February 21, 2026

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कानपुर03अगस्त2023*पृथ्वी के इतिहास का अब तक का सबसे गर्म महीना रहा जुलाई,

कानपुर03अगस्त2023*पृथ्वी के इतिहास का अब तक का सबसे गर्म महीना रहा जुलाई,

कानपुर03अगस्त2023*पृथ्वी के इतिहास का अब तक का सबसे गर्म महीना रहा जुलाई,

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया की 81% आबादी ने झेली भीषण गर्मी*

जुलाई 2023 ने पृथ्वी के अब तक के सबसे गर्म महीने का खिताब हासिल किया है। मानव-जनित जलवायु परिवर्तन ने दुनिया भर में तापमान में अभूतपूर्व वृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

क्लाइमेट शिफ्ट इंडेक्स (सीएसआई) का उपयोग करते हुए क्लाइमेट सेंट्रल के एक विश्लेषण से इस संदर्भ में चौंकाने वाले आंकड़ों का पता चलता है। इसके मुताबिक दुनिया के 6.5 बिलियन से अधिक लोगों (वैश्विक आबादी का 81 प्रतिशत) ने जुलाई में कम से कम एक दिन ऐसे तापमान का अनुभव किया, जिसके उस स्तर तक होने कि संभावना जलवायु कारण तीन गुना थी

2 अरब लोगों ने जलवायु परिवर्तन का प्रभाव महसूस किया
लगभग 2 अरब लोगों ने जुलाई के 31 दिनों में से प्रत्येक दिन जलवायु परिवर्तन का तीव्र प्रभाव महसूस किया, जो समस्या की भयावहता को उजागर करता है। 10 जुलाई, 2023 को अत्यधिक गर्मी का वैश्विक जोखिम अपने चरम पर पहुंच गया, जिससे दुनिया भर में 3.5 बिलियन लोग प्रभावित हुए।

यहां तापमान वृद्धि का हुआ अहसास
क्लाइमेट सेंट्रल के विश्लेषण में 200 देशों में फैले ऐसे 4,700 शहरों को शामिल किया गया, जहां जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप जुलाई में अत्यधिक गर्मी का अनुभव हुआ। मेक्सिको, दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिणी यूरोप, फ्लोरिडा, कैरेबियन, मध्य अमेरिका, उत्तरी अफ्रीका, मध्य पूर्व और दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ देश तापमान वृद्धि से सबसे अधिक प्रभावित हुए।

Taza Khabar