लखनऊ1अप्रैल26*ऐशबाग के चर्चित डबल मर्डर केस में विधायक अभय सिंह समेत सभी आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
लखनऊ के बाजारखाला क्षेत्र स्थित ऐशबाग के चर्चित डबल मर्डर केस में करीब 19 साल बाद मंगलवार को फैसला आया है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने विधायक अभय सिंह समेत सभी आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
स्पेशल जज एमपी/एमएलए कोर्ट, लखनऊ के न्यायाधीश हरबंश नारायण ने बहुचर्चित मामले में अभय सिंह, रविन्द्र सिंह उर्फ “रज्जु”, अजय प्रताप सिंह उर्फ “अजय सिपाही” और फिरोज अहमद को दोषमुक्त करार दिया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह माना कि आरोप सिद्ध नहीं हो सके, जिसके चलते सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया।
यह मामला 31 मार्च 2007 का है, जब बाजारखाला थाना क्षेत्र के ऐशबाग इलाके में शत्रुघ्न सिंह उर्फ छोटू और जितेंद्र त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
घटना के संबंध में मृतक शत्रुघ्न के पिता नारदमुनि सिंह ने बाजारखाला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, वह ईदगाह के सामने स्थित हनुमान मंदिर के पास थे, तभी उनकी टेंट हाउस की दुकान की तरफ से गोली चलने की आवाज आई।
मौके पर पहुंचे तो दो युवक पिस्तौल लेकर शत्रुघ्न पर फायरिंग कर रहे थे। जब परिजन और कर्मचारी बचाने के लिए दौड़े, तो हमलावरों ने जितेंद्र त्रिपाठी पर भी गोली चला दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक से नाका की ओर भाग गए।
मामले की विवेचना के दौरान 13 अगस्त 2008 को रविन्द्र उर्फ रज्जु, अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही और फिरोज अहमद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। वहीं, विधायक अभय सिंह के खिलाफ अलग से धारा 302 और 120B भारतीय दंड संहिता के तहत आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि घटना के दिन अभय सिंह एक एनएसए के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध थे। यह बिंदु भी बचाव पक्ष के तर्कों में महत्वपूर्ण रहा, जिसे अदालत ने संज्ञान में लिया।
लंबी सुनवाई और गवाहों के परीक्षण के बाद अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल नहीं रहा। इसी आधार पर सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।

More Stories
लखीमपुर खीरी १ अप्रैल २६ * “स्कूल चलो अभियान” के तहत सदर विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित हुआ
वाराणसी १ अप्रैल २६ * कैथी और डाफी प्लाजा पर पांच से 20 रुपये बढ़ा टोल
कानपुर देहात | दिनांक 1 अप्रैल 2026*जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में की जनसुनवाई।