August 10, 2026

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राँची10अगस्त26*झारखंड लोक सेवा आयोग के विरोध में चल रहे सत्याग्रह को लेकर आयोग के तीनों सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया 

राँची10अगस्त26*झारखंड लोक सेवा आयोग के विरोध में चल रहे सत्याग्रह को लेकर आयोग के तीनों सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया 

राँची10अगस्त26*झारखंड लोक सेवा आयोग के विरोध में चल रहे सत्याग्रह को लेकर आयोग के तीनों सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया 

*झारखंड सत्याग्रह*

शैलेन्द्र गुप्ता की रिपोर्ट यूपीआजतक

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और ओएमआर शीट में हेराफेरी को लेकर 9 अगस्त 2026 को आयोग के तीनों सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है, जिन्हें राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तत्काल स्वीकार भी कर लिया है।

राज्य पुलिस की सीआईडी (CID) द्वारा पूछताछ के लिए समन जारी होने के तुरंत बाद यह बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।
इस्तीफे से जुड़ी मुख्य बातेंइस्तीफा देने वाले सदस्य: आयोग के तीन सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पदों से इस्तीफा दिया है।
अध्यक्ष का इस्तीफा: इनसे पहले, जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते भी 22 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

झारखंड की राजधानी रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में विधानसभा तक मार्च निकालेंगे. हालांकि, सकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मार्च न निकालने की अपील की है और पूरे इलाके में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है. वहीं, रविवार को छात्रों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच पांच घंटे से ज्यादा तक बात चली. सरकार ने छात्रों की कई अहम मांगों पर सहमति जताकर आंदोलन को खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन CBI जांच, समेत कई मुद्दे पर पेच फंस गया.

सरकार 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और मामले की जांच के लिए तैयार है. साथ ही छात्रों की दूसरी मांगों पर भी सरकार ने सहमति जताई है. उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार का दावा है कि अनशन कर रहे छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं. लेकिन छात्रों का कहना है कि सिर्फ परीक्षा रद्द करना पर्याप्त नहीं है. वे भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक की CBI से निष्पक्ष जांच चाहते हैं. इसके अलावा छात्र JSSC-CGL की परीक्षा को भी रद्द करने की मांग पर अड़े हैं.

यही असहमति अब आंदोलन को अगले मोर्चे पर ले गई है. सरकार छात्रों से प्रदर्शन टालने की अपील कर रही है, जबकि छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

Taza Khabar