March 31, 2026

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कौशांबी 13 अप्रैल*उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी शर्मसार काली कमाई में मशगूल है उत्तर प्रदेश पुलिस का एक उपनिरीक्षक*

कौशांबी 13 अप्रैल*उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी शर्मसार काली कमाई में मशगूल है उत्तर प्रदेश पुलिस का एक उपनिरीक्षक*

कौशांबी 13 अप्रैल*उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी शर्मसार काली कमाई में मशगूल है उत्तर प्रदेश पुलिस का एक उपनिरीक्षक*

*योगी सरकार में उपनिरीक्षक के काले कारनामे की निष्पक्ष जांच हो पाएगी या फिर सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा*

*प्रयागराज।**उत्तर प्रदेश पुलिस में एक ऐसा उपनिरीक्षक है जो पुलिस वर्दी को शर्मसार कर अवैध वसूली में मशगूल है। गांजा, चरस, अफीम, शराब, सट्टा, जुआँ के अड्डा, लकड़ी माफियाओ से अवैध वसूली कर मालामाल होने वाले उपनिरीक्षक पर इसके पहले भी कई बार बदनुमा दाग लग चुका है लेकिन पुलिस अधिकारियों की मेहरबानी के चलते वसूली में लिप्त उपनिरीक्षक का बाल बांका नहीं हो पाता है। बताया जाता है कि यह उपनिरीक्षक इन दिनों प्रयागराज जनपद के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के पावर प्लांट चौकी में तैनात है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पूरे दिन अवैध शराब भट्टी संचालकों से धना दोहन करने में उपनिरीक्षक को महारत हासिल है। इलाके में अवैध तरीके से पत्थर का खनन हो रहा है, खनन माफियाओं से भी उपनिरीक्षक लाखों रुपए महीने की अवैध वसूली कर रहे हैं। पूर्व में इन पर कुख्यात डकैत को संरक्षण देने का भी आरोप लग चुका है। हालांकि, पुलिस की जांच पड़ताल के बीच यह आरोप लिखा – पढ़ी में बच गए हैं। डग्गामार वाहनों से वसूली कर अवैध वाहनों के संचालन को उपनिरीक्षक बढ़ावा दे रहे हैं।

नाबालिग चालकों के हाथ वाहन की स्टोरिंग होने से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं जिससे तमाम लोग मौत के मुंह में समा जाते हैं और तमाम लोग जीवन और मौत के बीच संघर्ष करते रह जाते हैं। इलाके में संगठित अपराध सिर चढ़कर बोल रहा है। संगठित अपराध में लगे माफिया बेखौफ हैं और वर्दी की आड़ में उपनिरीक्षक संगठित अपराध में लिप्त लोगों से वसूली में मशगूल हैं। गांजा, चरस, अफीम, शराब, सट्टा, जुआँ के अड्डा, लकड़ी माफियाओ से अवैध वसूली कर मालामाल होने वाले उपनिरीक्षक पर आखिर पुलिस आला अधिकारी क्यों मेहरबान हैं, यह बड़ी जांच का विषय है।

उपनिरीक्षक की अवैध वसूली की ओर पुलिस आला अधिकारियों की नजर नहीं पहुंच रही है। बताया जाता है कि उपनिरीक्षक पूर्व में कौशांबी जिले के कई थाना क्षेत्रों में तैनात रह चुका है जिस पर लगातार संगठित अपराधियों से सांठगांठ अवैध वसूली अपराधों को बढ़ावा देने का आरोप लगता रहा। अवैध वसूली की शिकायत पर उपनिरीक्षक पर पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई की थी लेकिन ऊंची पहुंच के कारण बच निकला। अभी भी उक्त उपनिरीक्षक के कारनामे में सुधार नहीं हो सका है। चर्चाओं पर जाएं तो एक स्वजातीय सांसद का संरक्षण प्राप्त उपनिरीक्षक के आतंक अत्याचार के चलते पुलिस वर्दी शर्मसार हो रही है।

लगातार पुलिस वर्दी को कलंकित कर काली कमाई में लगे उपनिरीक्षक सांसद को भी बदनाम करने से बाज नहीं आ रहा है लेकिन उसके बाद भी सांसद ने उपनिरीक्षक के कारनामे को संज्ञान लेकर उन्हें दंडित कराने का प्रयास नहीं किया है जिससे सांसद के भी कारनामे लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है। बताया जाता है कि काली कमाई से अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले उक्त उप निरीक्षक ने प्रयागराज शहर सहित अपने पैतृक गांव में आलीशान मकान बनवाया है। चित्रकूट मंडल में भी उक्त उपनिरीक्षक के पास अकूत संपत्ति एकत्रित है।

इतना ही नहीं कई जमीन प्लाट भी उक्त उप निरीक्षक ने परिजनों के नाम खरीदा है। बताया जाता है कि उक्त उपनिरीक्षक के पास बेनामी संपत्तियों का भंडार है। यदि उपनिरीक्षक के काली कमाई की कारनामे को योगी सरकार ने जांच कराई तो बेनामी संपत्तियों का खुलासा होना तय है लेकिन क्या पुलिस महकमे में संगठित अपराध को बढ़ावा देकर अपराधियों को संरक्षण देने वाले उपनिरीक्षक के कारनामे पर पुलिस महकमे में निष्पक्ष जांच हो पाएगी या फिर सब कुछ उपनिरीक्षक की तानाशाही गुंडई बेखौफ तरीके से योगी सरकार में भी चलती रहेगी यह योगी सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा है.

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