कानपुर देहात15जुलाई25*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर कानपुर देहात की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरे…
*सरकार की गलत नीतियों के कारण चौपट हो रहा मासूमों का भविष्य*
बैनर न्यूज़ ब्यूरो
कानपुर देहात। बात केवल इस तथ्य तक सीमित नहीं है कि सरकार ने पहले चरण में 10827 स्कूल मर्ज कर दिए हैं। यह बात उस अंतर की है जो शिक्षक की उम्मीदों और व्यवस्था की हकीकत के बीच खड़ा हो गया है। एक शिक्षक जो आज भी गांव के सबसे पिछड़े बच्चे को आगे लाने की उम्मीद लेकर जी रहा है, आज उसी को अपने ही सपनों की कब्रगाह पर खड़ा कर दिया गया है।
उसके पास कोई मंच नहीं जहां वह अपना दर्द दर्ज करा सके। कोई पत्र नहीं जिसमें उसकी व्यथा को स्थान मिले लेकिन फिर भी वह पूछना चाहता है क्या हम शिक्षकों से बार-बार यह कहना ठीक है कि हम इन बच्चों के अभिभावक हैं और फिर जब बच्चों का भविष्य दांव पर लगे तब हमें चुपचाप आदेश मानने वाला कर्मचारी बना दिया जाए। यह फर्क सिर्फ आंकड़ों का नहीं है। यह उस भरोसे का अंत है जिस पर शिक्षक ने व्यवस्था को अपना साथी माना था। अब लगता है जैसे नीतियां बदल गई हैं लेकिन शिक्षक और बच्चों के बीच का रिश्ता अधूरा छोड़ दिया गया है किसी अधपढ़ी किताब की तरह, जिसका आखिरी पन्ना बिना पढ़े फाड़ दिया गया हो। बच्चे माता-पिता से बिछड़ गए हों। सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य के प्रति जरा भी गंभीर नहीं है। सरकार की गलत नीतियों के कारण ही सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के शिक्षा का स्तर लगातार गिरता ही जा रहा है और अब स्कूल मर्जर जैसे उठाए गए कदम से अधिकांश बच्चे स्कूलों का मुंह तक नहीं देख पाएंगे।
[7/15, 3:33 AM] pathakomji8: *मारपीट मामले में चार दोषियों को अदालत उठने तक हिरासत में रहने की सजा*
बैनर न्यूज़ ब्यूरो
कानपुर देहात। भोगनीपुर*क्षेत्र के गांव सुनरा पुर में करीब 22 साल पहले मामूली विवाद में मारपीट हो गई थी।पीड़ित ने गांव निवासी अपने पड़ोसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने मामले के चारों आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए उन्हें अदालत उठने तक न्यायिक हिरासत में रहने के साथ ही अर्थदंड से दण्डित किया है।
वर्ष 2003 में भोगनीपुर कोतवाली में मारपीट के मामले में राजू पुत्र शंकर सिंह, महेश पुत्र रघुनाथ, गोरेलाल पुत्र रामनाथ व कमलेश पुत्र कैलाश बाबू समस्त निवासीगण सुनरापुर थाना भोगनीपुर जनपद कानपुर देहात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था इसके बाद मामले की विवेचना करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किए थे।मामले की सुनवाई माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट भोगनीपुर की अदालत में चल रही थी।सोमवार को मामले की सुनवाई दौरान आरोपियों ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया इसपर अदालत ने आरोपियों द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर उन्हें दोष सिद्धकरते हुये न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई इसके साथ ही प्रत्येक दोषी को 1500-1500 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड अदा न करने की दशा में अभियुक्तगणों को 01-01 सप्ताह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी ।
[7/15, 3:33 AM] pathakomji8: *धोखाधड़ी के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज*
बैनर न्यूज़ ब्यूरो
कानपुर देहात।अकबरपुर कोतवाली मे नवंबर 2024 में दर्ज कराए गए धोखाधडी के मुकदमें में पिछले माह गिरफ्तार कर जेल भेजे गए उरई के रहने वाले अरोपी की ओर से अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। जिसकी सुनवाई के बाद अपर जिला जज छह की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मूल रूप से दहेलखंड थाना सिरसा कलार जालौन के रहने वाले तथा उरई में निवास कर रहे संजय कुमार पुत्र रामदयाल ने एडीजी एसटीएफ के आदेश पर अकबरपुर कोतवाली में पटेलनगर अमबेडकर चौराहा के पास उरई में रहने वाले भास्कर अवस्थी पुत्र गोविद नारायण पर फर्जी कागजात तैयार कराकर पत्नी साधना को दो स्थानों पर नियुक्ति कराकर धोखाधडी करने का आरोप लगाकर 25 नवंबर 2024 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें साधना अवस्थी के अकबरपुर के सरला देवी महाविद्यालय में प्रचार्य पद पर तैनाती के दौरान ही 20 दिसंबर 2005 से 3 अगस्त 2006 तक पहले आसूपुरा ललितपुर में व इसके बाद 6अगस्त 2006 से जयपुरा डकोर जालौन के जूनियर हाईस्कूल में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत रहकर वेतन आहरित करने का आरोप था। मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद पहले अकबरपुर पुलिस व बाद में सीओ डेरापुर के स्तर से हुई विवेचना के बाद पिछले माह भास्कर अवस्थी को पुलिस ने उरई से गिरफ्तार कर जेल भेजा था।माती कारागार में निरुद्ध आरोपी भास्कर अवस्थी की ओर से बचाव पक्ष ने अदालत में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए माननीय अपर जिला जज छह की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *समय और समझ दोनों ही जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं इसलिए दोनों का सदुपयोग करें*
बैनर न्यूज़ ब्यूरो
कानपुर देहात। जीवन में सीखने की कई विधाएं हैं। किताबों से, अनुभवों से, संवाद से और कभी-कभी केवल चुपचाप देख लेने भर से। यह विविधता ही मानव चेतना की सबसे बड़ी खूबी है लेकिन दु:खद विडंबना यह है कि आज का शिक्षा तंत्र या सामाजिक तर्कशास्त्र हर सीखने को एक जैसे फ्रेम में कसना चाहता है। यह तरीका भी उनमें से एक है, यह वाक्य जितना विनम्र प्रतीत होता है उतना ही गहरा व्यंग्य भी है उन पर जो अपने तरीके को ही अंतिम सत्य मानकर दूसरों पर थोपना चाहते हैं। हर व्यक्ति के सोचने, समझने, सीखने और प्रतिक्रिया देने की प्रक्रिया भिन्न होती है। यह जरूरी नहीं कि किसी की कही बात पर सभी एक जैसी प्रतिक्रिया दें लेकिन आज की दुनिया में जहाँ भीड़ की सराहना ही सत्य की कसौटी बन चुकी है वहां भिन्न दृष्टिकोण को असभ्यता या विद्रोह कहा जाता है। लोग यह भूल जाते हैं कि हर क्रिया के लिए एक ही प्रतिक्रिया केवल मशीनों में होती है, इंसानों में नहीं। इंसानों की सोच परिस्थितियों, परिवेश, पीड़ा, अनुभव और चेतना की परतों से बनती है। यह विविधता किसी भी सजीव समाज की पहचान है, न कि खतरा।
जो यह चाहते हैं कि हर विद्यार्थी एक जैसा बोले, हर नागरिक एक जैसा सोचे, हर शिक्षक एक ही भाषा में समझाए वे दरअसल उस बहुरूपिये मानव मन की हत्या करना चाहते हैं। वे भूल जाते हैं कि जो सवाल सबके भीतर से अलग-अलग तरीके से उठते हैं उनके उत्तर भी अलग-अलग ही होंगे इसलिए अगर किसी ने आपके विचार से सहमति नहीं जताई तो वह नासमझ नहीं बल्कि एक स्वतंत्र समझ का प्रतीक हो सकता है। विरोध हमेशा दुश्मनी नहीं होता यह उस सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें हम दूसरों के सत्य के साथ अपने सत्य की तुलना करते हैं। समाज को एक जैसे उत्तर नहीं चाहिए उसे वैचारिक विविधता की जरूरत है। अगर हम हर प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने लगेंगे, तो हम अंततः वही बन जाएंगे जो सोचने की आजादी से डरते हैं क्योंकि सीखना केवल उत्तर रट लेने की प्रक्रिया नहीं है यह जानने की यात्रा है कि हर उत्तर एक जैसा नहीं होता।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *जिला निर्वाचन अधिकारी ने ग्राम पंचायतों के व्यापक पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सारणी की जारी*
*बैनर न्यूज़ ब्यूरो ओउम जी पाठक “अकिंचन*”
कानपुर देहात
राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आदेश के अनुपालन में जिला मजिस्ट्रेट / जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायती एवं नगरीय निकाय) आलोक सिंह ने अवगत कराया है कि जनपद कानपुर देहात में त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचक नामावलियों का वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम दिनांक 18 जुलाई, 2025 से प्रारंभ होकर 15 जनवरी, 2026 तक संचालित किया जाएगा। यह कार्य सभी निर्धारित तिथियों व चरणों में सम्पन्न होगा, जिसकी विस्तृत समय-सारणी के अनुसार वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम में किसी ग्राम पंचायत के आंशिक भाग के किसी अन्य ग्राम पंचायत अथवा नगरीय निकाय में समाहित होने की स्थिति में विलोपन एवं मतदाता सूची के प्रिंट करने की कार्यवाही, बी०एल०ओ० एवं पर्यवेक्षकों को उनके कार्य क्षेत्र का आवंटन उन्हें तत्सम्बन्धी जानकारी देना प्रशिक्षण तथा स्टेशनरी आदि का वितरण, उपर्युक्त दोनों कार्यवाही पृथक-प्रथक तथा समानान्तर चलने 18 जुलाई से 13 अगस्त 2025 तक।
बी० एल०ओ० द्वारा घर-घर जाकर गणना और सर्वेक्षण एवं हस्तलिखित पाण्डुलिपि तैयार करने की अवधि (01 जनवरी, 2025 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी अर्ह व्यक्तियों के नाम सम्मिलित किए जाएंगे) 14 अगस्त से 29 सितंबर 2025 तक। ऑनलाइन आवेदन करने की अवधि 14 अगस्त से 22 सितंबर 2025 तक।ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों की घर-घर जाकर जांच करने की अवधि 23 सितंबर से 29 सितंबर 2025 तक। निर्वाचक गणना पत्रक के आधार पर परिवर्धन, संशोधन एवं विलोपन की तैयार हस्तलिखित पाण्डुलिपि सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय में जमा करने की अवधि 30 सितंबर से 06 अक्टूबर 2025 तक। ड्राफ्ट नामावलियों की कम्प्यूटरीकृत पाण्डुलिपि करना (निर्वाचक नामावलियों के कम्प्यूटरीकरण की कार्यवाही)07 अक्टूबर से 24 नवंबर 2025 तक।
निर्वाचक नामावलियो के कम्प्यूटरीकरण के उपरान्त मतदान केन्द्र / स्थलों का क्रमांकन, मतदाता क्रमांकन, मतदेय स्थलों के वार्डों की मैपिंग, मतदाता की डाउनलोडिंग, फोटोप्रतियां कराना आदि का कार्य 25 नवंबर से 04 दिसंबर 2025 तक। अनन्तिम मतदाता सूची के आलेख का प्रकाशन 05 दिसंबर 2025 को तथा आलेख्य के रूप में प्रकाशित अनन्तिम मतदाता सूची का निरीक्षण तथा दावे एवं आपत्तियाँ प्राप्त करना (01 जनवरी, 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी निर्वाचकों के भी दावे स्वीकार किए जाएंगे) 06 दिसंबर से 12 दिसंबर 2025 तक। तदोपरान्त दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण 13 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक। दावे / आपत्तियों के निस्तारण के उपरान्त हस्तलिखित पाण्डुलिपियां तैयार करना, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा करने की अवधि 20 दिसंबर से 23 दिसंबर 2025 तक होगी। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के उपरान्त पूरक सूचियों की कम्प्यूटरीकरण की तैयारी तथा उन्हें मूल सूची में यथा स्थल समाहित करने की कार्यवाही 24 दिसम्बर, 2025 से 08 जनवरी, 2026 तक की जाएगी, पूरक सूचियों की कम्प्यूटरीकरण के उपरान्त मतदान केन्द्र / स्थलों का कमांकन, मतदाता क्रमांकन, मतदेय स्थलों के वार्डों की मैपिंग, मतदाता सूची की डाउनलोडिंग, फोटो प्रतियां कराने आदि का कार्य 09 जनवरी, 2026 से 14 जनवरी, 2026 तक तथा 15 जनवरी, 2026 को निर्वाचक नामावलियों का जनसामान्य के लिये अन्तिम प्रकाशन किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि यह कार्य निष्पक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ सम्पन्न किया जाएगा। सभी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं सहायक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनिश्चित करें कि कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति नामावली में सम्मिलित न हो। उन्होनें *मतदाताओं से अपील की है कि वे इस वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करें तथा सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज है।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *पुलिस अधीक्षक ने श्रावण मास के प्रथम सोमवार को झाड़ी बाबा मंदिर में पहुंचकर हर हर महादेव के जयकारे के साथ भगवान शिव जी का किया जलाभिषेक*
*तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक अरविंद मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान श्री शिव जी की पूजा अर्चना करके जनपद की शांति सुरक्षा और समृद्धि की कामना करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए आवश्यक निर्देश*
*इस मौके पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि श्रावण मास का विशेष धार्मिक महत्व है इसलिए जनपद की पुलिस का कर्तव्य है कि सभी भक्तों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण प्रदान करें*
*बैनर न्यूज़ ब्यूरो ओउम जी पाठक “अकिंचन”*
कानपुर देहात… श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर पुलिस अधीक्षक जनपद कानपुर देहात अरविन्द मिश्र ने थाना अकबरपुर क्षेत्रान्तर्गत झाड़ी बाबा मंदिर एवं थाना रसूलाबाद क्षेत्रान्तर्गत धर्मगढ़ बाबा मंदिर में दर्शन व जलाभिषेक करके क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि की कामना की… तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में तैनात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि श्रावण मास के दौरान मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। पुलिस अधीक्षक ने कहा, “श्रावण मास का विशेष धार्मिक महत्व है और झाड़ी बाबा मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। हमारा कर्तव्य है कि सभी भक्तों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण प्रदान किया जाए। पुलिस बल पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि किसी भी प्रकार की असुविधा या अव्यवस्था न हो।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *अनुदेशकों और शिक्षामित्रों के समर कैंप का नहीं मिला पारिश्रमिक*
बैनर न्यूज़ ब्यूरो
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में इस वर्ष 21 मई से 15 जून तक पहली बार ग्रीष्मकालीन समर कैंप का आयोजन किया गया। इस नवाचारपूर्ण पहल का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मकता को विकसित करना और सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक बनाना था। समर कैंप की पूरी जिम्मेदारी शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को सौंपी गई थी। विभाग द्वारा इन शिक्षकों को उनके कार्य के बदले 6000 मानदेय देने की घोषणा की गई थी लेकिन जुलाई का मध्य आ चुका है और अब तक यह मानदेय जारी नहीं किया गया है।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों में इसको लेकर जबरदस्त असंतोष है। उनका कहना है कि गर्मियों की भीषण गर्मी में विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने, गतिविधियां संचालित करने और समर कैंप को सफल बनाने में उन्होंने पूर्ण समर्पण से काम किया। उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि समर कैंप के समापन के बाद समय से मानदेय प्रदान कर दिया जाएगा लेकिन अब स्थिति यह है कि वे भुगतान के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
संघ ने उठाई आवाज-
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन कानपुर देहात के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल एवं अनुदेशक संघ के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव ने इस मामले को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने बीएसए से शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के समर कैंप के मानदेय को शीघ्र जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पूरे वर्ष में केवल 11 महीनों का ही मानदेय दिया जाता है। इसके बावजूद जब विभाग ने उन्हें गर्मी में कार्य करने के लिए कहा तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के इस जिम्मेदारी को निभाया। उनका तर्क है कि यदि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के भरोसे विभाग नई योजनाएं लागू करता है तो फिर उन्हें उनका पारिश्रमिक समय पर क्यों नहीं दिया जाता है? उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो शिक्षामित्र और अनुदेशक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विवश होंगे।
वित्तीय सुस्ती या प्रशासनिक लापरवाही-
यह सवाल अब बड़ा हो गया है कि जब विभाग ने बजट का प्रावधान पहले ही किया था और मानदेय की राशि तय कर दी गई थी तो फिर देरी किस कारण हो रही है? क्या यह वित्तीय स्वीकृति में अड़चन है या फिर प्रशासनिक उदासीनता दिखाई जा रही है।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *नोडल अधिकारी/ ए सीएमओ डॉ एस एल वर्मा के नेतृत्व में जनपद को ई संजीवनी चिकित्सा पद्धति की सफलता के लिए कानपुर देहात को प्रदेश स्तर पर मिला प्रथम स्थान*
*शासन के निर्देशन पर संचालित उपरोक्त ई संजीवनी चिकित्सा पद्धति के संचालन के संबंध में प्रदेश स्तर पर हुई समीक्षा, जनपद बरेली को मिला दूसरा स्थान*
*सी.एम.ओ डॉक्टर अरुण कुमार सिंह ने उपरोक्त सफलता के लिए इस जनकल्याणकारी योजना के नोडल अधिकारी/ एसीएमओ डॉक्टर एस.एल वर्मा, एवं उपरोक्त कार्य में लगे सी. एच. ओ स्तर के 154 कर्मचारियों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए दी शुभकामनाएं*
*बैनर न्यूज़ ब्यूरो ओउम जी पाठक “अकिंचन”*
कानपुर देहात… अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/ प्राइवेट नर्सिंग होम एवं प्राइवेट क्लिनिको /ई-संजीवनी योजना के नोडल अधिकारी डा. एस. एल वर्मा के कड़े निर्देशन पर उत्तर प्रदेश शासन की उपरोक्त कल्याणकारी योजना का जनपद के हर ग्रामीण को लाभ ही नहीं मिल रहा है… बल्कि उपरोक्त ई-संजीवनी चिकित्सा पद्धति के सी.एच ओ. के द्वारा पूरी लगन के साथ काम करके हर जरूरतमंद ग्रामीण को शासन की मंशा के अनुरूप चिकित्सीय व्यवस्थाएं, एवं आवश्यक दवाइयां तथा आवश्यक परीक्षण की सुविधा मुहैया कराई जा रही है…. उपरोक्त चिकित्सा पद्धति के नोडल अधिकारी के कुशल निर्देशन में सी. एच. ओ के कड़े परिश्रम ने उपरोक्त चिकित्सा पद्धति की जनपद कानपुर देहात में सफलता के बिंदु पर प्रदेश स्तर पर जनपद कानपुर देहात को प्रथम स्थान हासिल कराया है….
सोमवार को एक मुलाकात के दौरान ईसंजीवनी चिकित्सा पद्धति के नोडल अधिकारी/ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एस.एल वर्मा ने बताया है कि संजीवनी चिकित्सा पद्धति को जनपद कानपुर देहात में 154सी.एच.ओ संचालित कर रहे हैं प्रत्येक को सी.एच.ओ को प्रत्येक कार्य दिवस में पांच मरीजों का निश्चित रूप से उपरोक्त चिकित्सा पद्धति के आधार पर उपचार करने का लक्ष्य है.. जबकि अभी तक प्राप्त आंकड़ों में जनपद का प्रत्येक सी. एच. ओ निर्धारित लक्ष्य पांच से अभी का 7 से ऊपर प्रत्येक कार्य दिवस में मरीजों का उपचार कर रहा है… श्री वर्मा ने आगे बताया कि ई संजीवनी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से मरीजों को उनके गांव के ही नजदीक बुखार,हाइपरटेंशन, डायबिटीज, सहित अन्य दर्जनों बीमारियों का सी. एच. ओ के द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षित डॉक्टर से जुड़कर मरीज के बीमारियों के लक्षण बता करके मरीज को बेहतरीन किस्म का उपचार दिलाया जाता है वहीं जनपद के 14 आयुष्मान मंदिरों के माध्यम से मरीजों का परीक्षण भी कराया जा रहा है..
श्री वर्मा ने आगे बताया कि जनपद कानपुर देहात में शासन के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण कुमार सिंह के मार्गदर्शन मे जनपद कानपुर देहात मे संचालित ई संजीवनी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से मरीज को प्रतिदिन के निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक संख्या में उपचार मुहैया कराए जाने के संबंध में प्रदेश स्तर पर हुई समीक्षा में जनपद कानपुर देहात को प्रथम स्थान मिला है… जनपद कानपुर देहात के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण कुमार सिंह ने ई संजीवनी चिकित्सा पद्धति के नोडल अधिकारी / अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एस एल वर्मा की देखरेख में जनपद में 154सी. एच.ओ के द्वारा पूरी मेहनत तथा लगन के साथ शासन की मंशा के अनुरूप संचालित की जा रही उपरोक्त ई संजीवनी चिकित्सा पद्धति की सफलता के लिए उपरोक्त चिकित्सा पद्धति के नोडल अधिकारी एवं इस कार्य में लगे हुए154 सी. एच. ओ स्टार के लोगों को शुभकामनाएं ज्ञापित करते हुए उम्मीद की है कि भविष्य में भी शासन की उपरोक्त जनकल्याणकारी योजना का इसी प्रकार आम जनमानस को लाभ देकर भविष्य में प्रदेश स्तर पर होने वाली समीक्षा में भी इसी प्रकार जनपद को प्रथम रैंक ही हासिल करने के प्रयास अनवरत जारी रखेंगे…
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *पिछड़े वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियां सीसीसी कम्प्यूटर प्रशिक्षण हेतु 21 जुलाई तक करे आनलाइन आवेदन*
बैनर न्यूज़ ब्यूरो
कानपुर देहात
जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देशन में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नेहा सिंह ने अवगत कराया कि शासन द्वारा पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिये चलाई जा रही सीसीसी कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत पिछड़े वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियां सीसीसी कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र आवश्यक प्रपत्रों सहित विभाग की बेवसाइट https://www.obccomputertraining upsdc.gov.in पर लॉगिन करके जनसुविधा केन्द्रों, साइबर कैफे, निजी इण्टरनेट केन्द्र या विभागीय बेबसाइट पर जाकर दिनांक 14 जून 2025 से दिनांक 21 जुलाई 2025 तक ऑनलाइन कर सकते हैं।प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु पात्रता की शर्ते निम्नवत हैं-1-इस योजना के अन्तर्गत जनपद में निवास कर रहे उत्तर प्रदेश के पिछड़े वर्ग के ऐसे शिक्षित बेरोजगार युवक/युवतियां जिनके अभिभावकों की आय 1,00,000/- से अधिक न हो को सीसीसी कम्प्यूटर प्रशिक्षण अनुमन्य होगा।2-कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिये (10+2) इण्टरमीडिएट न्यूनतम शैक्षिक अर्हता आवश्यक है। प्रशिक्षार्थी की अधिकतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए।3-प्रशिक्षार्थी बेरोजगार हो तथा किसी शिक्षण संस्था से छात्रवृत्ति न लेता हो।4-सीसीसी कम्प्यूटर प्रशिक्षण की अवधि 90 घण्टे अथवा तीन माह की होगी।इच्छुक अभ्यर्थी को अपने ऑनलाइन भरे गये आवेदन पत्र की हार्डकॉपी आवश्यक सलग्नकों सहित दिनांक 21 जुलाई 2025 की सांय 5:00 बजे तक कार्यालय जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, विकास भवन माती, कानपुर देहात में जमा करना अनिवार्य होगा।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *जनपद में आगामी त्योहारों के दृष्टिगत धारा 163 हुई लागू।*
बैनर न्यूज़ ब्यूरो
कानपुर देहात
आगामी पर्व श्रावण मास व श्रावण शिवरात्रि एवं दिनांक 15-07-2025 से अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा, जुलाई 2025 व अन्य परीक्षाओं एवं 09-08-2025 को रक्षाबंधन व 16-08-2025 को जन्माष्टमी पर्व के दृष्टिगत जनपद में लोक व्यवस्था/शान्ति व्यवस्था एवं जन सुरक्षा बनाये रखना अतिआवश्यक है। जिला मजिस्ट्रेट आलोक सिंह के निर्देश के क्रम में अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन), कानपुर देहात अमित कुमार द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 बी0एन0एस0एस0 में विहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए लोक व्यवस्था/शान्ति व्यवस्था/जन सुरक्षा एवं जनजीवन को सामान्य बनाये रखने की दृष्टि से जनपद की सम्पूर्ण सीमा में इसके अन्तर्गत पड़ने वाले समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र हेतु निम्नलिखित निषेधाज्ञाए पारित की हैं जिसमें जनपद कानपुर देहात में किसी भी व्यक्ति/संस्था/ संगठन द्वारा किसी कार्यक्रम / माध्यम से साम्प्रदायिक सद्भाव व सामाजिक सौमनस्य को बिगाड़ने का प्रयास नहीं किया जायेगा। जनपद में कोई भी ड्रोन कैमरा का प्रयोग सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किये बिना नहीं करेगा, किन्तु सुरक्षा एजेन्सिया इससे मुक्त रहेगी। ड्यूटी पर तैनात शासकीय कर्मचारियों /अधिकारियों और अन्य कर्मियों जो शासकीय अस्त्र-शस्त्र धारण करने हेतु अधिकृत हैं, को छोड़कर कोई भी व्यक्ति अग्नेय अस्त्र, विस्फोटक पदार्थ ,लाठी बल्लम, भला अथवा तेज धार वाले हथियार लेकर सार्वजनिक रूप से ना तो विचरण करेगा और ना ही किसी प्रकार से ऐसे अस्त्र शस्त्रों का प्रदर्शन करेगा। किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई भी व्यक्ति ऐसे व्यक्तियों के समूह के साथ सम्मलित नहीं होगा, जिसका उद्देश्य किसी विधि विरुद्ध गतिविधि में भाग लेना हो। माननीय न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध किसी भी प्रकार की टीका टिप्पणी नहीं की जाएगी। कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेन्स तेजाब व अन्य कोई पदार्थ जो विस्फोटक सामग्री की श्रेणी में आता है एकत्रित नहीं करेगा साथ ही कंकड, पत्थर खाली बोतलों, शीशे के टुकडे आदि ऐसी सामग्री का संग्रह, जिसका प्रयोग लोक व्यवस्था/ शान्ति, कानून व्यवस्था/ शान्ति, कानून व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए हो सकता है. अपने भवनों में या छतों या अन्य स्थानों पर कहीं नहीं करेगा और न ही रखेगा। किसी व्यक्ति/संगठन द्वारा ऐसा कोई कार्यक्रम सार्वजनिक / निजी स्थल पर आयोजित नहीं किया जायेगा, जिससे किसी जाति/पंथ/संगठन/धर्म के अनुयायिओं/व्यक्तियों की भावनाओं को आधात पहुंचे और साम्प्रदायिक / धार्मिक उन्माद की स्थिति उत्पन्न हो। कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था/दल/संगठन बिना पूर्व अनुमति कोई सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आदि आयोजित नही करेगा और पूर्व प्रदत्त अनुमति में उल्लिखित निर्धारित स्थल, मार्ग व अवधि नहीं बदलेगा तथा न ही सभा में किसी प्रकार का भड़काऊ / अमर्यादित भाषण करेगा, किसी का पुतला नही जलायेगा एवं उसके सार्वजनिक स्थानों पर जलाने और इस प्रकार के अन्य कार्यों व प्रदर्शनों का समर्थन नहीं करेगा। इसके साथ ही साथ पूर्व अनुमति के क्रम में आयोजित सभाओं एवं जुलूसों आदि में कोई ऐसा कार्य नही किया जायेगा, जिससे सामान्य जन को बाधा पहुंचे। परम्परागत पर्वों / त्योहारों में जनसामान्य की शान्ति एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से सम्मिलित होने, विवाहोत्सव, शव यात्राओं या शासन के विभिन्न विभागों के प्रबन्धाधीन आयोजित सांस्कृतिक / संस्थागत कार्यक्रम, ड्यूटी पर तैनात अधिकारी/कर्मचारी, सिक्ख समुदाय के लोग धार्मिक हथियार के रूप में कृपाण धारण करने व बूढे, दिव्यांग व्यक्ति व्यक्ति जो सहारे के लिए छडी या लाठी का प्रयोग करते है इस प्रतिबन्ध में मुक्त रहेंगे। कोई भी सभा/ रैली आदि ऐसे स्थान पर आयोजित नहीं की जायेगी, जहाँ कोई निषेधाज्ञा या प्रतिबन्धात्मक आदेश शासन, स्थानीय प्रशासन अथवा न्यायालय आदि द्वारा लागू किये गये हो तथा प्रभावी हो। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के समारोह / कार्यक्रम / जुलूस आदि सार्वजनिक स्थलों में ध्वनि विस्तारक यन्त्रों जैसे लाउडस्पीकर आदि का प्रयोग किसी भी दशा में बिना पूर्व अनुमति के नही करेगा एवं पूर्व अनुमति की दशा में भी अनुमति की शर्तों का उल्लघंन नही किया जायेगा तथा किसी भी दशा में रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06.00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यन्त्रों / साधनों का प्रयोग नही किया जायेगा तथा सार्वजनिक स्थलो तथा धार्मिक स्थानों पर मानक का उल्लंघन करते हुए ध्वनि विस्तारक यन्त्रों (लाउडस्पीकर) का प्रयोग नहीं होगा। इस सम्बन्ध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का पूर्ण अनुपालन किया जायेगा।
कोई भी व्यक्ति / संगठन / समूह / सम्प्रदाय / दल / सोशल मीडिया साइट्स जैसे व्हाटसएप, फेसबुक, मैसेन्जर इन्स्टाग्राम, हाइक, टेलीग्राम, आदि या अन्य किसी माध्यम से किसी भी धर्म / पक्ष / सम्प्रदाय आदि के किसी भी महापुरुष, देवी देवता आदि का प्रत्यक्ष या परोक्ष, किसी भी रूप से अनादर करने का प्रयास नही करेगा और न ही सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की अफवाह उड़ायेगा। सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति प्राप्त किये किसी भी देवी-देवताओं अथवा किसी भी महापुरूष की मूर्ति की स्थापना नही करेगा।किसी भी चार पहिया या अन्य छत वाले वाहनों की छत पर कोई यात्री यात्रा नहीं करेगा और दो पहिया वाहनों पर 02 से अधिक व्यक्ति तथा अन्य वाहनों पर निर्धारित यात्रियों से अधिक कोई भी व्यक्ति / नवयुवक मोटर वाहन अधिनियम 1988 का उल्लंघन नहीं करेंगा और न ही मोटर साइकिल आदि पर सवार होकर हुडदंग करते हुए मार्ग / यातायात बाधित करेगा और न करायेगा। कोई भी व्यक्ति / संस्था / संगठन / दल / समूह आदि द्वारा फूहड, अश्लील / जन सामान्य को भड़काने वाला कोई भी गाना न गाया जायेगा और न ही बजाया जायेगा। कोई भी न नई परम्परा अथवा जुलूस आदि के नये रास्ते कदापि न अपनाये जाये और न ही जुलूस/ कार्यक्रम के दौरान लोक व्यवस्था के प्रतिकूल आपत्तिजनक एवं अवैधानिक गतिविधियाँ की जाये। किसी भी प्रकार की महिला उत्पीडन, अश्लीलता आदि सम्बन्धी कोई कृत्य न किया जाये। परीक्षा केन्द्रों के आस-पास ध्वनि विस्तारण यन्त्रों का प्रयोग तथा परीक्षा परिसर में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ अथवा अन्य संचार सम्बन्धी उपकरण एवं आई०टी० गैजेट्स ले जाना पूर्णतया प्रतिबन्धित होगा। कोई भी व्यक्ति परीक्षा हेतु परीक्षार्थिओ को उनके परीक्षा केन्द्र तक आने जाने में किसी प्रकार की रूकावट नहीं डालेगा और न ही ऐसा कृत्य करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति परीक्षा केन्द्रो पर या उसके आस-पास न नकल करायेगा और न ही नकल करेगा तथा किसी प्रकार का अनुचित साधन या किसी वाहन का प्रयोग परीक्षार्थियों को नकल आदि करने या कराने में नही करेगा और न ही किसी प्रकार का संकेत या शब्द का प्रयोग करेगा। उपरोक्त आदेशों को तात्कालिक रूप से पारित करने की आवश्यकता है, ऐसी दशा में समयाभाव के कारण समस्त सम्बन्धितों को समय से सूचित कर किसी अन्य पक्ष को सुना जाना सम्भव नहीं है। अतः यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किये जा रहे है । यदि कोई व्यक्ति / संगठन / संस्था इस आदेश से छुब्ध हो तथा इसके सम्बन्ध में कोई आपत्ति / आवेदन करना चाहें या छूट या शिथिलता चाहे, तो उसे सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट के सम्मुख आवेदन करने का अधिकार होगा। जिस पर सम्यक सुनवाई / विचारोपरान्त प्रार्थना पत्र के सम्बन्ध में समुचित आदेश पारित किये जायेगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा यदि बीच में वापस न लिया गया, तो दिनांक 11/07/2025 की पूर्वान्ह से दिनांक 17/08/2025 तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश अथवा इसके किसी अंश का उल्लंघन करने पर किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध धारा-208 बीएनएसएस में दिये गये प्राविधानों एवं अन्य विधिक प्राविधानों के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही की जायेगी। यह आदेश आज दिनांक 11/07/2025 को पूर्वान्ह में मेरे हस्ताक्षर एवं न्यायालय की मुहर के अधीन जारी किया गया।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *जनपद स्तरीय आधार अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न*
*बैनर न्यूज़ ब्यूरो ओउम जी पाठक “अकिंचन*”
कानपुर देहात,
जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में “जनपद स्तरीय आधार अनुश्रवण समिति” की बैठक का आयोजन माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष, कलेक्ट्रेट में किया गया। बैठक में आधार नामांकन, अद्यतन कार्यों की स्थिति, आधार प्रमाणीकरण और डी.बी.टी. योजनाओं के आच्छादन की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की अधिकांश योजनाओं में आधार कार्ड अनिवार्य है, ऐसे में इसकी अद्यतनता तथा सुलभता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में नए आधार नामांकन की गति बढ़ाई जाए तथा आधार से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होनें कहा कि 0-5 वर्ष के बच्चों का आधार नामांकन प्राथमिकता से किया जाए। इसमें कोई त्रुटि न हो। बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा स्वास्थ्य विभाग अपने अधीनस्थ बच्चों का आधार बनवाने की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करें। सभी आधार सेवा केन्द्रों पर सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएँ, जिन पर अपडेट, शिकायत, सेवा की प्रक्रिया आदि की स्पष्ट जानकारी हो। डी.बी.टी. आधारित योजनाओं में आधार प्रमाणीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई और वंचित लाभार्थियों की पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने जनसामान्य हेतु बताया कि नज़दीकी आधार केंद्र का पता जानने हेतु *https://bhuvan-app3.nrsc.gov.in/aadhaar* पोर्टल पर लॉग इन करें। शिकायत दर्ज करने के लिए *https://myaadhaar.uidai.gov.in/file-complaint* पोर्टल पर लॉग इन करें। अपडेट सेवा अनुरोध स्थिति *https://myaadhaar.uidai.gov.in/grievance-feedback-status/en* पोर्टल पर उपलब्ध है तथा सहायता हेतु हेल्पलाइन नंबर: *1947 अथवा ईमेल: help@uidai.gov.in* पर संपर्क करें।
उन्होंने पिछले माह में आधार सेवा की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया जिसमें जनपद में कुल 160 सक्रिय किट्स द्वारा 5309 नामांकन, 26116 अपडेट, तथा कुल 31425 ट्रांजैक्शन संपन्न किए गए। बैठक में आगामी रणनीति के तहत आधार सेवाओं की गुणवत्ता और सुलभता बढ़ाने हेतु समेकित प्रयासों पर बल दिया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन0, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एके सिंह, UIDAI के नामित सदस्य सहायक प्रबंधक आशुतोष सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी प्रतिभा सिंह एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *जिलाधिकारी ने की सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित बी, सी एवं डी श्रेणी की परियोजनाओं की समीक्षा*
*सम्बंधित अधिकारियों को त्रुटि रहित आंकड़े पोर्टल पर फीड करने के निर्देश दिए।*
*बैनर न्यूज़ ब्यूरो ओउम जी पाठक “अकिंचन”*
कानपुर देहात,
जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित बी, सी एवं डी श्रेणी से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष, कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई।
बैठक में विभागवार परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कई विभागों की अद्यतन प्रगति पर असंतोषजनक जताते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होनें डी-ग्रेड प्राप्त विभाग – नेडा, विद्युत, पंचायतीराज विभाग को पोर्टल पर समय से त्रुटिरहित आंकड़ों की फीडिंग अनिवार्य रूप से कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होनें पीएम सूर्य घर योजना में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति कम पाए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए नेडा विभाग की बैठक प्रथक करने के निर्देश दिये। उन्होनें दैनिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होनें विद्युत विभाग को रोस्टर अनुसार बिजली आपूर्ति करने व फीडिंग प्रक्रिया में सुधार के निर्देश दिए। उन्होनें सी-ग्रेड परियोजनाएं – पंचायती राज, फैमिली आईडी, श्रम, पर्यटन व प्राथमिक शिक्षा को शीघ्र वांछित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होनें उपायुक्त श्रम को पंजीकृत श्रमिकों के शत प्रतिशत फैमिली आई0डी0 बनाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को राशन कार्डों के पंजीकरण के साथ ही फैमिली आई0डी0 बनाये जाने के भी निर्देश दिए। उन्होनें बी-ग्रेड परियोजनाएं- पंचायती राज, ग्रामीण विकास (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण), पर्यटन व RES को कार्य शीघ्र पूर्ण करने हेतु निर्देश दिए। उन्होनें मुख्य विकास अधिकारी को डी-ग्रेड योजनाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए व जनपद की रैंकिंग खराब करने वाले विभागों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एके सिंह, परियोजना निदेशक वीरेन्द्र सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी विकास पटेल, उपायुक्त उद्योग मोहम्मद साउद, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी प्रतिभा सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *जिलाधिकारी ने की सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) की बैठक, दिये निर्देश*
*बैनर न्यूज़ ब्यूरो ओउम जी पाठक “अकिंचन”*
कानपुर देहात
जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय गवर्निग बोर्ड की बैठक मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, नेशनल ऑन नेचुरल फार्मिंग, नेशलन मिशन ऑन सस्टेनेबुल एग्रीकल्चर(मृदा स्वास्थ्य) एवं उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्याक्रम गत वर्ष की उपलब्धियाँ एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
उप कृषि निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि अबाध गति से बढ़ती हुई जनसंख्या के दबाव के कारण कृषक परिवारों की संख्या में बढ़ोत्तरी परन्तु जोतों के आकार में कमी, विगत दो दशकों में उत्पादन एवं उत्पादकता तथा तकनीक सृजन में आये ठहराव के उपरान्त भी उपलब्ध नवीनतम तकनीक का कम से कम समय में प्रभावी ढ़ग से किसानों तक पहुचानें के उद्देश्य से वर्तमान में सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना संचालित है, जिसके अन्तर्गत कृषि तकनीक प्रबन्ध अभिकरण की स्थापना वर्ष 2005-06 में गई है। जिसके अन्तर्गत देखो और करके सीखों के सिद्धांत पर कृषको को प्रशिक्षित किया जाता है। गत वर्ष अन्तर्राज्जीय प्रशिक्षण के रूप में 50 महिला/पुरूष कृषकों को 07 दिन के लिए भारतीय सरसों अनुसंधान केन्द्र भरतपुर, राजस्थान में प्रशिक्षण कराया गया। 650 कृषकों को केन्द्रीय बकरी अनुसंधान केन्द्र मथुरा, कृषि विज्ञान केन्द्र आगरा, कृषि विज्ञान केन्द्र मथुरा, दीन दयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्व विद्यालय मथुरा आदि केन्द्रो पर प्रशिक्षण कराया गया इसी प्रकार कृषि विज्ञान केन्द्र दलीपनगर, में 640 कृषकों को प्रशिक्षण कराया गया तथा 1440 ग्राम स्तर पर कृषकों को प्रशिक्षित किया गया। वर्ष 2024-25 में कृषि विभाग द्वारा 500 कृषकों के यहां धान, मक्का, बाजरा, गेंहू, राई आदि के प्रदर्शन कराये गये है। इस वर्ष भी प्राप्त लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति समय से सुनिश्चित कर ली जायेगी।
गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी जनपद स्तर पर विभिन्न उपक्रमों से सम्बन्धित 08 कृषकों (4 प्रथम पुरस्कार हेतु तथा 4 द्वितीय पुरस्कार हेतु) का चयन किया जायेगा। इनमे कृषि विभाग एवं सहयोगी विभाग के कृषक सम्मिलित होंगे। प्रत्यके जनपद में 08 कृषि विभाग के तथा सहयोगी तीन विभागों उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग से 8-8 कुल 24 चयनित किये जायेगें। इस प्रकार जनपद में कुल 32 पुरस्कार दिये जायेगें, जिनमें 16 प्रथम तथा 16 द्वितीय पुरस्कार होंगे। प्रथम तथा द्वितीय पुरस्कारों की धनराशि क्रमशः 7000.00 एवं 5000.00 होगी।
इसी प्रकार प्रत्येक विकास खंड में विभिन्न उद्यमों में लगे अधिकतम 5 कृषकों को पुरस्कार के लिए चयनित किया जायेगा। इसमे से दो कृषक कृषि विभाग से एवं एक-एक कृषक जिलें में अग्रणी तीन सहयोगी विभागों उद्याान, पशुपालन एवं मत्स्य के माध्यम से चयनित किया जायेगा। प्रत्येक चयनित कृषक को 2ए000ण्00 का पुरस्कार दिया जायेगा। पुरस्कार पाने वाले कृषकों की उपलब्धि को देखकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा होगी तथा अधिक से अधिक कृषक नवीनतम तकनीक अपनाकर अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने तथा अपनायी गई सफल तकनीक को अन्य कृषकों के बीच प्रसारित करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इन कृषकों का चयन जनपद स्तरीय चयन समिति द्वारा किया जायेगा। यह कार्यक्रम जनपद के हजारों किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में एक मील का पत्थर सिद्ध हुआ है। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के समन्वित प्रयासों से यह पहल ग्रामीण समृद्धि एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त कदम है।
सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, उ0प्र0 मिलेट्स पुरोद्धार कार्यक्रम, प्राकृतिक खेती एवं मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत विगत वर्ष में किये गये कार्यो एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में कराये जाने वाले कार्यो का अनुमोदन किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि किसानों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिले, इसके लिए मैदानी कार्यों की निगरानी तथा समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कृषि विभाग को किसानों की तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, सम्मान व नवाचारों को और अधिक प्रभावशाली बनाने के निर्देश दिए। नदी के तटो की ऊसर /समस्याग्रस्त भूमि के सुधार एवं उन पर फलों एवं सब्जियों की खेती करा कर कृषकों की आय में वृद्धि कराने हेतु निर्देश दिये गये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एके सिंह, परियोजना निदेशक वीरेन्द्र सिंह, उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 एस0के0 बर्नवाल, जिला कृषि अधिकारी डा0 उमेश कुमार गुप्ता, जिला उद्यान अधिकारी, डा0 बल्देव प्रसाद, भूमि संरक्षण अधिकारी देवेन्द्र वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य , कृषि विज्ञान केन्द्र दलीप नगर के वैज्ञानिक डा0 खलील खान एवं डा0 शशिकान्त के साथ-साथ नामित प्रगतिशील कृषक एवं कृषक उत्पादक संगठनों के अध्यक्ष उपस्थित रहे।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *50 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों को ना छेड़ा जाए*,
*1200 रुपए की डीबीटी सहायता शीघ्र बच्चों के अभिभावकों के खातों में भेजी जाए*
बैनर न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ/कानपुर देहात। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने राज्य में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, बच्चों की शत-प्रतिशत विद्यालयी उपस्थिति सुनिश्चित करने, संसाधनों के कुशल उपयोग तथा अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 से 14 वर्ष की आयु का एक भी बच्चा विद्यालय से वंचित नहीं रहना चाहिए। विद्यालय प्रबन्ध समिति (प्रधानाध्यापक व ग्राम प्रधान) इसे सुनिश्चित कराए। इस दिशा में स्कूल चलो अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए ताकि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से न छूटे।
परिषदीय छात्रों के लिए ₹1200 की डीबीटी सहायता शीघ्र अभिभावकों के खातों में भेजी जाए-
मुख्यमंत्री ने परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक छात्र के अभिभावक के बैंक खाते में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्टेशनरी एवं पाठ्य सामग्री हेतु ₹1200 की सहायता राशि को डीबीटी के माध्यम से शीघ्रता से अंतरित किए जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जाए ताकि लाभार्थियों को समय पर मदद मिल सके और विद्यालयीन सामग्री की व्यवस्था बाधित न हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में आधारभूत संरचना की कमी है वहां अविलंब संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण में अध्ययन का अवसर प्राप्त हो।
50 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालय स्वतंत्र रूप से संचालित हों-
मुख्यमंत्री ने विद्यालयों की पेयरिंग व्यवस्था को दूरगामी और व्यापक दृष्टिकोण से लागू किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों तीनों के हित में है। इससे न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा। जिन विद्यालयों में 50 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं, उन्हें स्वतंत्र विद्यालय के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया गया, साथ ही एक गांव में दो या दो से अधिक प्राइमरी या जूनियर विद्यालयों को छात्र संख्या के हिसाब से मर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं यानी उस गांव में एक प्राइमरी और एक ही जूनियर विद्यालय रहेगा। जिससे प्रशासनिक सुविधा, जवाबदेही और शैक्षणिक निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। पेयरिंग व्यवस्था के कारण खाली हुए विद्यालय भवनों को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि वहां बाल वाटिकाएं/प्री-प्राइमरी स्कूल संचालित किए जाएं। साथ ही इन भवनों में आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानांतरित किया जाए ताकि शिशु शिक्षा का आधार सुदृढ़ हो और विद्यालय परिसरों का उपयोग बहुपर्यायी रूप से हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए और इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
रिक्त पदों पर अधियाचन भेजकर शीघ्र की जाए नियुक्ति-
बैठक में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात आदर्श स्थिति में होना चाहिये। उन्होंने निर्देश दिये कि रिक्तियों के सापेक्ष अधियाचन तत्काल भेजा जाए और नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *प्रथम चरण में 10827 परिषदीय स्कूलों का हुआ मर्जर, अब वहां शिफ्ट होंगे आंगनबाड़ी केंद्र*
*द्वितीय चरण की अब जल्द शुरू होगी प्रक्रिया, 50 से कम नामांकन वाले सभी स्कूलों को किया जाएगा मर्ज*
*जिन गांवों में दो प्राइमरी और दो जूनियर हैं उन्हें भी किया जाएगा मर्ज*
बैनर न्यूज़ ब्यूरो
कानपुर देहात। प्रदेश में कम नामांकन वाले 10827 परिषदीय विद्यालयों का बेसिक शिक्षा विभाग ने विलय (पेयरिंग) कर दिया है। अब द्वितीय चरण में 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। जिन गांवों में दो या दो से अधिक प्राइमरी या जूनियर पाठशालाएं हैं वहां पर एक प्राइमरी और एक जूनियर ही रहेगा बाकी स्कूलों को छात्र संख्या के क्रम में मर्ज किया जाएगा। मर्ज किए गए विद्यालयों के खाली भवनों में आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग सर्वे कराएगा। विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने इस संबंध में सभी डीएम को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में विद्यालय परिसर में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र को बाल वाटिका घोषित किया गया है। पेयरिंग के बाद खाली विद्यालय भवनों का प्रयोग बाल वाटिका के रूप में किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार खाली हुए विद्यालयों के भवनों में आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट करने के लिए जिला स्तर पर सर्वे होगा। इसके लिए सीडीओ की अध्यक्षता वाली कमेटी बनेगी। इसमें बीएसए, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बीईओ, संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी भी शामिल होंगे। इनको 15 दिन में सर्वे पूरा करने का निर्देश दिया गया है। प्रमुख सचिव ने बताया है कि सर्वे के बाद प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अभिभावकों की बैठक होगी। इसके बाद शिफ्टिंग के योग्य विद्यालय भवनों का चिह्नांकन होगा। उपयुक्त पाए गए विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट किया जाएगा। बता दें कई जिलों में आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत भवनों या अन्य किराए की बिल्डिंग में चल रहे हैं। इन्हें पास के विद्यालय में शिफ्ट किया जाएगा।
[7/15, 3:34 AM] pathakomji8: *दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को पुलिस में गिरफ्तार करके भेजा जेल*
बैनर न्यूज़ ब्यूरो
कानपुर देहात…थाना मंगलपुर पुलिस टीम ने दुष्कर्म की घटना कारित करने वाले एक नफर वांछित अभियुक्त को अपने मजबूत सूचना तंत्र के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया… पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त थाना मंगलपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 239/2025 धारा 64(2)(M)/352/351(2)/351(3)/308(2)/79 बीएनएस व 3(2)V एससी/एसटी एक्ट में वांछित था…
मालूम हो कि जनपद कानपुर देहात में महिला सम्बन्धी अपराधों की रोकथाम हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, दिनांक 08.07.2025 को वादिनी/पीड़िता द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर थाना मंगलपुर पर मु0अ0सं0 239/2025 धारा 64(2)(M)/352/351(2)/351(3)/308(2)/79 बीएनएस व 3(2)V एससी/एसटी एक्टपंजीकृत किया गया था। मुकदमा उपरोक्त में थाना मंगलपुर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए उपरोक्त मुकदमे में वांछित अभियुक्त सचिन पुत्र स्व0 रामकिशोर सिंह उम्र 20 वर्ष, निवासी लाड़पुर छिवना थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात को दिनांक 14.07.2025 को समय करीब 10.10 बजे झींझक रेलवे पुल के नीचे थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया है कि गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
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हरियाणा 31अगस्त 25*किसान भाइयों के लिए जरूरी सूचना :-खराब हुई फसल के लिए ई क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है।