July 8, 2026

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श्रीगंगानगर3मई26*विधायक द्वारा अधिवक्ताओं को अपराधी बताना निन्दनीय कृत्य है : एड. राजेश भारत, IDP*

श्रीगंगानगर3मई26*विधायक द्वारा अधिवक्ताओं को अपराधी बताना निन्दनीय कृत्य है : एड. राजेश भारत, IDP*

श्रीगंगानगर3मई26*विधायक द्वारा अधिवक्ताओं को अपराधी बताना निन्दनीय कृत्य है : एड. राजेश भारत, IDP*

सन्दर्भ : इंजीनियर-विधायक मारपीट कांड
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*श्रीगंगानगर (राज.), 03मई 2026 । बिहाणी शिक्षण संस्थान परिसर में विधायक और इंजीनियर्स के बीच हुए थप्पड़ व मारपीट कांड में विधायक जयदीप बिहाणी द्वारा इंजी. जगन लाल बैरवा की पिटाई पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में बिना किसी ठोस आधार के अधिवक्ताओं को षड्यंत्र रचने वाले कहना निन्दनीय और विरोध योग्य है । कानून के राज हेतु विधायिका में विधायक और न्याय पालिका में अधिवक्ता की महत्वपूर्ण भूमिका है । इन भूमिकाओं के बिना कानून के राज और न्याय की कल्पना बेमानी है । आम समाज में विधिक ज्ञान का अभाव भोग रहे लोगों के बीच पीड़ित को न्याय दिलाने की पैरोकारी कर रहे अधिवक्ता को साज़िश कर्ता कहना स्वयं कानून बनाने वाले विधायक का कानून के राज में अविश्वास करना है, जो अत्यन्त चिंताजनक भी है । विधायक बिहाणी का यह आरोप मूल मुद्दे से ध्यान बांटने का कृत्य है । जबकि इसकी सच्चाई जाहिर करने के लिए उन्हें घटनाक्रम वाले दिन की परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की वीडियो रिकॉर्डिंग जारी करनी चाहिए थी ।*

*यह प्रथम दृष्टया ही अमान्य है कि अधिवक्ता साज़िश करे और उनका क्लाइंट स्वेच्छा से आँख जैसे नाजुक हिस्से पर चोट खाए, जिससे आँख के स्थाई रूप से खत्म होने का डर हो । वे इंजी. जगन लाल बैरवा के शरीर पर चोटों के निशान होने, उनकी कमीज़, बनियान फटने और उन्हें नई कमीज पहनाने के बिंदुओं पर बोले बिना जिला परिषद् में पीड़ित अभियंता और वकीलों के प्रेस वार्ता करने पर आपत्ति जताते रहे, जबकि स्वयं एक शैक्षणिक संस्था / ट्रस्ट के परिसर में विधायक कार्यालय संचालित करते है, जो संस्था के विधान और विद्यार्थी व शैक्षणिक गतिविधियों के प्रतिकूल है ।*

*ज्ञातव्य हो कि दोनों पक्ष एक दूसरे पर मारपीट करने का आरोप लगा रहे हैं । विधायक बिहाणी का पीड़ित की पैरोकारी करने वाले अधिवक्ताओं को साज़िश कर्ता बताना उनका पदेन गरिमा हीन व मर्यादा हीन वक्तव्य है, जो सम्पूर्ण अधिवक्ता समुदाय का अपमान है । बार संघ एवं प्रत्येक अधिवक्ता साथी को विधायक के इस वक्तव्य की निन्दा करते हुए विरोध दर्ज करवाना चाहिए ।*

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