February 27, 2026

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भिवाड़ी राज006मार्च*गाय बाले बाबा मोहन राम की चौखट पर आकर लोग पाते मुँह मांगी मुरादे

भिवाड़ी राज006मार्च*गाय बाले बाबा मोहन राम की चौखट पर आकर लोग पाते मुँह मांगी मुरादे

भिवाडी राज006मार्च*गाय बाले बाबा मोहन राम की चौखट पर आकर लोग पाते मुँह मांगी मुरादे

यूपी आज तक पहुंचा बाबा मोहन राम की नगरी भिवाड़ी में वहां मेरी मुलाकात हुई हेड कॉन्स्टेबल मिस्टर तेजपाल से  उन्होंने बाबा मोहनराम की प्राचीन कहानी के बारे में बताया उनका एक वक्त के दौर में नंदू नाम का एक व्यक्ति था जो रोज अपनी गाय को चाराने के लिए आस-पास के गांव जैसे खिदरपुर मिलकपुर सैदपुर भिवाड़ी। ख़िदरपुर के पास एक गुफा के अंदर उसकी गाय रोजाना गायब हो जाती थी वह बहुत ज्यादा मायूस हो परेशान रहता था कि गाय कहां पर गायब हो जाती है ऐसा कई दिनों तक चलता रहा एक दिन उसको एक नीले घोड़े पर एक दिव्य पुरुष दिखाई दिया उस दिव्य पुरुष की दिव्य दृष्टि को देखकर नंदू डर गया यह क्या माजरा है भागने लगा तो उस  दिव्य दृष्टि ने कहा बेटा भागो नहीं आप परेशान ना हो मैं आपको एक  वरदान देना चाहता हूं मिलकपुर गांव के पास एक पीपल का पेड़ है वहां जाकर आप मेरा मंदिर का निर्माण कराएं यहां काली खोली गुफा में मेरी जोत जलाएं।

नंदू ने मिलकपुर गांव में जाकर वहां के सरपंच से बात की उसके बाद  सरपंच ने नंदू की बात मान ली  और वहां पर एक मंदिर बनवाया गया । पीढ़ी दर पीढ़ी लोग मंदिर में पूजा पाठ करते रहे उस दिव्य दृष्टि ने नंदू को आशीर्वाद दिया की तुम्हारे आशीर्वाद से जो लोग परेशान है उनकी परेशानी दूर हो जायेगी। जिन महिलाओं को पुत्र प्राप्त नहीं होता था नंदू के आशीर्वाद से उनको पुत्र प्राप्ति हुई और नेत्रहीनो को नेत्र ज्योति प्राप्त हुई और तमाम लोगों की जायज मनोकामनाएं पूरी होने लगी ऐसे यह पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहा। मिलकपुर के राम नारायण नेतराम भगत जी ने इस काम को आगे बढ़ाया अब तक निरन्तर चला आ रहा है आज भिवाड़ी को बाबा मोहन राम गाय वाले बाबा के नाम से जाना जाता है यहां पर भारत के अलग-अलग प्रदेशों से लोग आकर बाबा के दर्शन करते हैं और अपनी मुरादों को पूरा करते हैं भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी बाबा मोहन राम का नाम विख्यात है।

भिवाड़ी दिल्ली एनसीआर से जमील अहमद की खास पड़ताल न्यूज़ यूपीआजतक