February 10, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

कौशाम्बी २९ जन्वरी ६ * 20 किलोमीटर दूर कार्यालय में बैठकर एसआईआर में छूटे मतदाताओं के नाम का सत्यापन कर रहे अधिकारी

कौशाम्बी २९ जन्वरी ६ * 20 किलोमीटर दूर कार्यालय में बैठकर एसआईआर में छूटे मतदाताओं के नाम का सत्यापन कर रहे अधिकारी

बूढ़े बिकलांग महिलायें कैसे जायेंगे एसआईआर फार्म लेकर तहसील अधिकारियों ने बुजुर्गों व विकलांगों को कर दिया परेशान

नेवादा कौशाम्बी घर-घर जाकर एस आई आर फार्म के जरिए मतदाताओं का सत्यापन करने का निर्देश दिया है कि एसआईआर फॉर्म भरने के बाद जिन मतदाताओं के नाम छूट गए हैं उनका नाम बढ़ाने के लिए भी घर-घर जाकर सत्यापन करने का निर्देश दिए गए हैं लेकिन चायल तहसील क्षेत्र के नेवादा विकासखंड अंतर्गत औंधन सहित कई गांव के सत्यापन की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी चायल को मिली है लेकिन खंड विकास अधिकारी चायल घर जा जाकर सत्यापन नहीं कर रहे हैं बल्कि वह अपने कार्यालय में बैठकर एसआईआर में छूटे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची कंप्लीट करने के जुगाड़ में लगे हैं जिससे एक और जहां फर्जी नाम बढ़ने की संभावना है वही बूढ़े विकलांग कमजोर कैसे खंड विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे जिससे उनका नाम शामिल होने में समस्याएं दिखाई पड़ रही हैं खंड विकास अधिकारी चायल का यह कारनामा नियमों के विपरीत है और नियमों के विपरीत काम करने वाले खंड विकास अधिकारी पर यदि अफसर ने कार्यवाही नहीं की तो एसआईआर फॉर्म में मतदाताओं के नाम में गड़बड़ी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है

निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर का कार्य किया जा रहा है जो लगभग दो तीन माह से लोग परेशान हैं वहीं अधिकारी कुर्सी पर बैठ कर हुकूमत करने से बीडीओ बाज नहीं आते जिससे ग्रामीण तनाव पूर्ण जीवन जीने पर विवश हैं चायल तहसील के औधन गांव में बूढ़े विकलांग एवं महिलायें व अन्य लोग काफी परेशान हैं चायल ब्लाक के बिकास खन्ड अधिकारी दिनेश सिंह को इस गांव व अन्य गांव का ए ई आरो का पद गठन द्वारा किया है जो गांव गांव में आकर सर्वे करने के बजाय अपने दफ्तर बुलाते हैं जो सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बूढ़े बिकलांग एवं महिलायें व ग्रामीण 20 किलोमीटर दूर उनके कार्यालय कैसे जायेंगे साहब के दफ्तर कहां खोजेंगे जिससे बूढ़े व बिकलांग एवं ग्रामीण काफी परेशान दिखाई पड़ रहे हैं व तनाव पूर्ण जीवन जीने पर विवश हैं जिससे अधिकारियों पर ग्रामीण यह भी आरोप लगा रहे हैं कि अधिकारियों ने बूढ़े कमजोर लाचार बीमार मतदाताओं को मतदाता सूची सत्यापन के नाम पर परेशान कर दिया है

Taza Khabar