औरैया 24 फरवरी *जनपद न्यायालय के लिए जिला न्यायाधीश ने किया निरीक्षण*
*औरैया।* जिला सृजन के बाद अभी तक जिला न्यायालय का निर्माण नहीं हो सका है। जिसके चलते न्यायिक अधिकारी एवं अधिवक्ता गण पूर्व में घोषित मुंसिफ कोर्ट में ही न्यायिक कार्य कर रहे हैं। इसके लिए ककोर मुख्यालय पर नवीन जिला न्यायालय के लिए जगह को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें न्यायालय का नया भवन बनने के बाद न्यायिक कार्य मुख्यालय से ही संपादित हुआ करेंगे। इसी के चलते गुरुवार को जिला न्यायाधीश ने अपनी टीम के साथ भौतिक निरीक्षण किया है। इसके अलावा शीघ्र ही न्यायालय का नवीन भवन बनने की संभावना व्यक्त की है।
तत्कालीन बसपा सरकार की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती द्वारा औरैया जनपद का सृजन 17 सितंबर 1997 को हुआ था। जिला सृजन के बाद न्यायालय दिबियापुर रोड स्थित पुरानी कलेक्ट्रेट में चलता रहा। लेकिन कई कारणों के चलते यह स्थान परिवर्तित हो गया, और जिला न्यायालय मुंसिफ कोर्ट से ही संचालित होने लगा, जो अभी तक वहीं से संचालित हो रहा है। पर्याप्त जगह के अभाव में अधिवक्ता गण न्यायालय परिसर के बाहर सड़क के किनारे अपना अपना बस्ता लगाकर जहां एक और अतिक्रमण किए हुए हैं। वहीं दूसरी ओर फोरलेन रोड पर फोर व्हीलर व टू व्हीलर खड़े करके मार्ग को पूरे दिन अवरुद्ध रखते हैं। जिसके चलते यात्रियों एवं राहगीरों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही पूरे दिन मुंसिफ कोर्ट की सड़क बंद बनी रहती है। इस मार्ग पर अस्थाई अतिक्रमण हटाने में भी शासन व प्रशासन ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। गुरुवार को नवीन जनपद न्यायालय के लिए जिला न्यायाधीश ने अपनी टीम के साथ ककोर मुख्यालय पहुंचकर निर्धारित जगह का निरीक्षण किया है। ककोर मुख्यालय में नवीन जनपद न्यायालय के लिए जिला न्यायधीश अनिल कुमार वर्मा एवं सीजेएम जीवाराम, वकील धर्मा व इंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे। नवीन न्यायालय भवन बनने से जनपद वासियों को काफी सहूलियत मिलेगी। वही फफूँद रोड पर अतिक्रमण से भी आम जनमानस को छुटकारा मिल सकेगा।
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