March 5, 2026

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लखनऊ21सितम्बर25*ITC, पेप्सिको, टीपीजी, टेमासेक... हल्दीराम के बाद इस देसी कंपनी के पीछे पड़ी है दुनिया*

लखनऊ21सितम्बर25*ITC, पेप्सिको, टीपीजी, टेमासेक… हल्दीराम के बाद इस देसी कंपनी के पीछे पड़ी है दुनिया*

लखनऊ21सितम्बर25*ITC, पेप्सिको, टीपीजी, टेमासेक… हल्दीराम के बाद इस देसी कंपनी के पीछे पड़ी है दुनिया*

*हल्दीराम के बाद स्नैक्स बनाने वाली एक और देसी कंपनी अपनी हिस्सेदारी बेचने के तैयारी में है। बालाजी वेफर्स में 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने में आईटीसी और पेप्सिको समेत कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। इसके लिए कंपनी की वैल्यू 40,000 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।*

*सूखा पड़ने के बाद खेत बिका, 10000 रुपए से इस तरह चंदूभाई ने बनाया 40,000 करोड़ का बालाजी वेफर्स!*
* बारिश नहीं होने की वजह से गुजरात में भयंकर सूखा पड़ा था और इस वजह से चंदू भाई विरानी के पिता ने खेत बेचना ही उचित समझा.
* चंदू भाई ने राजकोट के मशहूर एस्ट्रोन सिनेमा के सामने नाश्ता बेचना शुरू कर दिया.
* इसके बाद चंदू भाई विरानी के हाथ एक खजाना लग गया.
* पहली बार सिनेमा हॉल में वह आलू के चिप्स बेचने लगे.
* चंदू भाई विरानी को इसके लिए फैक्ट्री और मशीन चाहिए थी, पिता के दिए ₹10000 से उन्होंने अपने घर में ही एक छोटी सी फैक्ट्री लगा ली.
* चंदू भाई विरानी की इस फैक्ट्री से बेहतरीन चिप्स बनने लगी.

*2013 में पेप्सिको ने बालाजी वेफर्स में हिस्सेदारी खरीदने की बात की थी. उस वक्त पेप्सिको की वैश्विक प्रमुख इंद्रा नूयी इस सौदे के लिए बहुत उत्साहित थीं. लेकिन पेप्सिको 49-51 प्रतिशत हिस्सा खरीदना चाहती थी, जिसे बालाजी के मालिक चंदूभाई विरानी और उनके परिवार ने ठुकरा दिया. अब फिर से बालाजी वेफर्स में निवेश की बात चल रही है.*

■ बालाजी वेफर्स का रेवेन्यू FY24 में 11 फीसदी तेजी के साथ ₹5,453.7 करोड़ रहा और प्रॉफिट 41% बढ़कर ₹578.8 करोड़ हो गया।
■ बालाजी वेफर्स में हिस्सेदारी खरीदने के लिए जनरल मिल्स, पेप्सिको, आईटीसी लिमिटेड और कई प्राइवेट इक्विटी फर्म रुचि दिखा रही हैं, कंपनी 10% हिस्सा बेचने को तैयार है.
■ बालाजी वेफर्स में हिस्सेदारी खरीदने के लिए दौड़ में पेप्सिको, आईटीसी लिमिटेड और कई प्राइवेट इक्विटी फर्म शामिल थे और अब अमेरिकी कंपनी जनरल मिल्स भी कतार में लग गई है.
■ अमेरिकी कंपनी जनरल मिल्स, पिल्सबरी और बेटी क्रॉकर जैसे मशहूर ब्रांड्स की मालिक है. भारत की सबसे बड़ी क्षेत्रीय स्नैक कंपनियों में से एक बालाजी है.
■ जनरल मिल्स ने बालाजी के मालिकों से बात की है ताकि कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी जा सके, लेकिन बालाजी के मालिक अभी सिर्फ 10% हिस्सा बेचने को तैयार हैं.
■ बालाजी के संस्थापक चंदू विरानी ने कहा कि हमारा मकसद पैसा जुटाना नहीं है, बल्कि प्रोफेशनल मैनेजमेंट लाना है. हमारी कंपनी के पास पहले से ही काफी नकदी है, और हम पूरा कंट्रोल नहीं बेचना चाहते. जो पैसा आएगा, उसे परिवार के ट्रस्ट में रखा जाएगा, न कि कंपनी के कामकाज में इस्तेमाल किया जाएगा. कंपनी भविष्य में शेयर बाजार में आईपीओ लाने पर भी विचार कर रही है.
■ विरानी ने बताया कि हम ऐसे निवेशकों को लाना चाहते हैं जो हमें सही दिशा दिखाएं, ग्लोबल कंपनियों की तरह काम करने की क्षमता बढ़ाएं और आईपीओ के लिए तैयार करें. कई महीने पहले टाटा और रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों ने भी हमसे संपर्क किया था, लेकिन हम ऊंची कीमत पर भी कंट्रोल नहीं छोड़ना चाहते.

*विरानी ने कहा कि परिवार की नई पीढ़ी रणनीतिक निवेश और कंपनी को बड़ा करने के लिए तैयार है. बालाजी 40,000 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन पर 10% हिस्सा बेचने की सोच रही है, और अगले तीन महीनों में संभावित खरीदारों को चुन लिया जाएगा.*