नई दिल्ली 22दिसम्बर 25*परिवार, शादी, सिर्फ शारीरिक संतुष्टि का जरिया नहीं है। यह समाज की एक इकाई है-मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि परिवार, शादी, सिर्फ शारीरिक संतुष्टि का जरिया नहीं है। यह समाज की एक इकाई है।
भागवत ने आगे कहा कि परिवार वह जगह है जहां एक व्यक्ति समाज में रहना सीखता है। लोगों के मूल्य वहीं से आते हैं। उन्होंने रविवार को कोलकाता में RSS के कार्यक्रम में यह बात कही।
परिवार के बारे बात करते हुए भागवत ने कहा कि बच्चों की निश्चित संख्या या शादी की उम्र तय करने का कोई फॉर्मूला नहीं है, लेकिन रिसर्च से पता चलता है कि तीन बच्चे आदर्श हो सकते हैं, और शादी 19 से 25 साल की उम्र के बीच की जा सकती है।

More Stories
उन्नाव 18 जनवरी 26**परिवार परामर्श केन्द्र व महिला हेल्पडेस्क के अथक प्रयासों से पति-पत्नी के 26 विवादित जोड़ो की सकुशल की गयी विदाई*
कौशाम्बी 18 जनवरी 26**आरोग्य स्वास्थ्य मेले में 1253 मरीजों का चिकित्सको द्वारा किया गया उपचार*
कौशाम्बी 18जनवरी 26**युवा और किसान विरोधी है भाजपा सरकार ~ विजय प्रकाश*