August 9, 2026

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लखनऊ8अगस्त26*आरजीआईपीटी में सत्र 2026-27 के नवागंतुक छात्रओं का स्वागत*

लखनऊ8अगस्त26*आरजीआईपीटी में सत्र 2026-27 के नवागंतुक छात्रओं का स्वागत*

लखनऊ8अगस्त26*आरजीआईपीटी में सत्र 2026-27 के नवागंतुक छात्रओं का स्वागत*
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👉*अभिविन्यास कार्यक्रम में शिक्षा, ऊर्जा, सरकार एवं उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों शामिल*

 

*लखनऊ/अमेठी।* जापस राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (आरजीआईपीटी), जायस में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने वाले नवागंतुक छात्रों के लिए शनिवार, 8 अगस्त, 2026 को संस्थान के विवेकानंद सभागार में अभिविन्यास (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम संपन्न हुआ इस कार्यक्रम के माध्यम से नए छात्रों का आरजीआईपीटी परिवार में स्वागत किया गया। साथ ही, उन्हें शिक्षा, ऊर्जा, सरकार, उद्योग एवं नवाचार से जुड़ी अनेक अनुभवी हस्तियों से मिलने और सीखने का अवसर प्राप्त हुआ।

यह अभिविन्यास कार्यक्रम छात्रों की शिक्षा एवं व्यावसायिक जीवन की नई शुरुआत का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बना। इसमें छात्रों को संस्थान और यहाँ के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराया गया। साथ ही, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के नए अवसरों तथा भविष्य की संभावनाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अपराह्न 2:00 बजे मुख्य अतिथियों, छात्रों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति में हुआ।

मंचासीन अतिधियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसके पश्चात सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। अतिधियों का स्वागत करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किए गए। आरजीआईपीटी के निदेशक प्रो. हरीश हिरानी ने उद्‌घाटन सत्र में नवागंतुक छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों का संस्थान में स्वागत करते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवीन सोच, कार्य की गहरी समझ एवं जिम्मेदार नेतृत्व के महत्व पर बल दिया।

अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों को यह भी बताया कि संस्थान उनसे क्या अपेक्षाएँ रखता है और ऊर्जा तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के लिए समर्पित राष्ट्रीय महत्व के इस संस्थान में उन्हें सीखने और आगे बढ़ने के अनेक अवसर प्राप्त होंगे। आरजीआईपीटी के शासी मंडल (बोर्ड ऑफ गवर्नर्स) के अध्यक्ष प्रो. ए. बी. पंडित ने ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने संस्थान के विकास, उच्च शैक्षणिक स्तर बनाए रखने और आरजीआईपीटी की पहचान को आगे बढ़ाने में छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने अपने संदेश में छात्रों को आरजीआईपीटी में उपलब्ध शिक्षा, अनुसंधान एवं व्यावसायिक अवसरों का पूर्ण लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने छात्रों को एक कुशल पेशेवर एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। न्यूमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) के निदेशक (तकनीकी) श्री गिरीश कुमार बोरा कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए एवं छात्रों को संबोधित किया।

ऊर्जा क्षेत्र में अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों तथा भविष्य में उपलब्ध होने वाले अवसरों के विषय में छात्रों से चर्चा की।उन्होंने बताया कि परिवर्तनशील ऊर्जा क्षेत्र में सफलता के लिए सुदृढ़ तकनीकी ज्ञान, नवीन सोच, समस्या समाधान की क्षमता एवं उद्योग की आवश्यकताओं की समझ अत्यंत आवश्यक है।

पेटोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) के अपर महानिदेशक (एडीजी) डॉ. कौस्तव नाग भी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को भारत के ऊर्जा क्षेत्र एवं पेट्रोलियम क्षेत्र में भारत सरकार की प्राथमिकताओं के विषय में जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को यह भी समझाया कि उनकी शिक्षा देश के विकास से किस प्रकार जुड़ी है और आने वाले समय में कुमाल पेशेवर, अनुसंधानकर्ता एवं नवप्रवर्तक भारत के ऊर्जा क्षेत्र को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

नैसकॉम (NASSCOM) के निदेशक (नवाचार एवं उद्यमिता) श्री नवरत्न कटारिया भी कार्यक्रम के प्रमुख अतिथियों में शामिल रहे। उन्होंने अपने संबोधन में नवाचार, उद्यमिता एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से युवाओं के लिए खुल रहे नए अवसरों के विषय में विस्तार से बताया।

उन्होंने छात्रों से कहा कि वे केवल पारंपरिक व्यावसायिक विकल्पों तक ही सीमित न रहें, बल्कि नवीन सोच, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी एवं समस्याओं का नवीन समाधान खोजने जैसे क्षेत्रों को भी अपने भविष्य के लिए बेहतर विकल्प के रूप में देखें। उन्होंने बताया कि ये क्षेत्र न केवल व्यावसायिक प्रगति के अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अभिविन्यास कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी रहे। प्रो. चतुर्वेदी शिक्षा जगत का एक सुप्रसिद्ध नाम हैं और इससे पूर्व आईआईटी रुड़की के निदेशक भी रह चुके हैं। उनके कार्यक्रम में शामिल होने से नए छात्रों को उच्च शिक्षा एवं संस्थानों के संचालन का दीर्घ अनुभव रखने वाले एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् को प्रत्यक्ष रूप से सुनने और सीखने का अवसर मिला।

अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों को शैक्षणिक उत्कृष्टता, नई चीजें सीखने की जिज्ञासा बनाए रखने, अनुसंधान एवं नवाचार की ओर आगे बढ़ने तथा अपने व्यावसायिक जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों से आरजीआईपीटी में बिताए जाने वाले समय का सदुपयोग करने की भी बात कही।

शिक्षा, ऊर्जा क्षेत्र, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा प्रौद्योगिकी एवं नवाचार से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित्त हस्तियों की उपस्थिति ने इस अभिविन्यास कार्यक्रम को नए छात्रों के लिए और भी विशेष बना दिया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी लोगों से प्रत्यक्ष रूप से सुनने, सीखने और उनके अनुभवों को समझने का अवसर मिला।

नए छात्रों के लिए आरजीआईपीटी में प्रवेश केवल शिक्षा की शुरुआत नहीं, बल्कि एक नए सफर का आरंभ है। यहाँ उन्हें तकनीकी ज्ञान अर्जित करने, अनुसंधान एवं नवाचार पर कार्य करने, उद्योग से जुड़ने और भारत के ऊर्जा क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं को निकट से समझने का अवसर मिलेगा।

इसी उद्देश्य से आयोजित इस अभिविन्यास कार्यक्रम में नए छात्रों का स्वागत करने के साथ-साथ उन्हें आरजीआईपीटी की सोच, उद्देश्यों एवं उनसे जुड़ी अपेक्षाओं से भी परिचित कराया। साथ ही उन्हें शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता एवं अपने व्यावसायिक जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके पश्चात सायं 4:15 बजे से 5:00 बजे तक पूर्व छात्र संवाद सत्र (एलुमनाई इंटरैक्शन सेशन) आयोजित किया गया। इस दौरान नए छात्रों को आरजीआईपीटी के पूर्व छात्रों से मिलने, उनके अनुभव जानने और उनके व्यावसायिक सफर से सीखने का अवसर मिला।

आरजीआईपीटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने वाले सभी नए छात्रों का स्वागत करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही, विश्वास व्यक्त किया कि ये छात्र संस्थान की शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं राष्ट्र-सेवा की इस यात्रा को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

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