March 1, 2026

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औरैया 15 अप्रैल *मौसम की मार के साथ बैंगन की खेती पर कीट का प्रकोप*

औरैया 15 अप्रैल *मौसम की मार के साथ बैंगन की खेती पर कीट का प्रकोप*

औरैया 15 अप्रैल *मौसम की मार के साथ बैंगन की खेती पर कीट का प्रकोप*

*बैंगन की फसल में सफेदी एवं कीट से हो रहा नुकसान*

*औरैया।* विकासखंड औरैया क्षेत्र में बैंगन की खेती कई किसानों ने की है, जिस पर मौसम की मार पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर बैंगन की फसल में सफेदी रोग एवं कीटों का प्रकोप बढ़ जाने से फसल को काफी नुकसान हो रहा है। जिसके चलते किसानों को बाजार में उचित दाम भी नहीं मिल पा रहे हैं, वही खेती में अधिक लागत लग रही है। वैज्ञानिक तरीके से खेती करने वाले किसान मौसम की मार एवं कीट के प्रकोप से काफी परेशान है।
विकासखंड औरैया क्षेत्र के ग्राम परमंदी का पुरवा निवासी किसान पहलाद सिंह एवं उसके भाई ने बैंगन की खेती की है। बैंगन की खेती करने वाले किसानों ने बताया , कि उन्होंने अपने-अपने खेत में एक-एक बीघा फसल की हुई है। वह वैज्ञानिक तरीके से खेती करते हैं। अधिक गर्मी पड़ने के कारण खेत में नमी नहीं रह पाती है, जिसके कारण उन्हें बैंगन की फसल में जल्दी-जल्दी पानी लगाना पड़ता है। जिसके कारण उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है। वहीं दूसरी ओर फसल में सफेदी रोग के साथ-साथ कीट का प्रकोप बढ़ गया है, जो बैंगन में छेद कर देते हैं। चना की फलियों में लगने वाली घोंघी बैंगन की खेती को नुकसान पहुंचा रही है। अभी तक उनकी एक – एक बीघा खेती में 8 – 8 हजार रुपए खर्च हो चुके हैं। वह दूसरी बार बाजार ले जाने के लिए बैंगन तोड़ रहे हैं। पहली बार उन्हें मंडी में एक बोरी बैंगन की कीमत जिसका वजन लगभग 35 किलो था, उसके मात्र 400 रुपए ही मिल सके। इस प्रकार उन्हें बैंगन का वाजिब मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्हें सफेदी रोग एवं कीट नियंत्रण के लिए महंगी दवाइयां भी खरीदनी पड़ती हैं।