पूर्णिया बिहार21मार्च25* सरकारी और निजी स्वास्थ्य चिकित्सकों की कार्यशाला आयोजित।
मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आज तक चैनल पूर्णिया बिहार की रिपोर्ट।
बैठक में निजी स्वास्थ्य चिकित्सकों को मातृ स्वास्थ्य संकेतकों की समय पर रिपोर्टिंग करने का दिया गया निर्देश निजी स्वास्थ्य सुविधा पूर्णिया जिला का महत्वपूर्ण हिस्सा, मातृ स्वास्थ्य संबंधित जानकारी पोर्टल पर रिपोर्ट करते हुए निजी चिकित्सकों को समर्थन बढाने का किया गया आग्रह : सिविल सर्जन
निजी स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा मातृ और शिशु स्वास्थ्य की जानकारी एचआईएमएस पोर्टल पर दर्ज करने की दी गई जानकारी
-मातृ स्वास्थ्य रिपोर्टिंग के लिए 05 निजी अस्पतालों को मिला अवार्ड
सरकारी अस्पतालों में वोलेंटियर सर्विस द्वारा प्रसव पूर्व जांच सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 05 चिकित्सिका को किया गया सम्मानित
पूर्णिया बिहार। मातृ स्वास्थ्य भारत में चिंता का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है, विशेष रूप से पूर्णिया, बिहार जैसे ग्रामीण और अर्ध-शहरी जिलों में। मातृ और शिशु स्वास्थ्य में सुधार के उद्देश्य से विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य पहलों के बावजूद, अपर्याप्त प्रसव पूर्व देखभाल (ANC), प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों की कम रिपोर्टिंग और सरकारी कार्यक्रमों में निजी स्वास्थ्य सुविधाओं की अपर्याप्त भागीदारी जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के पूरक के रूप में निजी स्वास्थ्य चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका को संबोधित करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग, पूर्णिया द्वारा सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया की अध्यक्षता में होटल सेंटर प्वाइंट, भट्ठा भजार पूर्णिया में निजी चिकित्सकों की एक व्यापक बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य मातृ स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच सहयोग को बढ़ाना था। विशेष रूप से, स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) पोर्टल पर मातृ स्वास्थ्य के प्रमुख संकेतकों की रिपोर्टिंग में सुधार और हर महीने की 09 और 21 तारीख को आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) गतिविधियों में निजी चिकित्सकों की स्वैच्छिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित करना रहा। सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एसीएमओ डॉ आर पी मंडल, फोगसी प्रेसिडेंट डॉ विभा झा, आईएमए प्रेसिडेंट डॉ सुधांशु कुमार, आईएमए सेक्रेटरी डॉसुभाष कुमार सिंह, डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास, डीसीएम संजय कुमार दिनकर, डीपीसी डॉ सुधांशु शेखर, डीएम&ई आलोक कुमार के साथ जिले के विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सक-चिकित्सिकाएँ, जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) कोऑर्डिनेटर, यूनिसेफ जिला सलाहकार और फोगसी एवं इंडियन मेडिकल एससोसिएसन (आईएमए) के अन्य अधिकारी, पिरामल स्वास्थ्य जिला लीड चंदन कुमार, पीएसआई जिला कार्यक्रम प्रबंधक मयंक राणा सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी और निजी स्वास्थ्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
मातृ स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने में निजी स्वास्थ्य चिकित्सकों की भूमिका पर दिया गया जोर :
आयोजित कार्यशाला में निजी अस्पतालों द्वारा पूर्णिया जिले में मातृ स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने में निजी स्वास्थ्य चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर सहयोग प्रदान करने का सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया द्वारा उपस्थित सभी चिकित्सक-चिकित्सिकाओं से निवेदन किया गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने निजी क्षेत्र से एचएमआईएस रिपोर्टिंग में अंतराल और इन अंतरालों को पाटने के लिए सहयोगी प्रयासों के संभावित प्रभाव पर प्रकाश डाला। सिविल सर्जन डॉ. कनौझिया ने कहा कि “निजी स्वास्थ्य सुविधाएं जिले की आबादी के एक महत्वपूर्ण हिस्से की सेवा कर रही हैं, फिर भी मातृ स्वास्थ्य डेटा में उनका योगदान कम है। हमें अपनी प्रगति का आकलन करने और अपनी रणनीतियों में सुधार करने के लिए सटीक डेटा की आवश्यकता है। मैं सभी निजी चिकित्सकों से डेटा रिपोर्टिंग और पीएमएसएमए में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करके अपना समर्थन बढ़ाने का आग्रह करता हूं।”
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जानकारी एचएमआईएस पोर्टल पर दर्ज करने की दी गई जानकारी :
आयोजित कार्यशाला में जिला यूनिसेफ सलाहकार शिवशेखर आनंद द्वारा सभी चिकित्सकों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जानकारी एचएमआईएस पोर्टल पर रिपोर्ट करने की जानकारी दी गई। इसमें सभी चिकित्सकों को मातृ और बाल स्वास्थ्य में एचएमआईएस का महत्व, रिपोर्ट किए जाने वाले मातृ स्वास्थ्य संकेतकों की श्रेणियाँ में शामिल एएनसी पंजीकरण, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाएँ, संस्थागत प्रसव, मातृ मृत्यु आदि जानकारी दी गई। इस दौरान सभी चिकित्सकों को एचएमआईएस पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि का चरण-दर-चरण प्रदर्शन कर जानकारी उपलब्ध कराई गई। यूनिसेफ जिला सलाहकार द्वारा ने इस बात पर विशेष प्रकाश डाला गया कि वर्तमान में, 30% से भी कम निजी सुविधाएँ नियमित रूप से डेटा रिपोर्ट कर रही हैं, और इस कवरेज को बेहतर बनाने के लिए समन्वित प्रयास की आवश्यकता है।
फोगसी हमेशा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार के लिए रहा प्रतिबद्ध :
इस दौरान फोगसी प्रेसिडेंट डॉ. विभा झा ने निजी चिकित्सकों को शामिल करने में जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि
“फोगसी हमेशा से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए प्रतिबद्ध रहा है। निजी स्त्री रोग विशेषज्ञों और प्रसूति विशेषज्ञों के पास सरकारी कार्यक्रमों का समर्थन करने की विशेषज्ञता और इच्छाशक्ति है। हालाँकि, संचार को सुव्यवस्थित करने, रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाने और विश्वास बनाने की आवश्यकता है।” कार्यशाला में डॉ विभा झा द्वारा प्रस्ताव दिया गया कि फोगसी पूर्णिया द्वारा एचएमआईएस और पीएमएसएमए दिशा-निर्देशों पर निजी चिकित्सकों के लिए नियमित क्षमता-निर्माण कार्यशालाएँ आयोजित करना, तकनीकी मुद्दों को हल करने में सदस्यों की सहायता के लिए एक हेल्पडेस्क स्थापित करने पर विशेष पहल किया जाएगा।
डॉ. सुधांशु कुमार ने भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) पूर्णिया की सरकारी पहलों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि “निजी चिकित्सकों के रूप में, हम सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों में योगदान देने के लिए जिम्मेदार हैं। पीएमएसएमए एक नेक काम है, और आईएमए यह सुनिश्चित करेगा कि हमारे सदस्य हर महीने की 9 और 21 तारीख को सक्रिय रूप से भाग लें। हम अपने सदस्यों को नियमित रूप से एचएमआईएस पोर्टल पर मातृ स्वास्थ्य डेटा की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।” उन्होंने प्रगति की निगरानी और शिकायतों के समाधान के लिए आईएमए, फोगसी और जिला स्वास्थ्य सोसायटी के प्रतिनिधियों वाली एक संयुक्त समन्वय समिति बनाने का सुझाव दिया।
मातृ स्वास्थ्य रिपोर्टिंग के लिए 05 निजी अस्पतालों को मिला अवार्ड :
कार्यशाला में वर्ष 2024-25 के दौरान निजी अस्पतालों द्वारा मातृ-शिशु स्वास्थ्य रिपोर्टिंग के लिए जिले के 05 निजी अस्पतालों को 300 से अधिक सामान्य और सी-सेक्शन संस्थागत प्रसव रिपोर्टिंग के लिए अवार्ड दिया गया। इसमें 555 प्रसव के लिए रजा अस्पताल को पहला स्थान, 423 प्रसव के लिए नीलम नर्सिंग होम को दूसरा स्थान, 402 प्रसव के लिए फातमा अस्पताल को तीसरा स्थान, 376 प्रसव के लिए हर्ष अस्पताल को चौथा स्थान और 373 प्रसव के लिए सद्भावना सेवा अस्पताल को पांचवा स्थान के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवार्ड उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा निजी चिकित्सिकाओं द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृव अभियान के दौरान वेलेंटियरी सर्विस के लिए सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की जांच और चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के लिए अवार्ड दिया गया। इसमें शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माता चौक के लिए डॉ विभा झा को, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूर्णिया कोर्ट के लिए डॉ अंजू किरण को, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मधुबनी के लिए डॉ अनुराधा सिन्हा को, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माता चौक के लिए डॉ आरती सिन्हा को, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माधोपाढा के लिए डॉ रानी मेहनाज सिद्दीकी को और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूर्णिया सिटी के लिए डॉ दिव्यांजली सिंह को पुरस्कृत किया गया। सभी चिकित्सिकाओं द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृव अभियान के दौरान हर माह के 09 और 21 तारीख को संबंधित अस्पताल में चिकित्सकीय सहायता में सहयोग प्रदान करते हुए गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच और चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया है।
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