April 24, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

औरैया 04 अप्रैल *कोरोना काल से लेकर कई घोटालों में शामिल माने गए डीएम*

औरैया 04 अप्रैल *कोरोना काल से लेकर कई घोटालों में शामिल माने गए डीएम*

औरैया 04 अप्रैल *कोरोना काल से लेकर कई घोटालों में शामिल माने गए डीएम*

*अधिकारी कम नेता बने रहे,सीएम योगी का खास बताकर झाड़ते रहे रौब*

*औरैया।* घोटालों की शिकायत जांच में सही मिलने पर शासन ने डीएम सुनील कुमार वर्मा की निलंबित कर दिया है। अब विजिलेंस टीम आय से अधिक संपत्ति की जांच करेगा। सुनील वर्मा ने खनन से लेकर जिला पंचायत के घटिया निर्माण के बाद भी भुगतान करने और कोरोना काल घोटाले को रफा दफा करने एवं असलहा बनाने में कई रुपये लेने के अरोप लगते रहे। सुनील वर्मा अधिकारी कम नेताओ की तरह कुर्ता पैजामा में अपनी स्टाइल बनाकर घूमते रहे। यही नहीं वह खुद को सीएम आदित्यनाथ योगी का खास बताकर जनप्रतिनिधियों में भी रौब रखते थे। सीएम के साथ कि फ़ोटो भी अपनी वाट्सएप प्रोफाइल में लगाए रहे।
जनवरी 2021 को सुनील वर्मा औरैया के डीएम नियुक्त हुए थे, और पहली बार उन्हें डीएम का चार्ज मिला था। औरैया में आने के कुछ दिन बाद ही वह नेताओ की तरह कुर्ता पैजामा में घूमने लगे। इसके वाद कोरोना काल में जिले में व्यवस्था करने में वह फेल हुए और कोरोना काल मे स्वास्थ्य विभाग में जबरदस्त करोड़ो के घोटाले हुए , और पूरे मामले को डीएम सुनील वर्मा ने रफा दफा कर दिया। इसके वाद असलहा बनाने के नाम पर रुपये लेने की भी खूब शिकायत हुई। जिला पंचायत कार्यकाल पूरा होने पर पुराना बिल भुगतान करने व नया टेंडर जारी कर देने में तगड़ा कमीशन लेने का आरोप लगा। यह सभी मामले दबे रहे। यही नही सुनील वर्मा ने देवकली ट्रस्ट बनाकर खनन माफियाओ से रुपये भी जमा कराये, और इसके बदले अवैध रूप से खनन करने का भी आरोप लगा। शिकायत पर दो दिन पहले कमिश्नर राजशेखर ने जांच भी की थी।
इतना ही नहीं खनन माफियाओं को औरैया रत्न दिया। सुनील वर्मा ने खनन माफिया मख़लू पांडेय और हरी तिवारी से मोटी रकम वसूली और जिले में एक नया कार्यक्रम बताकर उन्हें औरैया रत्न से सम्मानित कर दिया। औरैया रत्न कुछ को छोड़कर मनमाने तरह से बांटे और जमकर वसूली हुई। जब सांसद का पत्र वायरल हुआ और डीएम डटे रहे। सांसद रामशंकर कठेरिया ने डीएम सुनील वर्मा की शिकायत शासन से की। कई घोटाले के साथ ही देवकली चौकी पर ओवरलोड ट्रक निकलने और खनन सहित कई घोटालों का आरोप था। शासन से कार्रवाई नहीं हुई, औऱ वह पत्र कुछ महीने बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। सांसद के पत्र के बाद भी कार्रवाई न होने पर डीएम पूरे रौब में आकर काम कर रहे थे।
*इनसैट* *उल्टा तिरंगा फहरा दिया था* 15 अगस्त को डीएम सुनील वर्मा ने कलेक्ट्रेट पर उल्टा झंडा फहरा दिया था। मामला सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो डीएम सुनील ने बेतुका बयान दिया था कि झंडारोहण का ट्रायल था। इन सब मामलों में कोई कार्रवाई न होने पर सुनील वर्मा के हौंसले बढ़ते गए। अछल्दा ब्लॉक में बनी दुकानों को गिराने में भी रुपये मांगने का आरोप लगा था।

Taza Khabar