February 10, 2026

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कानपुर नगर 9 फ़रवरी 26*कानपुर पुलिस एवं C3iHub के मध्य साइबर अपराध विवेचना एवं फॉरेंसिक प्रशिक्षण हेतु MoU

कानपुर नगर 9 फ़रवरी 26*कानपुर पुलिस एवं C3iHub के मध्य साइबर अपराध विवेचना एवं फॉरेंसिक प्रशिक्षण हेतु MoU

कानपुर नगर 9 फ़रवरी 26*कानपुर पुलिस एवं C3iHub के मध्य साइबर अपराध विवेचना एवं फॉरेंसिक प्रशिक्षण हेतु MoU

कानपुर नगर *साइबर अपराधों की प्रभावी विवेचना, डिजिटल फॉरेंसिक क्षमता में वृद्धि तथा फील्ड स्तर पर त्वरित और व्यावहारिक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर एवं IHUB NTIHAC FOUNDATION (C3iHub) के मध्य दिनांक 09 फरवरी 2026 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

C3iHub, जो कि कानपुर में स्थित एक विशेषीकृत साइबर सुरक्षा एवं फॉरेंसिक विशेषज्ञ संस्था है तथा IIT Kanpur से संबद्ध (Affiliated with IIT Kanpur) है, साइबर अपराध विवेचना, डिजिटल फॉरेंसिक एवं तकनीकी विश्लेषण के क्षेत्र में विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान करती है। इस MoU का प्रमुख फोकस C3iHub की विशेषज्ञ फॉरेंसिक एवं साइबर विवेचना क्षमता के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को लक्षित (Targeted) एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। समझौता ज्ञापन पर पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर की ओर से श्री श्रवण कुमार सिंह (आईपीएस), पुलिस उपायुक्त (अपराध) तथा C3iHub की ओर से डॉ. तनिमा हाजरा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) द्वारा हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर अंजली विश्वकर्मा (आईपीएस) अपर पुलिस उपायुक्त अपराध कमिश्नरेट कानपुर नगर एवं C3iHub के मुख्य रणनीति अधिकारी डॉ. आनन्द हांडा भी साक्षी के रूप में उपस्थित रहे।

MoU का मुख्य उद्देश्य

इस MoU का मूल उद्देश्य यह है कि साइबर अपराधों की विवेचना में पुलिस अधिकारियों को छोटे-छोटे, केंद्रित एवं समस्या-आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल उपलब्ध कराए जाएँ, जिससेः

डिजिटल फॉरेंसिक लैब (FSL) पर बढ़ते कार्यभार को कम किया जा सके

मोबाइल, डिजिटल डिवाइस एवं ऑनलाइन साक्ष्यों के परीक्षण में अनावश्यक विलंब न हो

फील्ड स्तर पर ही प्रारंभिक तकनीकी विश्लेषण संभव हो सके

टार्गेटेड ट्रेनिंग पर विशेष फोकस

इस सहयोग के अंतर्गत लंबे और सामान्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों के स्थान पर शॉर्ट, टार्गेटेड और केस-स्पेसिफिक मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है किः

अधिकारी डिजिटल साक्ष्यों की त्वरित पहचान, संरक्षण एवं विश्लेषण कर सकें

विभिन्न प्रकार के साइबर अटैक्स, संदिग्ध संचार, ई-मेल, डिजिटल ट्रेल एवं सिस्टम से जुड़ी कमजोरियों (Vulnerabilities) को प्रभावी रूप से समझा जा सके

किसी भी साइबर घटना, धमकी या डिजिटल इनपुट की स्थिति में तकनीकी ट्रेसिंग एवं विश्लेषण को सुदृढ़ किया जा सके

डिजिटल फॉरेंसिक क्षमता संवर्धन

MoU के अंतर्गत C3iHub द्वारा पुलिस अधिकारियों को निम्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जाएगाः

मोबाइल, कंप्यूटर एवं अन्य डिजिटल डिवाइस से संबंधित फॉरेंसिक विश्लेषण

डिजिटल साक्ष्य का सुरक्षित संग्रह, संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण

ई-मेल, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं नेटवर्क आधारित इनपुट का तकनीकी विश्लेषण

रैनसमवेयर, ऑनलाइन फ्रॉड, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराधों की विवेचना

इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्राथमिक स्तर पर ही सशक्त विवेचना संभव हो और मामलों के निस्तारण में समय की बचत हो।

इस MoU के माध्यम सेः

कानपुर पुलिस की साइबर अपराध विवेचना क्षमता में गुणात्मक सुधार होगा

डिजिटल फॉरेंसिक मामलों में तेजी, सटीकता एवं आत्मनिर्भरता बढ़ेगी

FSL पर निर्भरता कम होगी और मामलों के निस्तारण में होने वाला विलंब घटेगा

साइबर अपराधों पर समन्वित, तकनीकी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी

Taza Khabar