May 24, 2026

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औरैया18मई*बेफिक्र होकर खाएं फाइलेरिया की दवा- डॉक्टर शिशिरपुरी*

औरैया18मई*बेफिक्र होकर खाएं फाइलेरिया की दवा- डॉक्टर शिशिरपुरी*

औरैया18मई*बेफिक्र होकर खाएं फाइलेरिया की दवा- डॉक्टर शिशिरपुरी*

*औरैया।* यदि आपको फाइलेरिया की दवा खाने से पेट दर्द, उल्टी, मितली, चक्कर आना, चकत्ते पड़ना और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्या होती है, तो आप घबरायें नहीं बल्कि यह फाइलेरिया होने का सबूत है। इसकी दवा आपके शरीर में फैले संक्रमण को पूरी तरह खत्म कर रही है। यह कहना है डॉ. शिशिर पुरी नोडल अधिकारी वी.बी.डी का। बुधवार को वह फाइलेरिया के एमडीए अभियान के दौरान फाइलेरिया बीमारी की विस्तृत जानकारी दे रहे थे।
उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग निश्चिंत होकर फाइलेरिया की दवा खाएं। इस दवा से कोई नुकसान नहीं होता है।
कैंसर, क्षय रोगी समेत कोई भी व्यक्ति इसका सेवन कर सकता है. इस दवा से परेशानी सिर्फ उन्हीं को हो सकती है जिनके भीतर फाइलेरिया के वाहक माइक्रोफाइलेरिया पहले से मौजूद हैं। दवा के असर से उनका खात्मा होने लगता है। ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हर सीएचसी-पीएचसी पर रैपिड रिस्पांस टीम बनी हुई है जो फौरन मदद कर रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) लाल साहब सिंह ने बताया कि एमडीए प्रोग्राम के तहत जनपद में 16.12 लाख लोगों को दवा खिलाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमे से 544817 लोगों को दवा खिला दी गई हैं | कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने दवा खिला रहे हैं |लिम्फैटिक फाइलेरियासिस के उन्मूलन के लिए 19 जिलों में 12 मई से फाइलेरिया अभियान चलाया जा रहा है जो कि 27 मई तक चलेगा। डीएमओ ने बताया कि 12 मई से आशा-आंगनबाड़ी की टीम घर-घर जाकर अपने सामने लोगों को फाइलेरिया की दवा खिला रही हैं। उन्होने लोगों से आपील की है कि फाइलेरिया की दवा खाली पेट न खाएं और स्वास्थ्यकार्यकर्ता के सामने ही खाएं। यह दवा गर्भवती, गंभीर रूप से बीमार लोगों और 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं खिलानी है।डीएमओ ने बताया कि
क्यूलेक्स नामक मच्छर वाउचेरिया ब्राक्फटाई नामक पैरासाइट का संक्रमण मरीज से स्वस्थ व्यक्ति में करता है। यह फाइलेरिया का वाहक है जो गंदगी में पाया जाता है। इसके पैरासाइट्स 20 साल तक शरीर में पड़े रहते हैं। अगर पांच साल तक डाईएथाइल कार्बामाजिन (डीईसी) नामक दवा का सेवन एल्बेंडाजोल गोली के साथ किया जाए तो इस बीमारी से प्रतिरक्षित हो सकते हैं। अभियान के दौरान इन्हीं दवाओं का सेवन करवाया जा रहा है।
नोडल अधिकारी ने बताया कि जिनके शरीर में माइक्रो फाईलेरिया के कीटाणु पहले से मौजूद होते हैं उन्हें दवा के सेवन के बाद कुछ प्रतिकूल प्रभाव नज़र आते हैं, जो निम्न इस प्रकार से हैं। जी मचली करना, उल्टी होना। चक्कर आना, खुजली होना, हल्का बुखार आदि लक्षण हो सकते हैं। आगे उन्होंने कहा कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति दवा का सेवन न करें। इसके अलावा कैंसर, टी.बी, उच्च, रक्तचाप, मधुमेह, अर्थराइटिस की दवा ले रहे हैं उनको भी इस दवा का सेवन अवश्य करना है।

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