January 19, 2026

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झांसी20दिसम्बर 25*शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला गरमाया, सामाजिक कार्यकर्ताओं को धमकाने का आरोप

झांसी20दिसम्बर 25*शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला गरमाया, सामाजिक कार्यकर्ताओं को धमकाने का आरोप

झांसी20दिसम्बर 25*शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला गरमाया, सामाजिक कार्यकर्ताओं को धमकाने का आरोप

झांसी। जनपद झांसी के तहसील अंतर्गत मौजा सिमरधा (पाल कॉलोनी) स्थित शासकीय भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण एवं अनधिकृत निर्माण को लेकर मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को अनुस्मारक पत्र देकर अतिक्रमणकर्ताओं तथा संलिप्त अधिकारियों पर धमकी एवं दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार मौजा सिमरधा की आराजी संख्या 1265 एवं 1266, जो खतौनी में ‘टौरिया’ के नाम से दर्ज शासकीय भूमि है, पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में दिनांक 02 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर कार्यवाही नगर निगम के द्वारा की जा रही थी किंतु अब तक कोई ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। अनुस्मारक पत्र में कहा गया है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति, उनके सहयोगी तथा इस प्रकरण की जांच से जुड़े कुछ नगर निगम अधिकारी, अवैध कब्जे के विरुद्ध आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं पर मानसिक दबाव, धमकी एवं भय का वातावरण बना रहे हैं। उद्देश्य यह बताया गया है कि सामाजिक कार्यकर्ता इस मामले को आगे न बढ़ाएं और जनहित में उठाई जा रही आवाज को दबाया जा सके। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे जनहित, पर्यावरण संरक्षण एवं शासकीय संपत्ति की रक्षा के लिए विधिसम्मत तरीके से प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। इसके बावजूद यदि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, तो यह न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि भ्रष्टाचार एवं मिलीभगत की ओर भी संकेत करता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, अतिक्रमणकर्ताओं और उनसे जुड़े अधिकारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को किसी भी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही भविष्य में शासकीय भूमि पर इस प्रकार के अवैध कृत्यों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है। मामले को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। अनुस्मारक पत्र देने के दौरान एड. बीएल भास्कर, नरेन्द्र कुशवाहा, मानसिंह आदि उपस्थित रहे है।