January 14, 2026

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कौशाम्बी05अप्रैल*यूपीआजतक न्यूज़ से कौशाम्बी की खास ख़बरे

कौशाम्बी05अप्रैल*यूपीआजतक न्यूज़ से कौशाम्बी की खास ख़बरे

[4/5, 15:54] +91 99191 60604: *भट्ठों में कायम है बंधुआ मजदूरी बदले में मिलता है गाली गलौज*

*दलित मजदूरों को परिवार सहित बंधक बनाकर वर्षों से दबंग भट्ठा मालिक करवा रहा है मजदूरी*

*कौशाम्बी* बंधुआ मजदूरी पर रोक लगाने का केंद्र प्रदेश सरकार चाहे जितना निर्देश दें लेकिन दबंगों के आगे यह निर्देश लागू होता नहीं दिख रहा है मजदूरों को झांसा देकर उन्हें बंधुआ बना लिया जाता है उनसे काम कराया जाता है और जब मजदूर अपनी मेहनत की मजदूरी मांगते हैं तो उनके साथ गाली गलौज मारपीट जान से मारने की धमकी देकर उन्हें चुप करा दिया जाता है आए दिन ईट भट्ठा में मजदूरों के साथ बंधुआ मजदूर जैसे जुल्म ज्यादती भट्ठा मालिक कर रहे हैं लेकिन भट्ठा मालिकों के जुल्म ज्यादती और अत्याचार पर उनके विरुद्ध कार्यवाही नहीं हो पाती है जिससे गरीब कमजोर मजलूम मजदूरों को न्याय नहीं मिलता दिख रहा है न्याय के लिए थाना चक्कर लगाते लगाते मजदूर हताश हो जाते हैं और मजबूर होकर मजदूर अपनी मजदूरी मांगना छोड़ देते हैं अब इस प्रथा को बंधुआ मजदूरी नहीं कहेंगे तो अब बंधुआ मजदूरी की क्या परिभाषा होगी ताजा मामला चरवा थाना क्षेत्र के काजू स्थित एक ईंट भट्टे का है

काजू गांव निवासी गुलाब कली अपने पति मुन्नीलाल और बच्चों के साथ काजू के ईट भट्टे में मजदूरी करने गए थे उसे मजदूरी देने का लालच देकर वर्षों से काम कराया जा रहा है लेकिन मजदूरी के नाम पर केवल इतना पैसा दिया गया है कि वह परिवार का सूखा रूखा पेट पाल सकें मजदूरों के प्रत्येक महीने मजदूरी बकाया हो रही है लेकिन उनके मजदूरी का ना तो हिसाब होता है और ना बकाया रकम मजदूरों को भट्ठा मालिक द्वारा दिया जाता है बार-बार भट्ठा मजदूर अपने बकाया मजदूरी की मांग कर रहे हैं होली के त्यौहार पर घर जाने को मजदूरों ने ईट भट्ठा मालिक सौरभ सिंह और छोटू सिंह से अपने बकाया मजदूरी की मांग की जिस पर दबंग भट्ठा मालिकों ने गुलाब कली उसके पति और बच्चों को गाली गलौज करते हुए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया भट्टे में मौजूद अन्य मजदूर इस आतंक अत्याचार को तमाशबीन बनकर सुनते देखते रहे मजदूरों ने बकाया मजदूरी मांगने के लिए जैसे ही दोबारा मुंह खोला उन्हें जातिसूचक शब्दों से जलील करते हुए गोली मार देने की भट्ठा मालिकों ने धमकी दी जिससे भट्ठा मजदूर भयभीत हो गए और मजबूर होकर चुप हो गए

मामले की सूचना भट्ठा मजदूरों ने चरवा थाना पुलिस को दिया जिस पर थाना पुलिस ने भट्ठा मालिक सौरभ सिंह और छोटू सिंह को थाने बुलाया थाने पहुंचे छोटू सिंह और सौरभ सिंह ने फिर थाने के अंदर भट्ठा मजदूरों को बेखौफ तरीके से गाली गलौज करना शुरू कर दिया आतंक मचाने वाले भट्ठा मजदूरों की जुबान रोकने का साहस थाने के किसी पुलिसकर्मी का नहीं हुआ काफी देर तक मजदूरों को भट्ठा मालिक गाली गलौज करते रहे उसके बाद थानेदार ने भट्ठा मालिक को बुलाकर 3 दिन में बकाया रकम देने का निर्देश दिया लेकिन 3 दिन बीत जाने के बाद भी भट्ठा मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल सकी अपनी मजदूरी मांगने पर गाली गलौज देने वाले भट्ठा मालिको का यह कारनामा आए दिन किसी न किसी मजदूर के ऊपर गुजरता है महीनों फिर बीत जाने के बाद मजबूर भट्ठा मजदूर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और शिकायती पत्र देखकर पूरा वृतांत बताया और भट्ठा मजदूर ने मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की मांग की है अब सवाल उठता है कि बंधुआ मजदूरी की तर्ज पर मजदूरी कराने वाले इन आतंकी भट्ठा मालिकों पर कानून के लंबे हाथ पहुंच पाएंगे या फिर थाना पुलिस इनके चंद रुपयों की लालच में झूठी रिपोर्ट लगाकर इनको संरक्षण देती रहेगी

[4/5, 15:55] +91 96959 61020: *तेज लपटों के साथ जल गई एक बीघे गेहूं की फसल*

*अग्नि कांड के समय मौके पर क्यों नहीं पहुंच पाता है अग्निशमन दल बड़ा सवाल*

ओसा कौशाम्बी मंझनपुर तहसील क्षेत्र के नगर पालिका मंझनपुर अंतर्गत ओसा के रोशन लाल भगत के गेहूं के खेत में मंगलवार की दोपहर अचानक आग लग गयी जिससे किसान का एक बीघा गेहूं जलकर खाक हो गया कड़ी मेहनत के बाद ग्रामीणों ने खेत पर लगी आग को काबू पाया तब तक रोशन लाल भगत के खेत में गेहूं के बोझ जलकर खाक हो गए लेकिन अन्य खेतो में आग फैलने से ग्रामीणों ने रोक लिया है जिससे अन्य किसानों के खेत जलने से बच गए हैं जिससे अन्य किसानों ने राहत की सांस ली है

मंझनपुर तहसील अंतर्गत ओसा गांव में मंगलवार की दोपहर को अचानक गेहूं के खेत में आग लग गई गेहूं का खेत तेज लपटों के साथ जलने लगा मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग को दूसरे खेत में जाने से बचा दिया हालांकि इस अग्निकांड की घटना में एक किसान रोशन लाल भगत का एक बीघा गेहूं जलकर खाक हो गया आग लगने का कारण बगल में ही महुआ की बाग में पत्तो में आग लगाई गई थी और पत्तो की आग पूरी तरह से बुझी नहीं थी जिससे धीरे-धीरे आग भड़की और बगल के खेत में पकड़ लिया गनीमत यह रही कि रोशन लाल भगत का खेत 2 दिन पहले ही गेहूं काटा था और गेहूं हटाया नहीं गया था जिससे पहुंचे ग्रामीणों ने गेहूं को आग से दूर किया जिससे दूसरे खेतों में आग लगने से बचाव हो गया बगल में मोहनलाल भगत का खेत था उसमें भी आग पकड़ लिया था लेकिन भारी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने आग को पानी डालकर डंडे से पीट कर बुझा लिया हालांकि दमकल को सूचना फोन द्वारा दिया गया था लेकिन आग बुझने के बाद भी दमकल अग्निकांड के घटनास्थल पर नहीं पहुंचा है