा जाता है। यहां मरीजों को खतरा दिखाकर धमकाया जाता है फिर उनसे मोटी रकम वसूल की जाती है। दवा के नाम पर पर्चे में अत्यधिक मूल्य छपी दवाइयां लिखी जाती है यहां तक की एक सौ रुपए के इंजेक्शन पर 1500/- रुपए मूल्य भी छपा हो सकता है। नर्सिंग होम में ही इनका अपना मेडिकल स्टोर भी होता है।इसके अलावा जांच के नाम पर, बेड के नाम पर भारी रकम वसूला जाता है। भोले भाले लोग अपने परिजनों की जान बचाने की गरज से क़र्ज़ लेकर जमीन जायदाद बेचकर लुट रहे हैं। कोई बोलने वाला नहीं ये हालात देखकर नाज़िश प्रतापगढ़ी साहब का वो शेर याद आ जाता है -“सबके मुंह में हैं जुबानें बोलता कोई नही” कौन बोलेगा ये तरक्की युग है सब अपनी तरक्की में लगे हैं। जो बोलने लायक है उसकी जेब गरम कर दी जाती है, “जेब हुई गरम ज़ुबान हुई बंद चांपो राजा शकरकंद।” व्यवस्थाएं चक्की की तरह हो गईं हैं और आम आदमी गन्ने की तरह इसमें निचुड़कर खूजी बन रहा है। हालांकि शहर में कुछेक नर्सिंग होम ऐसे भी हैं जो डाक्टरों की काबिलियत और मरीजों के प्रति उनके सेवाभाव से चल रहे हैं ऐसे नर्सिंग होम बहुत कम संख्या में हैं ऐसे कुछ नर्सिंग होम के मालिक स्वयं एक काबिल डाक्टर हैं।

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