March 6, 2026

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पूर्णिया बिहार17मई25*हाजी जैनुद्दीन अहमद की सबसे बड़ी दोलत इंसाफ ,इज्जत और समाज में अमन : निसार अहमद

पूर्णिया बिहार17मई25*हाजी जैनुद्दीन अहमद की सबसे बड़ी दोलत इंसाफ ,इज्जत और समाज में अमन : निसार अहमद

पूर्णिया बिहार17मई25*हाजी जैनुद्दीन अहमद की सबसे बड़ी दोलत इंसाफ ,इज्जत और समाज में अमन : निसार अहमद

मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आज तक न्यूज़ चैनल पूर्णिया बिहार की ख़ास खबर

पूर्णिया बिहार। पूर्णिया जिले के प्रखंड डगरूआ बखरी गांव विधानसभा बायसी हलका के एक बेमिसाल और नेहायत ही‌ अज़ीम शख्सियत हाजी जैनउद्दीन अहमद की निधन की खबर पूरे इलाके को ग़म के चादर में लपेट दिया है। उनकी उम्र 115 वर्ष की थी लेकिन उन वर्षों में जो इन्सानियत की रोशनी ,खिदमत ,सदाकत शराफ़त की‌ खुशबूदार महक बिखरे आज भी देश के फिजाओं में महक रही है
उक्त बातें पूर्णिया जिले के बायसी विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी सह सीमांचल के अज़ीम शख्सियत जो किसी के परिचय के मोहताज नहीं है मोहम्मद निसार अहमद ने कही
मोहम्मद निसार अहमद ने कहा कि स्वर्ग जैनुद्दीनअहमद कुल्हैया बिरादरी के एक अज़ीम कदावर ‌ एवं इंसाफ पसंद बुजुर्ग थे बल्कि तमाम बेरादरयों बीच दयानंत इंसानियत का चलता फिरता नमूना थे ,स्वर्गीय जैनउद्दीन की मजलिसों में बैठने वाला हर इंसान खुद को महफूज व सुरक्षा महसूस करते थे गांव के छोटे बड़े हर मामला का हाल उनके एक इशारे पर निपटारा हो जाता था पुलिस व अदालत का नौबत नहीं आती थी
मोहम्मद निसार अहमद ने बताया कि इंसाफ अगर चेहरा होता तो वह हाजी जन्मदिन अहमद साहब का चेहरा होता उनका दिल हर वक्त समाजसेवी खलके खुदा की भलाई के लिए धड़कता रहता था ,स्वर्ग जैनुद्दीनअहमद ‌ बेशुमार गरीबों, यतीमू , बेसहारों की मदद मैं गुजार दी लेकिन कभी उसकी चर्चा नहीं किया स्वर्ग जैनुद्दीन की सादगी ,सखावत और इल्म दोस्ती आने वाली नस्लों के लिए एक मीनार की नूर के मानिंद है
मोहम्मद निसार अहमद ने जो ग़म के माहौल में डूबे हुए हैं ने कहा कि स्वर्ग जैनुद्दीन अहमद हमारे बीच नहीं रहे लेकिन उनके आत्मा रुह आज भी जिंदा है और कयामत की सुबह तक जिंदा रहेगा। आज स्वर्ग के घर ही नहीं पूरा समाज यतीम हो गया है आज स्वर्ग हाजी जैनुद्दीन का मुकाम पाना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन भी है ।स्वर्ग जन्मदिन के जनाजे की नमाज़ में हजारों हकीकत मंद सभी जाति के लोगों का सैलाब से यह सबित हो गया के वह कितने अज़ीम शख्सियत इंसाफ पसंद खुशमिजाज इंसान थे । हम सब मिलजुल कर उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ करें।

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