पूर्णिया बिहार 24 मार्च25* विश्व यक्ष्मा दिवस पर जिले के दो पंचायत को मिला टीबी मुक्त पंचायत का प्रमाणपत्र।
मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आज तक चैनल पूर्णिया बिहार की रिपोर्ट।
पूर्णिया पूर्व प्रखंड के चांदी पंचायत और रुपौली प्रखंड के धूसर टिकापट्टी पंचायत घोषित हुआ टीबी मुक्त पंचायत
जिलाधिकारी द्वारा दोनों पंचायत जनप्रतिनिधियों को जारी किया गया टीबी मुक्त पंचायत का प्रमाणपत्र
वर्ष 2024 के दौरान चांदी पंचायत में 0.49 प्रतिशत और धूसर टिकापट्टी में 0.72 प्रतिशत लोग मिले टीबी से ग्रसित
सालभर में पंचायत स्तर पर 1000 जनसंख्या में 01 या उससे कम टीबी ग्रसित मरीज मिलने पर संबंधित पंचायत को माना जाता है टीबी मुक्त पंचायत
विश्व टीबी दिवस (24 मार्च) पर जिले के 140 टीबी ग्रसित मरीजों को बीएमडब्ल्यू वेंचर द्वारा उपलब्ध कराया गया फूड बास्केट
पूर्णिया बिहार।विश्व यक्ष्मा दिवस पर जिले के 02 पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत घोषित करते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा संबंधित पंचायत जनप्रतिनिधियों को टीबी मुक्त पंचायत का प्रमाणपत्र और महात्मा गांधी की कास्य मूर्ति देकर सम्मानित किया गया। 02 टीबी मुक्त पंचायत में पूर्णिया पूर्व प्रखंड का चांदी पंचायत और रुपौली प्रखंड का धूसर टिकपट्टी पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत का प्रमाणपत्र जिलाधिकारी द्वारा जारी किया गया। जिलाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा दोनों पंचायत के मुखिया जनप्रतिनिधियों को जिला समाहरणालय के जिला पदाधिकारी कार्यालय में टीबी मुक्त पंचायत का प्रमाणपत्र और महात्मा गांधी की कास्य मूर्ति देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ साथ दोनों पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत बनाने के लिए टीबी ग्रसित मरीजों की तत्काल जांच और उपचार सुविधा उपलब्ध कराने में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए दोनों प्रखंड के प्रभारी चिकित्सिका पदाधिकारियों को भी जिलाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा प्रशस्ति पत्र जारी किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा स्वास्थ्य अधिकारियों को आगे भी संबंधित पंचायत को टीबी मुख्य पंचायत बने रहने के लिए लोगों को टीबी के कारण और लक्षण की जानकारी के प्रति जागरूक करने और ग्रसित टीबी मरीज उपलब्ध होने पर तत्काल जांच और उपचार सुविधा उपलब्ध कराने का आवश्यक निर्देश दिया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया, डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास, टीबी विशेषज्ञ पदाधिकारी डॉ दिनेश कुमार, डीपीएस राजेश कुमार शर्मा, पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शरद कुमार, रुपौली प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नीरज कुमार, एसटीएस, एसटीएलएस और एलटी उपस्थित रहे।
चांदी पंचायत में 0.49 प्रतिशत और धूसर टिकापट्टी में 0.72 प्रतिशत लोग मिले टीबी से ग्रसित :
टीबी मुक्त पंचायत के लिए पिछले एक साल से अधिक समय तक 1000 जनसंख्या में 01 या उससे कम व्यक्ति के टीबी ग्रसित होने पर संबंधित पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया जाता है। पूर्णिया जिले में पूर्णिया पूर्व प्रखंड के चांदी पंचायत और रुपौली प्रखंड के धूसर टिकपट्टी पंचायत में 1000 जनसंख्या में 01 से कम व्यक्ति के टीबी ग्रसित पाए जाने पर संबंधित पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया है। सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि वर्ष 2024 के दौरान पूर्णिया पूर्व के चांदी पंचायत में 0.49 प्रतिशत लोगों को जबकि रुपौली प्रखंड के धूसर टिकपट्टी पंचायत में 0.72 प्रतिशत लोगों को टीबी बीमारी से ग्रसित पाया गया। टीबी ग्रसित पाए जाने पर चांदी पंचायत के 100 प्रतिशत मरीजों द्वारा जबकि धूसर टिकपट्टी के 92 प्रतिशत मरीजों द्वारा तत्काल चिकित्सकीय सहायता का लाभ उठाते हुए टीबी बीमारी से सुरक्षित किया गया। वर्तमान में दोनों पंचायत में के कुल जनसंख्या में 01 प्रतिशत से कम व्यक्ति टीबी बीमारी से ग्रसित पाए जा रहे हैं। टीबी ग्रसित पाए जाने पर भी संबंधित प्रखंड के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है जिससे कि संबंधित व्यक्ति टीबी बीमारी से तत्काल सुरक्षित हो जाते हैं। जिले के अन्य प्रखंड में भी पंचायत स्तर पर टीबी मुक्त पंचायत घोषित करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान और ग्रसित मरीजों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है जिससे कि भविष्य में सभी लोग टीबी बीमारी से सुरक्षित रह रहेंगे।
सालभर में पंचायत स्तर पर 1000 जनसंख्या में 01 या उससे कम टीबी ग्रसित मरीज मिलने पर संबंधित पंचायत को माना जाता है टीबी मुक्त पंचायत :
टीबी विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ दिनेश कुमार ने बताया कि टीबी मुक्त अभियान के लिए साल भर में पंचायत स्तर पर 1000 जनसंख्या में 01 या उससे कम टीबी ग्रसित मरीज पाए जाने पर संबंधित पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी प्रखंड में पंचायत स्तर पर टीबी संक्रमित मरीज की पहचान के लिए जांच कैम्प का आयोजन किया जाता है। इस दौरान क्षेत्र के टीबी के लक्षण दिखाई देने वाले मरीजों की ट्रूनेट मशीन द्वारा जांच की जाती है। जांच के बाद टीबी ग्रसित पाए जाने पर संबंधित मरीज की तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्रदान करते हुए विशेष जांच के लिए जिला यक्ष्मा केंद्र रेफर किया जाता है। जिला यक्ष्मा केंद्र में टीबी ग्रसित पाए जाने पर संबंधित मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। लगातार उपचार और आवश्यक पोषण का उपयोग करने पर सम्बंधित मरीज बहुत जल्द टीबी बीमारी से सुरक्षित हो जाते हैं। टीबी ग्रसित पाए जाने पर सम्बंधित मरीज के आसपास के लोगों की भी टीबी जांच कराई जाती है जिससे कि क्षेत्र के अन्य लोगों को टीबी ग्रसित होने के लक्षण दिखाई देने से पहले उपचार उपलब्ध कराते हुए संबंधित व्यक्ति को टीबी से सुरक्षित किया जा सके।
विश्व टीबी दिवस (24 मार्च) पर जिले के 140 टीबी ग्रसित मरीजों को बीएमडब्ल्यू वेंचर द्वारा उपलब्ध कराया गया फूड बास्केट :
विश्व यक्ष्मा दिवस (24 मार्च) के अवसर पर जिला यक्ष्मा केंद्र में जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास के आग्रह पर बीएमडब्ल्यू वेंचर, पटना द्वारा जिले के 140 टीबी मरीजों को गोद लेते हुए उपचार के दौरान पोषण सुविधा का विशेष ध्यान रखने के लिए फूड बास्केट का वितरण किया गया। आईएसई राकेश रंजन श्रीवास्तव की पहल पर बीएमडब्ल्यू वेंचर द्वारा राजकीय चिकित्सिका महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) पूर्णिया के जिला यक्ष्मा केंद्र में टीबी ग्रसित मरीजों को बेहतर पोषण सुविधा में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया द्वारा फूड बास्केट का वितरण किया गया। गौरतलब हो कि बीएमडब्ल्यू वेंचर पटना द्वारा पिछले माह 28 फरवरी को भी जिले के 100 टीबी मरीजों को फूड बास्केट का वितरण किया गया था। इस दौरान जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास द्वारा आईएसई राकेश रंजन श्रीवास्तव से अनुरोध किया गया था कि बीएमडब्ल्यू वेंचर द्वारा विश्व यक्ष्मा दिवस पर 140 टीबी ग्रसित मरीजों को पोषण सुविधा उपलब्ध कराने में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। इस संदर्भ में बीएमडब्ल्यू वेंचर के जीएम नीरज बंगुर द्वारा कंपनी एमडी विजय कुमार कशोरपुरिया से सहमति प्राप्त करते हुए विश्व यक्ष्मा दिवस के उपलक्ष्य में 140 टीबी ग्रसित मरीजों को फूड बास्केट सुविधा उपलब्ध कराई गई। बीएमडब्ल्यू वेंचर द्वारा जिला यक्ष्मा अधिकारी के अनुरोध पर 140 टीबी ग्रसित मरीजों को फुड बास्केट उपलब्ध कराना कंपनी की सामाजिक कार्य के प्रति संवेदनशीलता दर्शाता है। राज्य के अन्य कंपनियों को भी बीएमडब्ल्यू वेंचर की तरह संवेदनशील होते हुए टीबी ग्रसित मरीजों को गोद लेते हुए ग्रसित होने तक उन्हें आवश्यक पोषण सुविधा उपलब्ध कराने में सहयोग प्रदान करना चाहिए जिससे कि गरीब टीबी ग्रसित मरीज को पोषण सुविधा उपलब्ध हो सके। आवश्यक पोषण सुविधा का लाभ उठाते हुए संबंधित मरीज बहुत जल्द टीबी बीमारी को मात देकर स्वास्थ्य और सुरक्षित हो सके।
More Stories
दिल्ली04अप्रैल25*दिल्ली से एक ऐसी खबर आई है.. जिसे सुनकर आप हैरान रह जायेंगे?
औरैया/कानपुर देहात04अप्रैल25*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर औरैया एवं कानपुर देहात की प्रमुख खबरें
कानपुर नगर 03 अप्रैल, 2025*रमईपुर गांव (कानपुर) में देश का पहला लेदर पार्क बनाने जा रही है।