April 12, 2024

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

वाराणसी27नवम्बर23*विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

वाराणसी27नवम्बर23*विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

वाराणसी27नवम्बर23*विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब*लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

__संदिग्धों पर पुलिस की पैनी नजर_

 

वाराणसी। धर्म की नगरी काशी में कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब। काशी के गंगा तट पर लाखो की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट, राजेन्द्र प्रसाद घाट,अस्सी घाट, केदार घाट, समेत सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान ध्यान कर आचमन करते हुए अपने श्रद्धा अनुसार ब्राह्मण एवं निर्धन गरीब लोगों को दान किए। इसके अलावा बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार दर्शन पूजन के लिए लगी रही।
कार्तिक पूर्णिमा को लेकर विभिन्न मान्यताओं को लेकर पुराणों में वर्णित है कि आदिकाल में त्रिपुरासुर नामक राक्षस का आतंक व्याप्त था। कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान शिव ने प्रदोष काल में अर्धनारीश्वर का रूप लेकर त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था। इस अवसर पर भगवान विष्णु ने भगवान शंकर को त्रिपुरारी नाम दिया। जो कि महादेव के विभिन्न नामों में से एक है। त्रिपुरासुर के वध से सभी देवी देवता प्रसन्न हुए और भगवान भोले शंकर की प्रिय नगरी काशी में आकर गंगा किनारे दीप जला दीपावली मनाई। तभी से कार्तिक पूर्णिमा पर दीप जलाने की परंपरा काशी में अनवरत चली आ रही है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काशी में कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व के दिन देव-दीपावली के अवसर पर साक्षात देवतागण देवलोक से उतरकर काशी में दीपावली मनाने आते हैं। तो वही इस पर्व को भगवान विष्णु के प्रथम अवतार यानी मत्स्य अवतार के रूप में भी मनाया जाता है। आदिकाल में वेदों की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु ने मत्स्य का अवतार लिया था। जो कि उनका पृथ्वी पर प्रथम अवतार था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गंगा स्नान से अपने पापों की मुक्ति मिलती है।
देव दीपावली पर उमड़ने वाली आस्था की भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने सभी तैयारियां मुस्तैद कर रखी है। समस्त घाटों पर भारी संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिस की तैनाती है। तो वहीं गंगा नदी में एनडीआरएफ व जल पुलिस, पीएसी , एसडीआरएफ लगातार निगरानी एवं गश्त कर रहे हैं।और लोगों को गहरे पानी में न जाने के लिए आगाह भी कर रहे हैं।इसके अलावा मैदागिन, चौक से लेकर सोनारपुरा चौराहे तक भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सीसीटीवी और ड्रोन कैमरा लगाया गया है। जो की भीड़ को नियंत्रित एवं शहर के ट्रैफिक व्यवस्था व कानून व्यवस्था संभालने में जिले की फोर्स की मदद कर रहे हैं। गोदौलिया चौराहे पर बेकाबू भीड़ में लोग अपनो से बिछड़ जा रहे हैं। जिनकी मदद के लिए गोदौलिया चौराहे पर खोया पाया व्यक्तियों के विषय में भी सूचना प्रसारित कर लोगों की मदद की जा रही है और उनके परिजनों से भी मिलाया जा रहा है। कुछ समाज संगठन के लोगों ने श्रद्धालुओं की मदद करने के लिए तत्पर देखे गए।

About The Author

Taza Khabar