April 21, 2024

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सीएमएस स्कूल के लिए शिक्षा से बढ़कर पैसा*

सीएमएस स्कूल के लिए शिक्षा से बढ़कर पैसा*

*सीएमएस स्कूल के लिए शिक्षा से बढ़कर पैसा*

आज कई स्कूलों में सिर्फ पैसे के लिए शिक्षा दी जाती है, ना कि शिक्षित करने के लिए। ऐसा ही एक मामला सामने आया है सीएमएस स्कूल गोमती नगर ब्रांच का, जहां फीस न जमा होने के कारण, छात्रा को स्कूल आने से मना कर दिया गया। वहां के एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ से पूछा गया, ऐसा क्यों हुआ?, तो उनका कहना था फीस नहीं जमा है, जब छात्रा के परिजन ने पूछा कि चलिए फीस जमा कर दे रहे हैं, तो क्या इतने दिन जो नुकसान हो रहा है छात्रा का, शिक्षा के रूप में क्या वह वापस लौट सकता है, जो प्रोग्राम बीच में हुए हैं, जो एक्टिविटी बीच हो रही थी, क्या वह वापस आ सकते हैं, तो उनका कहना था कि गलती आपकी थी क्यों नहीं समय पर जमा किया, जब परिजनों ने यह बताया कि उनके रिश्तेदारी में मृत्यु हो गई थी, इसके पश्चात वे व्यस्त थे और इसकी जानकारी छात्रा के क्लास टीचर को दे दी गई थी। पर मौके पर संबंधित कर्मचारी ने परिजन को बेज़्जत करके बाहर कर दिया। अब सवाल यहां यह उठता है यदि अगर किसी के घर यह रिश्तेदारी में मृत्यु हो जाए तो क्या स्कूल की ये जिम्मेदारी नहीं होती, कि वह शिक्षा प्रदान करते रहें या उन्हें सिर्फ फीस से मतलब है?। अब परिजन ने इस मामले को सीएमएस के हेड ऑफिस में भी जिक्र किया, पर उनका कहना था इसमें स्कूल क्या कर सकता है। अब बताइए, यदि अगर कोई परिजन किसी मामले में फंसा हो या उनके घर में कोई दुखद घटना हो जाए, तो क्या स्कूल यह कहेगा घटना से क्या होता है सिर्फ फीस भरिए। अगर परिजन इस स्थिति में ना हो कि वहां स्कूल तक पहुंच सके या उसके हालात ऐसे ना बन पा रहे हो, ऐसे में स्कूल आज शिक्षा का कोई महत्व नहीं दे रहा है। सिर्फ पैसे का मान्य है, हम यह भी कह सकते हैं शिक्षा अब बिकाऊ हो गया है।
एक समय था जब स्कूल शिक्षा की अहमियत रखता था। सीएमएस स्कूल के फाउंडर श्री जगदीश गांधी एक समय पर शिक्षा और ज्ञान को मानते थे, एक स्कूल छात्र-छात्रा के भविष्य को बनाता है और जिसका कोई कीमत नहीं मापी जाती थी, पर आज जहां एक तरफ सरकार कहती है कि कोई भी बच्चा पैसे के कारण, शिक्षा से वंचित न रह जाए, वही सीएमएस स्कूल गोमती नगर का ये करतूत है, कि सरकार के कथन से उन्हे कोई फर्क नही पड़ता है, सीएमएस स्कूल करेंगे तो अपने मन की। सीएमएस गोमती नगर ब्रांच की इस करतूत पर हम यही कह सकते हैं, कि यदि अगर कोई परिजन अपने बच्चों की फीस देने में देरी कर देता है, तो सीएमएस इस स्थिति में छात्र और छात्रा की शिक्षा पर रोक लगाते हुए, उन्हें और उनके परिजन को नीचे गिराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। एक परिजन अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा देने के लिए पैसा खर्च करता है, पर यदि किसी कारणवश, किसी समस्या के चलते अगर फीस देने में देरी कर देता है, तो सीएमएस स्कूल उस परिजन के बच्चों के भविष्य के बारे में नहीं, पैसे की अहमियत को समझते हुए, बच्चे को शिक्षा से वंचित कर देगा, ऐसी हरकतों पर सरकार ने अभी तक कढ़ाई नही बरती है सीएमएस स्कूल पर, जिसके चलते सीएमएस अपने मनमाने ढंग और रवैया पर उतारू है…..

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