कानपुर देहात13मई2025*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर कानपुर देहात की कुछ महत्वपूर्ण खबरें
[13/05, 6:05 am] +91 96283 30454: *स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए टीम भावना का होना आवश्यक*
*प्रधानाध्यापक को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने की आवश्यकता*
कलमकार
कानपुर देहात। प्रधानाध्यापक को ही नहीं बल्कि सभी शिक्षकों को टीम भावना से बच्चों को पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ पढ़ाना चाहिए क्योंकि शिक्षक ही बच्चों को सिखाने और मार्गदर्शन करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। उन्हें बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को समझने और उनके लिए एक अनुकूल सीखने का माहौल बनाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। विद्यालय एक ऐसा स्थान है जहां भविष्य के नायक और नायिकाएं शिक्षा के साथ-साथ अपने जीवन के विविध पहलुओं का विकास करते हैं। शिक्षा सिर्फ कक्षा में दी जाने वाली जानकारी तक सीमित नहीं होती बल्कि यह विद्यार्थियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का साधन है इसके लिए विद्यालय के समस्त स्टाफ को सहयोगी और संगठित होना अनिवार्य है। टीम भावना की स्थापना विद्यालय के सुचारू संचालन और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। जब सभी शिक्षक और कर्मचारी मिलकर एक ही उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कार्य करते हैं तो विद्यालय में शिक्षा के स्तर में गुणवत्ता आती है और छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं। टीम भावना से काम करने का अर्थ है कि सभी शिक्षक और कर्मचारी एक-दूसरे के विचारों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुनें और समझें। विद्यालय में टीम भावना तब स्थापित होती है जब प्रधानाध्यापक से लेकर शिक्षक और अन्य कर्मचारी सभी एक समान लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हैं। आपसी समझ, समर्पण और सहयोग का माहौल बनाए रखने के लिए सभी सदस्यों को एक-दूसरे की भावनाओं और समस्याओं का ध्यान रखना चाहिए। इससे न केवल कार्यों की गुणवत्ता में वृद्धि होती है बल्कि विद्यालय के वातावरण में भी एक सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक का इस दिशा में विशेष योगदान होता है। प्रधानाध्यापक एक प्रेरक नेता की भूमिका निभाता है जो अपने स्टाफ को सृजनात्मकता और सहयोग की दिशा में प्रेरित करता है। एक सफल प्रधानाध्यापक विद्यालय के सदस्यों के साथ मिलकर ऐसे वातावरण का निर्माण करता है जहां सभी को अपने योगदान का महत्व महसूस होता है। प्रत्येक सदस्य को विद्यालय की उपलब्धियों में खुद को महत्वपूर्ण महसूस कराने के लिए प्रधानाध्यापक को उनका उत्साहवर्धन करना चाहिए। जब हर सदस्य यह महसूस करता है कि उसके विचार और प्रयास विद्यालय की सफलता में अहम भूमिका निभाते हैं तो वह और अधिक समर्पण के साथ काम करता है। टीम भावना विकसित करने के लिए विद्यालय में खुला संवाद भी अत्यंत आवश्यक है। सभी सदस्यों के बीच नियमित और पारदर्शी संवाद से आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा मिलता है। जब हर कोई अपनी बात खुलकर रख सकता है और दूसरे की बातों को महत्व दिया जाता है तो एकता की भावना उत्पन्न होती है। विद्यालय में सभी कर्मचारियों के बीच पारस्परिक सम्मान और समानता का माहौल होना चाहिए। ऐसा माहौल तभी बन सकता है जब सभी सदस्यों को उनके अनुभव, योगदान और विचारों के आधार पर सम्मानित किया जाए न कि उनके पद या व्यक्तिगत स्वार्थों के आधार पर, इसके साथ ही विद्यालय में सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये कार्यक्रम स्टाफ के बीच आपसी मेलजोल और समझ को बढ़ावा देने का अच्छा अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षक और अन्य कर्मचारी एक-दूसरे के साथ व्यक्तिगत और सामाजिक रूप से जुड़ते हैं जिससे विद्यालय का वातावरण और अधिक सजीव और प्रेरणादायक बनता है। इन आयोजनों में प्रतिभागिता से स्टाफ के बीच आपसी संबंध और मजबूत होते हैं और टीम भावना का विकास होता है।
अंततः टीम भावना को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानाध्यापक को एक दूरदर्शी और कुशल प्रशासक के रूप में कार्य करना चाहिए। एक सफल प्रधानाध्यापक वह होता है जो न केवल विद्यालय के संसाधनों का समुचित उपयोग करता है बल्कि विद्यालय के प्रत्येक सदस्य की ताकतों को समझकर उनका उपयोग करता है। यह प्रधानाध्यापक का कर्तव्य है कि वह विद्यालय के सदस्यों को उनकी क्षमता और रुचियों के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपे ताकि हर सदस्य विद्यालय की सफलता में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सके। जब सभी को उचित जिम्मेदारी मिलती है और हर किसी की सफलता में सहयोगी भूमिका होती है तो टीम भावना का विकास होता है।
[13/05, 6:05 am] +91 96283 30454: *यू.पी में सरकारी कर्मचारी अब कुछ नहीं छिपा सकेंगे, हर गतिविधि होगी ऑनलाइन, मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश*
*आठ लाख कर्मचारियों की सभी जानकारियां मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध होगी, सभी विभागों को यह कार्य जल्द पूरा करने का आदेश*
कलमकार
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारी अब अपनी कोई भी जानकारी छिपा नहीं सकेंगे। आठ लाख कर्मचारियों की जांच संबंधित प्रक्रिया, विदेश यात्रा, मिली हुई सजाएं समेत अन्य सभी जानकारियां अब मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध होगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों के सेवा प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य कर्मचारियों का सेवा विवरण, जैसे नियुक्ति, कार्यभार ग्रहण, कार्यमुक्ति, अवकाश प्रबंधन, मेरिट आधारित ऑनलाइन स्थानांतरण, वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीआर), वेतन आहरण और सेवा पुस्तिका प्रबंधन, मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे हैं। इस पोर्टल को कर्मचारी डेटा और प्रक्रियाओं के केंद्रीकृत प्रबंधन के लिए डिजाइन किया गया है जिसकी उच्च स्तरीय निगरानी भी की जा रही है हालांकि अभी तक कर्मचारियों के खिलाफ चल रही विभागीय जांच, सतर्कता जांच या अभियोजन की जानकारी इस पोर्टल पर उपलब्ध नहीं थी। इस कमी को दूर करने के लिए सरकार ने पोर्टल पर इन जानकारियों को शामिल करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने इस संबंध में पोर्टल पर आवश्यक तकनीकी व्यवस्था भी पूरी कर ली है। पत्र के अनुसार कर्मचारियों की पदोन्नति, विदेश यात्रा और अन्य सेवा-संबंधी प्रकरणों के निस्तारण के दौरान यह जानकारी आवश्यक होती है कि उसके खिलाफ कोई जांच या अभियोजन प्रचलित है या नहीं, यह सब दर्ज किया जाएगा। ऐसी जानकारी के अभाव में प्रक्रियाओं में देरी और अस्पष्टता की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। मानव संपदा पोर्टल पर जांच से संबंधित विवरण दर्ज करने से न केवल प्रक्रियाएं पारदर्शी होंगी बल्कि निर्णय लेने में भी तेजी आएगी। यह कदम कर्मचारी प्रबंधन में डिजिटल तकनीक के उपयोग को और मजबूत करेगा। मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सचिवों को निर्देश दिया है कि वे अपने विभागों और अधीनस्थ कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ चल रही विभागीय जांच, अभियोजन और सतर्कता जांच का विवरण विभागीय एडमिन के माध्यम से मानव संपदा पोर्टल पर शीघ्र दर्ज कराएं। विभागीय स्तर पर इसकी समीक्षा कर इसे जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया गया है। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय सरकार के डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। मानव संपदा पोर्टल पर जांच-संबंधी जानकारी उपलब्ध होने से न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुगम होंगी बल्कि कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाइयों की निगरानी भी अधिक प्रभावी होगी इससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी। सरकार ने इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए एनआईसी के साथ मिलकर तकनीकी ढांचा तैयार कर लिया है लेकिन इसका सफल कार्यान्वयन विभागों की सक्रियता और समन्वय पर निर्भर करेगा। कर्मचारी संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है लेकिन साथ ही यह भी मांग की है कि पोर्टल पर दर्ज जानकारी की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
[13/05, 6:05 am] +91 96283 30454: *खंड शिक्षा अधिकारियों के जल्द होंगे तबादले मांगी गई सूचना*
कलमकार
कानपुर देहात। शासन ने अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले की प्रक्रिया 15 मई से 15 जून के बीच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के तबादले की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अपर निदेशक (बेसिक) कामता राम पाल ने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों व बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए वार्षिक तबादले के लिए बीईओ के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की सूचना मांगी है। उन्होंने यह निर्देश भी दिए हैं कि उप निरीक्षक (संस्कृत) जेडी कार्यालय, उप निरीक्षक (उर्दू) कार्यालय एडी बेसिक व बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीन कार्यरत बीईओ से संबंधित सूचना निदेशालय के ई-मेल आईडी additionaldirectorbasic@gmail.com पर उपलब्ध कराएं।
[13/05, 6:05 am] +91 96283 30454: *मुख्यमंत्री ने जनपद वाराणसी का किया भ्रमण*
*जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक कर*
*विकास कार्यों तथा* *कानून-व्यवस्था की समीक्षा की।*
*आई0एम0एस0-बी0एच0यू0 में निर्माणाधीन नेशनल सेण्टर फॉर एजिंग और बी0एच0यू0 ट्रामा सेन्टर में निर्माणाधीन न्यू बिल्डिंग ऑफ क्रिटिकल केयर सेण्टर का निरीक्षण किया*
*जनपद में गतिमान विकास परियोजनाओं को अभियान चलाकर*
*तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए : -मुख्य मंत्री*
*नामित नोडल अधिकारियों द्वारा कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता की मॉनिटरिंग की जाए*
*अर्बन नक्सल एवं उनसे जुड़े संगठनों पर सतर्क*
*निगरानी रखने एवं कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश*
*अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस के तहत कठोर कार्यवाही की जाए*,
*गौ-तस्करी, खनन आदि गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश*
*अधिकारीगण प्रतिदिन जनसुनवाई करें और*
*लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता पर समाधान करें।*
*इण्टीग्रेटेड मण्डलीय कार्यालय के निर्माण कार्य*
*हेतु टेण्डर आदि की कार्यवाही शीघ्र पूरी की जाए*
*सम्पूर्णानन्द संस्कृत* *विश्वविद्यालय की बाउण्ड्रीवॉल के*
*कार्यों को हर हाल में जून, 2025 तक पूरा करने के निर्देश*
*विकास प्राधिकरण निर्माणाधीन इण्टरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम केशव*
*चारों तरफ टाउनशिप तथा कनेक्टिविटी के कार्यों को तेजी से पूर्ण कराए*
*कज्जाकपुरा फ्लाईओवर और रामनगर-सूजाबाद*
*क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करें।*
*गर्मी के दृष्टिगत जनपद के ग्रामीण एवं शहरी*
*क्षेत्रों में समुचित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए*
*वरुणा नदी के पुनरुद्धार कार्य में तेजी लायी जाए*
*मुख्यमंत्री ने श्री काल भैरव मन्दिर एवं श्रीकाशी विश्वनाथ मन्दिर में दर्शन-पूजन किया*
कलमकार
लखनऊ : 12 मई, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज सर्किट हाउस सभागार, वाराणसी में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद में गतिमान विकास परियोजनाओं को अभियान चलाकर तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए। निर्माणाधीन विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा नामित नोडल अधिकारियों द्वारा कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता की मॉनिटरिंग की जाए। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने भारतीय सेना द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद जनपद में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था पर ध्यान दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने अर्बन नक्सल एवं उनसे जुड़े संगठनों पर सतर्क निगरानी रखने एवं कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने वाराणसी जोन के सीमावर्ती जनपदों में गौ-तस्करी, खनन आदि गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौ तस्करों एवं उनके सम्पर्क सूत्रों के जब्त वाहनों की नियमानुसार नीलामी कराने की बात कही। लूट, चेन स्नैचिंग आदि घटनाओं पर पुलिस सख्त कार्यवाही करे। उन्होंने सेफ सिटी के दृष्टिगत पर्याप्त संख्या में सी0सी0टी0वी0 कैमरों का व्यवस्थापन, संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन आदि के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में घटित होने वाली घटनाओं पर तुरन्त एक्शन लिया जाए। अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस के तहत कठोर कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कमिश्नरी परिसर में बनने वाले इण्टीग्रेटेड मण्डलीय कार्यालय के निर्माण कार्य हेतु टेण्डर आदि कार्यवाही तेजी से कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण प्रतिदिन जनसुनवाई करें और लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता पर समाधान करें। पीड़ित व्यक्तियों को तत्काल न्याय मिले। राजस्व वादों का निस्तारण मेरिट के आधार पर सुनिश्चित करें। जन्म-मृत्यु आदि प्रमाण पत्रों के लिए किसी को अनावश्यक भटकना न पड़े। उन्होंने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की बाउण्ड्रीवॉल के कार्यों को हर हाल में जून, 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने नगर निगम व विकास प्राधिकरण को अपने विभागीय कार्यों को बेहतर तरीके से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के दृष्टिगत जनपद के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में समुचित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करायी जाए। उन्होंने नगर निगम को बरसात से पहले सभी नालों की सफाई के साथ ही मौके से सिल्ट हटाये जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण गंजारी में निर्माणाधीन इण्टरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के चारों तरफ टाउनशिप तथा कनेक्टिविटी के कार्यों को तेजी से पूर्ण कराए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रामनगर-सूजाबाद क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क के कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़कों के किनारे स्थित भवनों के नालियों को मेन नाले से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि घरों में जल-निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सड़कें अतिक्रमण मुक्त हों और यातायात व्यवस्था सुगमता से संचालित हो। उन्होंने आमजन को आवागमन में कोई परेशानी न हो, इसके लिए बस, टैक्सी, रिक्शा स्टैण्ड हेतु उपयुक्त स्थान का चयन कर वाहनों को व्यवस्थित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कज्जाकपुरा फ्लाईओवर के कार्यों में रेलवे अधिकारियों से वार्ता कर कार्यों को पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘हर घर नल योजना’ के अंतर्गत कार्य की गुणवत्ता व रोड कटिंग कार्य की मॉनीटरिंग हेतु जल निगम-ग्रामीण को जनप्रतिनिधियों के साथ 4-4 गांव का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरुणा नदी के पुनरुद्धार कार्य में तेजी लायी जाए। एयरपोर्ट विस्तारीकरण के दौरान स्थानीय लोगों के आवागमन में कोई बाधा न आये, यह सुनिश्चित किया जाये।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि जनपद में वर्तमान में लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की कुल 60 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। सड़कों तथा पुलों के कुल 18 प्रोजेक्ट्स गतिमान हैं। रिंग रोड फेज-2 में एक लेन को मई माह के अंत तक हर हाल में क्रियाशील कर दिया जायेगा, जिससे लोगों का आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा तथा शेष कार्यों को दिसम्बर माह तक पूरा कर लिया जायेगा। कचहरी-संदहा मार्ग, पाण्डेयपुर-आजमगढ़ मार्ग तथा पड़ाव-टेंगरा सड़क निर्माण के कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्यों हेतु शासन से बजट आवंटित हो गया है, जिसको तत्काल पूरा कराया जायेगा।
मुख्यमंत्री जी ने विकास परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा करने के पश्चात गतिमान परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने आई0एम0एस0- बी0एच0यू0 में 147.39 करोड़ रुपये लागत से निर्माणाधीन नेशनल सेण्टर फॉर एजिंग और बी0एच0यू0 ट्रामा सेन्टर में 119.47 करोड़ रुपये लागत से निर्माणाधीन न्यू बिल्डिंग ऑफ क्रिटिकल केयर सेण्टर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्धारित अवधि में मानक के अनुरूप गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किए जाएं।
ज्ञातव्य है कि नेशनल प्रोग्राम फॉर हेल्थ केयर ऑफ द एल्डरली (एन0पी0एच0सी0ई0) के तहत आई0एम0एस0-बी0एच0यू0 में बन रहे देश के तीसरे नेशनल सेण्टर फॉर एजिंग में बुजुर्गों को एक ही छत के नीचे इलाज की सुविधा मिलेगी। बी0एच0यू0 परिसर में यह सेंटर निर्मित कराया जा रहा हैं। अभी तक दिल्ली एम्स और मद्रास मेडिकल कॉलेज में ऐसा सेंटर क्रियाशील है। छह मंजिला इस सेंटर में 200 बेड पर बुजुर्गों को भर्ती करने की सुविधा होगी। बी0एच0यू0 ट्रॉमा सेंटर में 150 बेड के क्रिटिकल केयर सेण्टर का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। इसमें तीन मॉड्युलर ऑपरेशन थियेटर होंगे और मरीजों को आई0सी0यू0 जैसी सभी सुविधाएं प्राप्त होंगी। इसके अलावा 40 बेड का बर्न वार्ड भी निर्मित कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने वाराणसी भ्रमण के दौरान श्री काल भैरव मन्दिर एवं श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर में दर्शन-पूजन किया।
समीक्षा बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रवीन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 दयाशंकर मिश्र ’दयालु’ सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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[13/05, 6:05 am] +91 96283 30454: *दहेज हत्या के मामले में वांछित एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार करके भेजा जेल*
कलमकार
कानपुर देहात …थाना शिवली पुलिस टीम ने दहेज हत्या के मामले में वाँछित एक नफर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्तथाना शिवली पर पंजीकृत मु0अ0सं0 141/2025 धारा 80(2)/85 भा0न्या0सं0 व 3/4 डी0पी0 एक्ट में वांछित था …
मालूम हो कि अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर, आलोक सिंह व पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर रेन्ज, कानपुर, हरीश चन्द्र के कुशल मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात अरविन्द मिश्र के निर्देशन में जनपद कानपुर देहात में महिला सम्बन्धी अपराधों की रोकथाम हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, दिनांक 10.05.2025 को वादी श्री गुलाब सिंह पुत्र शिवगोपाल निवासी ग्राम प्रतापपुर उदैत थाना शिवली कानपुर देहात द्वारा दी गयी लिखित तहरीर के आधार पर थाना शिवली पर मु0अ0सं0 141/2025 धारा 80(2)/85 भा0न्या0सं0 व 3/4 डी0पी0 एक्ट बनाम 03 नफर नामजद अभियुक्तगण पंजीकृत किया गया था। मुकदमा उपरोक्त में क्षेत्राधिकारी रसूलाबाद जनपद कानपुर देहात द्वारा विवेचना के दौरान अभियुक्तगणो की गिरफ्तारी हेतु प्रभारी निरीक्षक शिवली हरमीत सिंह को दी गयी हुकुम तहरीरी के आधार पर थाना शिवली पुलिस ने कार्यवाही करते हुए दिनांक 12.05.2025 को समय करीब 14.53 बजे 01 नफर वाँछित अभियुक्त कृष्ण प्रताप सिंह उर्फ अंकित पुत्र छत्रपाल उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम सरैया थाना शिवली जनपद कानपुर देहात को मुखबिर की सूचना पर केसरी निवादा नहर पुल थाना क्षेत्र शिवली से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया है कि अन्य अभियुक्तों की घटना में संलिप्तता के संबंध में साक्ष्य संकलन की कार्यवाही प्रचलित है, प्राप्त साक्ष्यों/तथ्यों के आधार पर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जायेगी। गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उपरोक्त अभियुक्त की गिरफ्तारी करने मेंउ0नि0 शिवेन्द्र वर्मा ,हे0का0 125 सुशील कुमार शामिल रहे…

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