कानपुर12जून2023*शक्ति दीदी आएंगी आधी आबादी को न्याय दिलाएंगी।
– मिशन शक्ति में महिला पुलिस बीट को मिली जिम्मेदारी – ए.एन.एम. व आशाबहू के साथ टीम बनाकर गांव में जाना होगा -आधी आबादी को देनी है महिला सुरक्षा की पूरी जानकारी -तीन दिन में महिलाओं की समस्याओं का होगा निराकरण – हर समस्या के समाधान के लिए तय की गई समय सीमा
कानपुर: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था जितनी दुरूस्त है उतनी ही महिलाओं की सुरक्षा के लिये सरकार और पुलिस फिक्रमंद भी है। अब प्रदेश में रहने वाली आधी आबादी भी अपने लिये चलाई जा रही सरकारी योजना, कानून से प्रदत्त शक्तियों के बारे में अवगत होगी। महिला सुरक्षा के प्रति शासन की मंशा के अनुरूप अब मिशन शक्ति में महिला बीट पुलिस अधिकारियों को महिलाओं को जागरुक करने की नई जिम्मेदारी दी गई है। डीजीपी के निर्देश पर सोमवार 12 जून से 15 दिवसीय जागरुकता अभियान की शुरुआत हो गई।
महिला शक्ति के प्रति जागरुकता फैलाने के नये मिशन की शुरुआत पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर के वेस्ट जोन स्थित थाना बिठूर के हृदयपुर गांव से की गई। बिठूर क्षेत्र का चयन करने के पीछे उद्देश्य था कि यह धरती महिला शक्ति की प्रेरणा का स्वरूप मानी जाने वाली वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का गढ़ है, साथ ही इस स्थल का ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व भी है। महिला शक्ति मिशन की बागडोर एक बार फिर डीसीपी रवीना त्यागी के हाथों में दी गई। जिन्होंने प्रबल प्रतिक्रिया व महिला सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाएं शुरूकरके आधी आबादी को पूरी सुरक्षा देने में अहम भूमिका निभाई। जागरुकता कार्यक्रम में डीसीपी रवीना त्यागी और एडीसीपी महिला अपराध अमिता सिंह ने महिलाओं से बातचीत करके उन्हें उनकी शक्तियों व अधिकारों के प्रति जागरुक किया।
मिशन शक्ति के नये प्रारूप में महिला बीट प्रणाली की व्यवस्था को सुदृढ़ किये जाने व महिला बीट पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्यवाही के लिये जारी एसओपी के तहत अब बीट में तैनात महिला पुलिस को ए.एन.एम. व आशाबहू के साथ टीम बनाकर गांव-गांव में जाकर जनसंपर्क करना होगा जिस प्रकार ए.एन.एम. व आशाबहू महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करती है उसी प्रकार अब महिला बीट पुलिस अधिकारी महिलाओं की सुरक्षा, उनकी शक्तियों, उनके अधिकार और महिलाओं के लिये चलाई जा रही सरकारी योजनाओं के बारे में जागरुक करेंगी। इस बार महिला बीट अधिकारियों को नया नाम शक्ति दीदी” दिया गया। जो कि आधी आबादी से पूरी मित्रवत, भावनात्मक रूप से परिवार के सदस्य की तरह जुड़कर व्यवहार करेंगी ताकि महिला, बहन, बेटी सा जुड़ाव रखते हुए महिलाएं अपनी पूरी समस्या खुलकर बता सकें।
12 जून से शुरू हुए इस 15 दिवसीय अभियान के तहत होने वाले जनसंपर्क में महिला बीट पुलिस अधिकारियों के द्वारा किये जा रहे जागरुकता कार्यक्रम की मानीटरिंग पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। महिला बीट अधिकारी को गांव-गांव नजरा नजरा जाकर बैठकें करनी है और जागरुकता का प्रचार प्रसार करना है।
इस दौरान यदि कोई महिला अपनी समस्या के संबंधित शिकायत पत्र देती है तो उसे प्राप्त करके तत्काल समाधान किया जाएगा। किसी भी समस्या को तीन दिन के अंदर हल करना होगा यदि इस दौरान वह हल नहीं होती सहायक पुलिस आयुक्त को पांच दिन का समय रहेगा इसके बाद भी यदि समस्या हल नहीं होती तो 10 दिन में सुनवाई करते हुए समाधान किया जाएगा। जागरुकता अभियान में सरकारी योजना के साथ ही महिला सुरक्षा के लिये चल रही हेल्प लाइन 1090 1076, 181, 112, 1098 आदि हेल्पलाइन के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
इसके पहले मर्चेंट चैंबर हाल में मिशन शक्ति के कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा समझाने के लिये बैठक की गई बैठक करते हुए डीसीपी रवीना त्यागी ने महिला बीट पुलिस अधिकारियों को उनके कंधों पर रखी गई जिम्मेदारी का महत्व समझाया। इस दौरान सभी थाना प्रभारी, सहायक पुलिस आयुक्त व महिला बीट में काम करने वाली महिला पुलिस अधिकारी उपस्थित रहीं।

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