June 10, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

अयोध्या03दिसम्बर*आंदोलित ग्राम प्रधानों ने शुक्रवार को प्रधान संगठन के बैनर तले जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।

अयोध्या03दिसम्बर*आंदोलित ग्राम प्रधानों ने शुक्रवार को प्रधान संगठन के बैनर तले जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।

अयोध्या03दिसम्बर*आंदोलित ग्राम प्रधानों ने शुक्रवार को प्रधान संगठन के बैनर तले जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।

73 संविधान संशोधन के मुताबिक 29 विभागों का कार्य पंचायती राज को सौंपने और मानदेय सचिव से ज्यादा देने समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलित ग्राम प्रधानों ने शुक्रवार को प्रधान संगठन के बैनर तले जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन कलेक्ट्रेट में मुख्य राजस्व अधिकारी चंद्रशेखर मिश्रा को सौंपा गया है। मांग न पूरी होने पर प्रधान संगठन ने काम बंद करते हुए असहयोग आंदोलन की चेतावनी दी है।
अखिल भारतीय प्रधान संगठन का कहना है कि 13 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानों की ओर से 28 नवंबर को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में महारैली कर 15 दिन के भीतर मांग पर कार्रवाई की मांग की गई थी। अगले चरण में प्रदेश के सभी 826 ब्लॉकों में कार्य बहिष्कार कर खंड विकास अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया ।  मांग पर सम्यक कार्रवाई न होने के चलते आज मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया है।             ज्ञापन में वर्ष 1993 में पारित 73वें संविधान संशोधन विधेयक के तहत 29 विभागों के अधिकार व कार्य पंचायत को सौंप सत्ता विकेंद्रीकरण की आदर्श व्यवस्था को लागू कराने, सहायक सचिव कम डाटा एंट्री ऑपरेटर व शौचालय केयरटेकर के मानदेय का भुगतान राज्य सरकार की ओर से किए जाने, पंचायत से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता से प्रत्येक माह पंचायत दिवस के आयोजन, पंचायतों से जुड़े राजस्व कर्मी, पंचायत कर्मी, आंगनबाड़ी, राशन कोटेदार व सरकारी स्कूल के शिक्षकों की उपस्थिति, कार्य प्रमाणन, निलंबन की संस्तुति समेत सभी मामले पंचायत के अधिकार में दिए जाने, पंचायत प्रतिनिधियों को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस प्रदान करने, पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ अभियोग पंजीकरण के पहले उप निदेशक पंचायत से अनुमति का प्रावधान और झूठी शिकायत पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई व जिला योजना समिति में प्रधानों के प्रतिनिधित्व की मांग की गई है।
साथ ही लोकसभा में पारित प्रस्ताव की तर्ज पर पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय उनके सचिवों से कम से कम 1 रुपए ज्यादा निर्धारित करने, 10 लाख तक के कार्य का इस्टीमेट पास करने का अधिकार ग्रामसभा को देने, राज्य वित्त आयोग व 15 वा वित्त आयोग की धनराशि को खर्च करने का पूर्ण अधिकार पंचायत राज एक्ट के तहत पंचायतों को दिए जाने तथा लखनऊ से जारी गाइडलाइन को खत्म कर पंचायत प्रतिनिधियों को पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान करने, राज्य वित्त आयोग व प्रशासनिक सुधार आयोग की सभी सिफारिशें लागू करने तथा लोक निर्माण विभाग से वापस लेकर निर्माण व विकास कार्य में प्रयुक्त होने वाली सामग्री ईट,मोरंग, सफेद बालू, गिट्टी, सरिया सीमेंट आदि का मूल्य अन्य एजेंसी से बाजार दर पर निर्धारित कराने और सफाई कर्मियों की तैनाती आबादी के हिसाब से कराए जाने की मांग की गई है।
संगठन के जिला अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि संसद और विधानसभा के सदस्य वहां के सचिव से ज्यादा भुगतान पा रहे हैं। इसके लिए बाकायदा कानून भी बना लिया है। प्रधान बीडीसी प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष भी जनप्रतिनिधि है लेकिन इनको मानदेय बहुत कम दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार गाइडलाइन जारी कर पंचायतों के अधिकार पर अतिक्रमण कर रही है और पंचायतों को एजेंसी के रूप में इस्तेमाल कर रही है। सरकार ने मांग पूरी नहीं की तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। ज्ञापन देने वालों में संगठन के जिला सचिव संजय कुमार, महासचिव गजेंद्र सिंह, अंतपुर के प्रधान मीनू यादव, सरेठी के रक्षा राम, कैल के प्रदीप यादव, गंगौली के अनिल तिवारी, हैसा की कमला देवी, बेनी गद्दोपुर के दुर्गेश सिंह, मवई के पिंटू वर्मा, चरावा के अनिल कुमार, रामपुर अहिरौला की पूनम यादव, रामपुर हलवारा के सुरेंद्र यादव, मिल्कीपुर के इंद्रसेन यादव, कुंभी के श्रीनाथ यादव, अमन प्रताप, आजाद सिद्धकी, सुषमा सिंह समेत अन्य शामिल रहे।

Taza Khabar