April 3, 2026

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पूर्णिया बिहार 4 फरवरी 26*पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर रखे अहम संशोधन प्रस्ताव

पूर्णिया बिहार 4 फरवरी 26*पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर रखे अहम संशोधन प्रस्ताव

पूर्णिया बिहार 4 फरवरी 26*पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर रखे अहम संशोधन प्रस्ताव

पूर्णिया बिहार से मोहम्मद इरफान कामिल की खास रिपोर्ट यूपी आज तख

पूर्णिया बिहार : पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान पूर्णिया के साथ कोसी-सीमांचल क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में बिहार के कोसी-सीमांचल, विशेष रूप से पूर्णिया जिले से जुड़े बुनियादी और रणनीतिक विकास मुद्दों का उल्लेख न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
सांसद ने सरकार से मांग की कि इस क्षेत्र के लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने सबसे पहले पूर्णिया में पटना उच्च न्यायालय की दूसरी पीठ (सेकेंड बेंच) की स्थापना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कोसी-सीमांचल के लाखों लोगों को न्यायिक सुविधाओं के लिए पटना की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन अभिभाषण में इस दिशा में आवश्यक संवैधानिक, कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने का कोई उल्लेख नहीं किया गया।
सांसद पप्पू यादव ने रेलवे परियोजनाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोसी-सीमांचल में नई रेल लाइनों के निर्माण, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण, आरओबी-आरयूबी निर्माण तथा लंबी दूरी की ट्रेनों की शुरुआत के लिए कोई स्पष्ट योजना या समयसीमा अभिभाषण में नहीं रखी गई।
सांसद ने कृषि और स्थानीय संसाधनों पर आधारित एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु विशेष वित्तीय पैकेज की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पूर्णिया और आसपास के जिलों में औद्योगिक क्लस्टर, साझा सुविधा केंद्र, विपणन सहायता, कौशल विकास और निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता है।
कोसी नदी के व्यापक प्रबंधन और विकास परियोजना को लेकर भी सांसद ने विशेष संशोधन प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि कोसी क्षेत्र हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलता है, इसलिए वैज्ञानिक इंजीनियरिंग, तटबंधों को मजबूत करने, बहुउद्देशीय जलाशय, नियंत्रित जल प्रवाह प्रणाली, सिंचाई विस्तार, जलविद्युत उत्पादन तथा प्रभावित आबादी के पुनर्वास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा आवश्यक है।

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