February 17, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

औरैया 24 नवम्बर *जो जस करिहि सो तसुबफल चाखा*.......

औरैया 24 नवम्बर *जो जस करिहि सो तसुबफल चाखा*…….

औरैया 24 नवम्बर *जो जस करिहि सो तसुबफल चाखा*…….

*अजीतमल,औरैया।* कर्मों का फल सभी को भोगना अवश्य पड़ता है। बुरे काम का बुरा नतीजा ना मानो तो करके देखो। बाबरपुर कस्बे के मोहल्ला अशोक नगर में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन आचार्य जितेंद कृष्ण युगल ने उक्त प्रवचनों को गोकर्ण और धुंधकारी की कथा कहते हुए विस्तार से बताया। गोकर्ण, प्रभु का भक्त था। और उनका भाई धुंधकारी वैश्याओं के साथ रमण करते हुए अधर्म में लीन रहने वाला था। था। अंतत: वैश्याओं ने उसका सब कुछ लूटकर उसकी हत्या कर दी। अकाल मृत्यु के कारण धुंधकारी प्रेत योनि में चला गया। भाई गोकर्ण ने प्रेत योनि से मुक्ति दिलाने के लिये सूर्य भगवान के बताये सूत्र पर भाई धुंधकारी को श्रीमद्भागवत कथा सुनायी। जिसके श्रवण से धुंधकारी को प्रेत योनि से मुक्ति मिली। इस कथा से स्पष्ट है कि कर्म ही मनुष्य को गति प्रदान करते हैं।आयोजको ने बताया कि प्रतिदिन दोपहर साढ़े बारह बजे से शाम पांच बजे तक आचार्य जितेंद कृष्ण तथा शाम 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक आचार्य निशा शास्त्री के मुखारविंद से श्रोताओं को कथा सुनाई जा रही है।