September 9, 2026

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कानपुर नगर 9 सितंबर 26*सेवायोजन कार्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण

कानपुर नगर 9 सितंबर 26*सेवायोजन कार्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण

कानपुर नगर 9 सितंबर 26*सेवायोजन कार्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, पांच कार्मिक मिले अनुपस्थित, एक दिन का वेतन काटने के निर्देश*

कानपुर नगर*जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार अपराह्न 2 बजे प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय मे डीएम का औचक निरीक्षण । उपस्थिति पंजिका की जांच में पांच वरिष्ठ सहायक राकेश कुमार सिंह, संजीव कुमार श्रीवास्तव, रजनी वर्मा, सतीश पाण्डेय एवं क्षेम अग्निहोत्री अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने पांचों कार्मिकों का एक दिन का वेतन काटने तथा उनसे एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही यह स्पष्ट करने को कहा कि संबंधित कार्मिकों को कार्यालय से अनुपस्थित रहने की अनुमति किस अधिकारी द्वारा दी गई थी। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति पाए जाने पर संबंधित कार्मिक के साथ पर्यवेक्षणीय अधिकारी का भी उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्राइवेट वेंडर बैठे मिले, जबकि कार्यालय के भीतर अभ्यर्थियों के निःशुल्क पंजीकरण की समुचित व्यवस्था नहीं थी। जिलाधिकारी ने तत्काल निःशुल्क पंजीकरण काउंटर/हेल्प डेस्क स्थापित करने और इसकी सूचना मुख्य द्वार सहित प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्राइवेट वेंडरों को किस अधिकारी और किस व्यवस्था के तहत वहां बैठने की अनुमति दी गई, इसकी रिपोर्ट तीन कार्य दिवस में मांगी।

कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी की तैनाती के बावजूद अधिकारियों-कर्मचारियों का अद्यतन कार्य-वितरण उपलब्ध नहीं मिला। विशेष रूप से लेखा अनुभाग में चार कर्मचारियों की तैनाती पाए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रत्येक अनुभाग के वास्तविक कार्यभार और उसके सापेक्ष कर्मचारियों की तैनाती का औचित्य स्पष्ट करते हुए तीन कार्य दिवस में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने वर्ष 2026 में आयोजित रोजगार मेलों की वास्तविक प्रभावशीलता की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल चयनित अभ्यर्थियों की संख्या को उपलब्धि के रूप में प्रदर्शित न किया जाए, बल्कि यह भी सत्यापित किया जाए कि चयनित अभ्यर्थियों में कितनों ने वास्तव में संबंधित नियोजक के यहां कार्यभार ग्रहण किया और कितने वर्तमान में कार्यरत हैं। इसकी विस्तृत रिपोर्ट सात कार्य दिवस में मांगी गई है।

मुख्य विकास अधिकारी को रोजगार मेलों में चयनित कम से कम 20 प्रतिशत अभ्यर्थियों का नमूना आधारित सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पिछले एक वर्ष में पंजीकृत नए नियोजकों, उनके द्वारा अधिसूचित रिक्तियों तथा उनके सापेक्ष चयनित एवं नियोजित अभ्यर्थियों का माहवार विवरण भी तलब किया गया है।

निरीक्षण में कार्यालय परिसर की स्वच्छता संतोषजनक नहीं मिली। जिलाधिकारी ने तत्काल साफ-सफाई कराने तथा तीन दिन में सफाई से पूर्व एवं बाद के दिनांकित फोटोग्राफ सहित अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अभ्यर्थियों के लिए बैठने, पेयजल, शौचालय, सूचना पट्ट, शिकायत एवं सुझाव व्यवस्था तथा सेवायोजन पोर्टल संबंधी सहायता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।

जिलाधिकारी ने कार्यालय के प्रत्येक अनुभाग में लंबित प्रकरणों की अनुभागवार एवं कर्मचारीवार सूची तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें प्रत्येक प्रकरण कितने समय से लंबित है और उसके लंबित रहने का कारण भी दर्ज किया जाएगा। निर्धारित समय-सीमा से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को अलग से चिन्हित कर उनके निस्तारण की समयबद्ध कार्ययोजना सात कार्य दिवस में प्रस्तुत करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने रोजगार आयोग के गठन के बाद वर्ष 2026 में जनपद स्तरीय समिति की आयोजित बैठकों का तिथिवार विवरण भी तलब किया है। यदि वर्ष 2026 में समिति की बैठक आयोजित नहीं हुई है तो बैठक न होने के कारण, बैठक कराने के लिए किए गए पत्राचार एवं इसके लिए उत्तरदायी अधिकारी का विवरण तीन कार्य दिवस में प्रस्तुत करना होगा।

सहायक निदेशक, सेवायोजन को निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों के संबंध में आवश्यक अभिलेख, विवरण, फोटोग्राफ एवं सत्यापन रिपोर्ट सहित बिंदुवार अनुपालन आख्या एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।