कानपुर29जून*स्वास्थ्य विभाग की नजरअंदाज से मेडिकल स्टोर वाले मनमाने तरीके से पैसा वसूलने में लगे हैं
कई दवाएं की कंपनियों ने लूट का जरिया अच्छा बनाया कई नामचीन कंपनी सिप्ला जैसी कंपनी ने अपनी
दवाओं पर एमआरपी तो ₹300 लिख रखी है पर मार्केट में
आसानी से ₹70 की मिल रही है कई मेडिकल स्टोर वाले तो ₹300 की भी बेच
देते हैं और कई मेडिकल स्टोर वाले ₹70 की और कई ₹100 की बेच देते हैं
आसानी से ऐसे में गरीब बेक्ति कैसे इलाज करा पायेगा
दरअसल मामला यह है कि लूट का असली गुनहगार कौन है
अधिकारियों की नजर अंदाज करने सें गरीबो को परेशानी का सामना करना पड़ता है ओर कई गरीबो अपनी जान तक गावनी पड़ जाती है
जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने
स्वास्थ्य विभाग को लेकर करोड़ों
रुपए खर्च किए इसके बावजूद भी जनता को इतनी महंगी दवा देनी पड़ती है

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