February 26, 2024

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लखनऊ07अक्टूबर23*मुख्यमंत्री दुबे परिवार से मिलने गए तो कानपुर के विश्वकर्मा परिवार के पास क्यों नहीं*

लखनऊ07अक्टूबर23*मुख्यमंत्री दुबे परिवार से मिलने गए तो कानपुर के विश्वकर्मा परिवार के पास क्यों नहीं*

लखनऊ07अक्टूबर23*मुख्यमंत्री दुबे परिवार से मिलने गए तो कानपुर के विश्वकर्मा परिवार के पास क्यों नहीं*

*उत्तर प्रदेश में मनुस्मृति के कानून के तहत की जा रही है कार्यवाही।

लखनऊ।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जाति-धर्म-वर्ग देखकर कानूनी व प्रशासनिक कार्यवाही की जा रही है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कतिपय वर्गीय व जातिवादी आदेशों-निर्देशों से मुख्यमंत्री की साख पर बट्टा लग रहा है।मुख्यमंत्री के पक्षपातपूर्ण व्यवहार से साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज नहीं,मनुस्मृति के विधान के अनुसार पिछङों-दलितों-मुसलमानों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाई जा रही है। भारतीय ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि मुख्यमन्त्री द्वारा खुलकर सवर्णवाद किया जा रहा है,जो मुख्यमंत्री पद व एक संत के चरित्र के प्रतिकूल व्यवहार अपनाया जा रहा है जो अत्यंत निंदनीय व चिन्ताजनक है।मुख्यमंत्री जिस तरह के चाल-चरित्र और भेदभाव पूर्ण कार्य को कर रहे हैं,उससे साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री पद सम्भालने की क्षमता व योग्यता उनमें नहीं है। 2 अक्टूबर को देवरिया जनपद के रुद्रपुर क्षेत्रांतर्गत फतहपुर गाँव के टोला में सत्यप्रकाश दूबे व इसके साथियों ने प्रेमचन्द यादव जिला पंचायत सदस्य की निर्मम हत्या कर दिया।हत्याकांड से आक्रोशित लोगों ने दूबे व उसके परिवार के 5 सदस्यों की हत्या कर दिया।
निषाद ने बताया कि सत्यप्रकाश दूबे की पुत्री ने प्रेमचन्द यादव सहित 8 यादव, 12 ब्राह्मण,4 राजभर व 3 पाल लोगों पर हत्या का मुकदमा कायम कराया है। इस हत्याकांड का पूरी तरह दोषी सत्यप्रकाश दूबे व उसके सहयोगी हैं,लेकिन शासन- प्रशासन व जातिवादी एकतरफा यादव समाज को खलनायक बना रहा है।मुख्यमंत्री,क्षेत्रीय सांसद रमापति राम त्रिपाठी,विधायक शलभमणि त्रिपाठी,परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह सिर्फ ब्राह्मण परिवार से मिलने गये,क्या यह मानवीय स्वभाव के अनुकूल है? पहले यादव की हत्या ब्राह्मण परिवार ने किया तो यादव परिवार खलनायक कैसे?हनुमान ने लंका जलाई तो हनुमान की पूंछ में कपङा बांधकर व तेल डालकर आग किसने लगाई,जलाने वाला खलनायक है कि पूंछ में कपङा बाँधकर आग लगाने वाला?
निषाद ने कहा कि शुरू शुरू में मुख्यमंत्री ने गैर राजपूत जातियों विशेषकर मुसलमान, यादव,निषाद, कुशवाहा,पटेल आदि की सम्पत्ति कुर्क कराये,बुलडोजर चलवाये और फेक इन्काउन्टर कराये,अभी तक किसी राजपूत अपराधी,माफिया पर न तो बुलडोजर चला,न सम्पत्ति कुर्क हुई और न इंकाउन्टर हुआ,यही ठाकुरवाद और जातिवाद है। कानपुर देहात में जमीन के विवाद को लेकर दो सगे भाइयों सत्य नारायण विश्वकर्मा और रामवीर विश्वकर्मा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या मोहन शुक्ला और उसके परिवार के सदस्यों ने की । मुख्यमंत्री दूबे परिवार से मिलने गये और प्रेमचन्द यादव के मकान पर बुलडोजर चलवाने का सख्त आदेश दिए,तो कानपुर विश्वकर्मा परिवार से मिलने व शुक्ला के मकान पर बुलडोजर चलाने का आदेश क्यों नहीं दिये? 10 सितंबर को सिद्धार्थ नगर में ब्राह्मणों ने हरिलाल निषाद की पीट-पीटकर हत्या कर दिया। रौनापार-
आजमगढ़ में ब्राह्मणों ने पीट-
पीटकर व गङासे,दरांती से गला काटकर निर्दयता से हत्या कर दिया।21 सितंबर को बस्ती जिला के रूधौली कस्बा में योगी के बिरादरी के युवक ने एक मित्र के साथ आरती निषाद के साथ बलात्कार करने के बाद उसे व उसके पति रामनवल निषाद को जहर पिलाकर मार दिया।बलिया में मुख्यमंत्री के जाति के हत्यारों ने छात्रनेता हेमंत यादव, बादल पटेल की,वाराणसी में सौरम यादव की,जौनपुर में संदीप यादव की हत्या कर दिया,इनके घर पर बुलडोजर क्यों नहीं चला? 2019 में झाँसी में पुष्पेन्द्र यादव का फर्जी इन्काउन्टर कर दिया गया। जब सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव शोकसंतप्त परिवार से मिलने गये तो मुख्यमंत्री ने जातिवाद का आरोप लगाया।अब जब मुख्यमंत्री सिर्फ ब्राह्मण परिवार से मिलने गये तो यह सामंतवाद, मनुवाद और सवर्णवाद नहीं है?

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