February 23, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

कौशाम्बी27अगस्त25*रेलवे का अंडरग्राउंड पुल बना नदी तालाब हजारों लोग परेशान*

कौशाम्बी27अगस्त25*रेलवे का अंडरग्राउंड पुल बना नदी तालाब हजारों लोग परेशान*

कौशाम्बी27अगस्त25*रेलवे का अंडरग्राउंड पुल बना नदी तालाब हजारों लोग परेशान*

*कमीशनखोर इंजीनियर के मंदबुद्धि का खामियाजा भुगत रहे हैं हजारों परिवार के लोग*

*कड़ा कौशांबी* सिराथू तहसील क्षेत्र के गोरियों महुआरी गानपा के पास करोड़ों की लागत खर्च करके रेलवे के नीचे अंडरग्राउंड पुल बनाया गया था लेकिन बड़े-बड़े इंजीनियर और अधिकारियों के मंदबुद्धि के चलते रेलवे के अंडर ग्राउंड पुल में पानी भर जाने के बाद यह नदी और तालाब का शक्ल ले लेता है अगर अधिकारी और इंजीनियरों ने पूरी सार्थकता के साथ योजना बनाई होती तो अंदर ग्राउंड पुल में पानी न भर जाता और सरकार का कई करोड रुपए बर्बाद ना होता इसके अलावा भी जिले के विभिन्न क्षेत्र में अंडर ग्राउंड पुल बुद्धिमान इंजीनियरों ने बनाया है जो नदी तालाब बन चुका है

अंडर ग्राउंड पुल में पानी भर जाने के बाद इलाके में हजारों परिवार का आवागमन बंद हो जाता है इस पार से उस पर का संपर्क टूट जाता है दर्जनों गांव के लाखों लोग प्रभावित होते हैं नदी तालाब बन जाने के बाद अंदर ग्राउंड पुल में जहां पैदल चलना मुश्किल होता है वाहन नहीं चल पाते हैं स्कूली बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं बीमार अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं गरीब कमजोर घर की राशन सामग्री खरीदने बाजार नहीं जा पाते हैं जिससे लोगों के सामने मुसीबत खड़ी हो जाती है लेकिन पुल बनाने वाले इंजीनियर और अधिकारी कितने बुद्धिमान थे पुल में पानी भर जाने के बाद उनकी बुद्धिमत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है पुल के नीचे पानी भर जाने के बाद लोगों को 5 किलोमीटर दूर जाकर के सफर तय करना पड़ता है आखिर जिस इंजीनियर और अधिकारी के समय में इस अंडरग्राउंड पुल को बनाया गया है उसकी योग्यता डिग्री और बुद्धिमता की जांच होनी चाहिए कि जिस अंडरग्राउंड पुल के निर्माण में करोड़ों रुपए सरकार की रकम खर्च की गई है वह पुल जनता के उपयोग में नहीं आ सका बल्कि नदी तालाब बन गया है तो आखिर इस इंजीनियर के पास किस तरह की डिग्री थी या फिर यह कमीशन खोर इंजीनियर था जिससे अंडरग्राउंड पुल निर्माण में कम कमीशन में इसका ज्यादा ध्यान लगा था जिससे पुल निरर्थक साबित हुआ है

 

Taza Khabar