लखनऊ 8 अक्टूबर 26*लखनऊ में स्वर्गीय रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर भव्य आयोजन:
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और CM योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, सामाजिक योगदान को किया नमन
लखनऊ से आजाद सिंह यादव की रिपोर्ट यूपीआजतक
लखनऊ: भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी लखनऊ में एक भव्य स्मृति एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों, राजनीतिक हस्तियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य रूप से शामिल हुए।
कार्यक्रम स्थल पर पहुँचते ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय पासवान के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
वंचितों और शोषितों की मुखर आवाज थे पासवान: CM योगी
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वर्गीय रामविलास पासवान के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामविलास पासवान केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में वंचितों, दलितों, पिछड़ों और शोषितों की सबसे सशक्त आवाज थे। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत की और पांच दशकों से अधिक समय तक राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहकर आम जनमानस के हितों के लिए निरंतर संघर्ष किया।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि पासवान जी ने विभिन्न सरकारों में रहते हुए कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली और हर पद पर रहते हुए अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा को प्राथमिकता दी। चाहे उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय हो, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण हो या दूरसंचार, उनके द्वारा शुरू की गई ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ जैसी दूरगामी योजनाओं ने देश के करोड़ों गरीबों के जीवन को आसान बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका पूरा जीवन सामाजिक न्याय, सौहार्द और समरसता की एक जीवंत पाठशाला है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा मिलती रहेगी।
सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के प्रतीक: राज्यपाल
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि रामविलास पासवान का व्यक्तित्व बेहद सरल, सहज और सर्वसमावेशी था। वे वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर हर दल और वर्ग के नेताओं के साथ आत्मीय संबंध बनाए रखने के लिए जाने जाते थे। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और हमेशा संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अग्रणी भूमिका निभाई।
राज्यपाल ने यह भी उल्लेख किया कि स्वर्गीय पासवान महिलाओं के उत्थान, युवाओं के रोजगार और समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों के सम्मान के लिए सदैव प्रयासरत रहे। उनका जाना भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं है।
गणमान्य हस्तियों और कार्यकर्ताओं की भारी उपस्थिति
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, शासन-प्रशासन के आला अधिकारी और लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने स्वर्गीय नेता के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प दोहराया।
वक्ताओं ने अपने वक्तव्यों में पासवान जी के संसद में दिए गए ऐतिहासिक भाषणों और जनहितैषी निर्णयों का स्मरण किया। पूरे सभागार में “रामविलास पासवान अमर रहें” के नारों के साथ माहौल भावुक और गरिमामय बना रहा। अंत में आयोजकों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया।
लखनऊ से आज़ाद सिंह यादव की विशेष रिपोर्ट, यूपी आजतक
More Stories
फिरोजाबाद8 अक्टूबर 2026*ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सपा का हल्लाबोल,*
हरिद्वार8 अक्टूबर 26*कांग्रेस ने मनाया ‘लोकतंत्र का काला दिवस’: देवपुरा चौक पर जोरदार प्रदर्शन,
रायगड 8 अक्टूबर 26*नाना पाटेकर यांच्या निधनाची सोशल मीडियावर खोटी अफवा: व्हायरल पोस्टमागील सत्य आणि त्यांचा जीवनप्रवास