*नई दिल्ली 02सितम्बर25*अमेरिका नहीं भारत यूक्रेन में लाएगा शांति… SCO में पुतिन-मोदी मुलाकात से दुनिया को बड़ी उम्मीद, ट्रंप को चौंकाएंगे दोनों नेता!*
*डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से यूक्रेन में युद्ध रोकने की कोशिश में लगे हैं और अब तक इसमें नाकाम रहे हैं। पुतिन से मोदी की मुलाकात इस जंग को रोक सकती है।*
*क्या मेलानिया ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार के लिए होंगी नॉमिनेट? अमेरिकी नेता के दावे से आया नया ट्विस्ट*
* अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार की इच्छा जताई है।
* फ्लोरिडा की रिपब्लिकन प्रतिनिधि अन्नपॉलिना लूना ने मेलानिया ट्रंप को 2025 में यूक्रेन से जुड़े शांति प्रयासों में भूमिका के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करने का दावा किया है।
* उन्होंने कहा कि मेलानिया रूस के साथ अमेरिका के संवाद में शामिल रही हैं।
* रूस और यूक्रेन के बीच संभावित शांति के प्रगति के पीछे मेलानिया एक प्रमुख कारण हो सकती है।
* उन्होंने कहा कि मेलानिया ट्रंप ने रूस के साथ अमेरिका डायलॉग में महत्वपूर्ण निभाई है।
* उन्होंने ये भी संकेत दिया कि मेलानिया यूक्रेन संघर्ष से संबंधित अमेरिकी मध्यस्थता में आगे भी शामिल हो सकती है।
* इस मीटिंग के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने पुतिन को मेलानिया द्वारा लिखा गया पत्र सौंपा था। इस पत्र के माध्यम से मेलानिया ने पुतिन से युद्ध से प्रभावित बच्चों की सुरक्षा के लिए अपील की थी।
*गौरतलब है कि इसी महीने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच मुलाकात हुई थी। इस बैठक में यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की गई। हालांकि, बैठक के दौरान कोई निष्कर्ष नहीं निकला।*
■ शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के लिए इस समय दुनिया के कई बड़े नेता चीन के तिनजियान में है। भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी चीन पहुंचे हैं।
■ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी प्रेसिडेंट वोलोडिमीर जेलेंस्की, दोनों से दो बार बात की है।
■ मोदी ने चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में पुतिन से मिलने से पहले जेलेंस्की से बात की थी। इससे एक संकेत मिला है कि ट्रंप नहीं बल्कि मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कर सकते हैं।
■ प्रधानमंत्री मोदी ने 8 अगस्त को पुतिन से यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर बात की। इसके बाद उन्होंने 11 अगस्त को जेलेंस्की से इस पर चर्चा की। ट्रंप से मुलाकात के बाद पुतिन ने 18 अगस्त को मोदी से फोन पर बात की। इसके बाद 30 अगस्त को जेलेंस्की ने मोदी को फोन करके पुतिन से मिलने की इच्छा जताई और तत्काल युद्धविराम की मांग की। ये दिखाता है कि दोनों पक्षों से ट्रंप के मुकाबले मोदी का संपर्क ज्यादा है।
■ मोदी और पुतिन चीन में मिलने के बाद रूसी नेता इस साल दिसंबर में भारत आएंगे। ये दिखाता है कि रूस और भारत के बीच संपर्क लगातार है।
*अमेरिका ने हालांकि भारत को रूस से दूर करने के लिए भारी टैरिफ लगाए हैं लेकिन इनके आगे दिल्ली झुकी नहीं है। दूसरी ओर जेलेंस्की भी ये समझते हैं कि पुतिन को मनाने में ट्रंप के बजाय रूस के पुराने सहयोगी भारत के पीएम ज्यादा सही व्यक्ति हो सकते हैं।*

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