March 1, 2026

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औरैया 12 अप्रैल *सूरज ने बढ़ाई तपन, तो नहर में नहाते दिखे बच्चे*

औरैया 12 अप्रैल *सूरज ने बढ़ाई तपन, तो नहर में नहाते दिखे बच्चे*

औरैया 12 अप्रैल *सूरज ने बढ़ाई तपन, तो नहर में नहाते दिखे बच्चे*

*तेज धूप के चलते सुबह 10 बजे के बाद घर से बाहर निकलना हो रहा मुश्किल, पारा पहुंचा 40 डिग्री सेल्सियस*

*औरैया।* माह अप्रैल में ही सूरज की तपन ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। इन दिनों अधिकतम पारा 40 डिग्री पर पहुंच रहा है। इसी कारण से घर से बाहर निकलने वाले लोग तपन का एहसास कर रहे हैं। अप्रैल माह में ही लोगों को जून जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। इन दिनों लोगों को ठंडे पेय पदार्थों से दूर रहना चाहिए। बढ़ती हुई तपन से लोगों को अपने आप को सुरक्षित रखना चाहिए। बढ़ती गर्मी से बच्चे नहर में नहाते नजर आए।
मंगलवार को तपन और गर्म हवाओं से लोग परेशान दिखे। रात्रि के समय ठंडक एवं दिन में सूरज की तपन बीमारियों को बढ़ा रही है। कुछ जानकार लोगों का कहना है कि आगामी दिनों में तपन में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। अप्रैल के प्रथम सप्ताह से ही सूरज की तपन बढ़ गई है। किसान राम सिंह भारती, हरिशंकर विश्वकर्मा, कन्हैया लाल वर्मा , राम प्रकाश पाल , गजेंद्र सिंह निषाद , गनेश कुमार राठौर व राजेश पाल आदि लोगों का कहना है कि अचानक बढ़ी हुई सूरज की तपन से उनकी गेहूं की फसल जल्दी सूखकर पक गई है। जिससे गेहूं की पैदावार में नुकसान होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। कुछ अन्य जागरूक लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में तपन में और वृद्धि होने की संभावना है। अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह से ही लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने लगा है। इस दौरान मलेरिया के मरीज अस्पतालों में पहुंचने लगे हैं। मौसम विभाग की मानें तो अप्रैल माह में तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बढ़ती हुई गर्मी के चलते ग्रामीण बच्चे गर्मी से निजात पाने के लिए नहर में नहाते हुए देखे गए। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ते हुए तापमान के कारण सब्जियों की फसल प्रभावित हो सकती है। इससे बचाव के लिए समय-समय पर सब्जियों की सिंचाई करते रहना चाहिए। इसके अलावा पशुओं को तपन से बचाने के लिए नहलवाने के साथ दिन में 2 बार पानी अवश्य पिलाना चाहिए। गर्मी से आने के बाद ठंडा पानी एवं पेय पदार्थ का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसलिए इससे बचना आवश्यक है। घर से बाहर निकलते समय शरीर को ढके रहना चाहिए, तथा समय-समय पर ताजे पानी का सेवन करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को लू लगने की संभावना हो तो , उसे चिकित्सकों से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। *क्या कहते चिकित्सक* चिकित्सक शत्रुघ्न का कहना है, कि तपन के बढ़ने से दस्त, डायरिया , जुकाम , बुखार , आंखों में जलन व पेट दर्द आदि बीमारियों ने लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। जिन लोगों को उपरोक्त बीमारियां जल्दी होती हैं उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे लोग विटामिन डी व सी युक्त जैसे पेय पदार्थ नींबू व आंवले आदि का सेवन करें। गर्मी का सबसे ज्यादा प्रभाव छोटे व किशोर बच्चों पर पड़ता है। प्रत्येक अभिभावक को बच्चों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए , बचाव ही सुरक्षा है।

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