नई दिल्ली १७ जनवरी २६ * श्री नरेंद्र मोदी जी, माननीय प्रधानमंत्री, को सम्बोधित, श्रीमान उप संभागीय न्यायाधीश डीसी कार्यालय, कंझावला, दिल्ली-110081 को किसानो की ज्वलंत समस्याओ का एक ज्ञापन सौंपा
नई दिल्ली * अमेरिका के साथ एफटीए पर हस्ताक्षर कर कृषि व डेयरी क्षेत्रों को खोलने के खिलाफ एसकेएम की घेतावनी । यदि एनडीए सरकार संसद के बजट सत्र में विद्युत विधेयक 2025 मारित करती है तो अगले ही दिन तत्काल विरोध कार्रवाइयों का आहवान विद्युत विधेयक 2025, वीबी ग्रामग अधिनियम 2025, बीज विधेयक 2025 लथा चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने की मांग 16 जनवरी को अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस’ विजय तक निरंतर, संयुक्त, अखिल आरतीय संघर्ष हाड़ा करने की शपथ 26 जनवरी को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हेतु जन मार्च, 12 फरवरी को आम हड़ताल के समर्थन में विशाल प्रदर्शन, 19 जनवरी की लखीमपुर खीरी में जनसमा ।
नई दिल्ली स्थित एच. के. एम. सुरजीत भवन में संपन्न संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक ने एक प्रस्ताव पारित कर एनडीए सरकार को अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताकार कर कृषि और हरी क्षेत्री को खोलने के खिलाफ चेतावनी दी।
[11:45 am, 17/1/2026] Manoj Hthrs: प्रस्ताव में किसानों और आम जनता से आह्वान किया गया कि वे अमेरिकी साम्राज्यवाद और कॉपरिट ताकतों के दबाव में देश के हितों से समझौता करने के खिलाफ एकजुट हो। यह भी घोषित किया गया कि किसान 2020-21 के ऐतिहासिक किसान आंदोलन से भी बड़े, व्यापक और उय संघर्ष छेड़ेंगे।
बैठक ने आह्वान किया कि यदि एनडीए सरकार आगामी बजट सत्र में विद्युत विधेयक 2025 को पारित करती है तो किसान और मजदूर पूरे देश में तत्काल उग्र विरोध कार्रवाइयाँ संगठित करें। हन्नान मौल्लाह ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। अध्यक्षमंडल में जोगिंदर सिंह उगराहां, राजन खशीरसागर, पी. कृष्णप्रसाद, प्रेम सिंह गहलावत, आशीष मिलल, जोगिंदर सिंह मैने, सिराजुद्दीन खेडी, दलजीत सिंह और अशोक बैठा शामिल थे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 16 जनवरी, अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस’ पर किसानों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत जिला स्तर पर प्रदर्शन, ब्लॉक/ग्राम स्तर पर जनसभाएँ तथा नए वर्ष की यह शपथ ली जाएगी विजय तक निरंतर, संयुक्त, अखिल भारतीय संघर्ष का निर्माण और इसके साथ विद्युत विधेयक 2025, वीबी ग्रामग अधिनियम 2025, बीज विधेयक 2025 तथा चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने की मांग उठाई आएगी।
मांग-पत्र में दीर्घकालिक मांगे भी शामिल हैं-सभी फसलों के लिए एमएसपी @ C2-50% के कानून का निर्माण और सुनिश्चित खरीदः किसानों को कर्ज के जाल से मुक्त करने तथा किसान आत्महत्याओं को समाप्त करने के लिए समय ऋण माफी, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (LARR, Act 2013) कार क्रियान्वयन, तथा जीएसटी अधिनियम में संशोधन कर कराधान शक्तियों को बहाल करते हुए राज्यों के संघीय अधिकारों की रक्षा-वर्तमान 31% के स्थान पर सेस व सरचार्ज सहित विभाज्य पूल का 60% हिस्सा राज्यों को दिया जाए।
बैठक ने 26 जनवरी 2026, गणतंत्र दिवस को उपर्युक्त सभी मांगी के समर्थन में मनाने तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विरोध का अधिकार और यूएपीए सहित दमनकारी कानूनी को निरस्त करने के संवैधानिक अधिकारी की पुष्टि करने का निर्णय लिया। लोकतांत्रिक अधिकारी पर पक्लाक में एनडीए सरकार से मांग की गई कि वह तुरंत सभी राजनीतिक बंदियों को
[11:45 am, 17/1/2026] Manoj Hthrs: जिनमें लद्दाख के सोनम वांगचुक तथा वे सभी शामिल हैं जो पाँच वर्षों से अधिक समय से बिना मुकदमे के जेलों में बंद हैं। राज्य नेतृत्व आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड को प्रभावित किए बिना, दोपहर में ‘जन मार्च’ के रूप में विरोध कार्यक्रम तय करेगा तथा मजदूरों, कृषि एवं ग्रामीण मजदूरों के साथ समन्वय कर ट्रैक्टर परेड, वाहन रैलियाँ, मोटरसाइकिल रैलियाँ और विशाल प्रदर्शन आयोजित करेगा।
बैठक ने 12 फरवरी 2026 की आम हड़ताल के आह्वान का समर्थन किया, जिसमें चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने की मांग है। किसानों से उस दिन सड़कों पर उतरकर विशाल प्रदर्शन संगठित करने का आह्वान किया गया। विस्तृत कार्यक्रम राज्यों में तय किए जाएंगे। बैठक ने मजदूरों के प्रति बिना शर्त समर्थन की घोषणा की और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। एसकेएम 19 जनवरी को लखीमपुर खीरी में एक जनसभा आयोजित करेगा।
बैठक ने एसकेएम की सभी सदस्य संगठनों और राज्य समन्वय समितियों से आह्वान किया कि वे ब्लॉक और ग्राम स्तर पर व्यापक संघर्ष और अभियान चलाएँ, मेहनतकश जनता पर हो रहे कॉर्पोरेट हमलों की श्रृंखला को समझाएँ और दृढ़ संकल्प के साथ लंबे समय तक चलने वाले, विशाल अखिल भारतीय संघर्षों की तैयारी करें। अगली राष्ट्रीय परिषद की बैठक 24 फरवरी को हरियाणा में होगी और यदि एनडीए सरकार मजदूरों, किसानों तथा कृषि व ग्रामीण मजदूरों के नेतृत्व के साथ वास्तविक मांगों पर चर्चा शुरू करने को तैयार नहीं होती है, तो ठोस कार्ययोजना तय की जाएगी।
भवदीय,
दलजीत सिंह दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष
Satish
सतीश नम्बरदार दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष-भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) 9899639897
विजय डबास दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष 8459/3138/k
सुरेश छिल्लर प्रभारी उत्तराखंड और राजस्थान 7065076886

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