January 14, 2026

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औरैया28मई*विद्युत करंट की चपेट में आकर मजदूर झुलसा रेफर*

औरैया28मई*विद्युत करंट की चपेट में आकर मजदूर झुलसा रेफर*

औरैया28मई*विद्युत करंट की चपेट में आकर मजदूर झुलसा रेफर*

*वर्ष 2003 में निकली थी एचटी लाइन अभी तक नहीं लगी सपोर्ट वायर*

*विद्युत विभाग के प्रति ग्रामीणों बढ रहा में तीव्र आक्रोश*

*औरैया।* कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरम्हूपुर में शनिवार की सुबह एक मजदूर एचटी लाइन की चपेट में आ गया जिससे वह गंभीर रूप से झुलसने के साथ छत से नीचे गली में गिर पड़ा। जमीन पर गिरने से उसके सिर में गंभीर चोटें आई। जानकारी होने पर परिजनों एवं अन्य लोगों ने उसे तुरंत सरकारी एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए रेफर कर दिया। बताया जाता है कि करीब 18 वर्ष पूर्व गांव से एचटी लाइन निकाली गई थी। इसके बाद मकान बन जाने से विद्युत लाइन मकानों के दरवाजे पर आ गई। अभी तक एचटी लाइन में नंगे तार झूल रहे हैं। सपोर्ट वायर भी लगवाना विभाग द्वारा मुनासिब नहीं समझा गया, जिससे हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते ग्रामीणों में तीव्र आक्रोश व्याप्त है।
क्षेत्र के ग्राम बरम्हूपुर निवासी तेजराम 30 वर्ष पुत्र रामवक्स जोकि मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है। शनिवार की सुबह करीब 11 बजे वह अपने घर की छत पर किसी काम से गया हुआ था, उसी समय घर के दरवाजे से निकली 11 हजार वोल्टेज विद्युत लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। इसके अलावा वह छत से करीब 15 फुट नीचे जमीन पर गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में भी गंभीर चोटें आई हैं। जानकारी होने पर परिजन एवं ग्रामीण उसे तुरंत 108 एंबुलेंस के माध्यम से 50 शैय्या युक्त जिला संयुक्त चिकित्सालय ले आये और भर्ती कराया , जहां पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए मिनी पीजीआई सैफई इटावा रेफर कर दिया। बताया जाता है कि गांव में 11हजार वोल्टेज विद्युत लाइन वर्ष 2003 में निकली थी। तब से लेकर अभी तक विभाग द्वारा सपोर्ट वायर भी नहीं लगाई गई है, जिससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते ग्रामीणों में विभाग के प्रति तीव्र आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संदर्भ में विद्युत विभाग को कई बार आगाह किया गया, लेकिन विद्युत विभाग ने सपोर्ट वायर लगवाना मुनासिब नहीं समझा, जिसके चलते घटनाएं घट रही है। विद्युत विभाग मूकदर्शक व तमाशाई बना हुआ है। ग्रामीणों ने जनहित में सपोर्ट वायर लगवाए जाने के लिए जिला प्रशासन से मांग की है। आपको बताते चलें कि विद्युत की चपेट में आये मजदूर के चार संतानों में छोटे-छोटे दो लड़के व दो लड़कियां हैं।

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