September 12, 2026

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मुजफ्फरनगर 12 सितंबर 26*17 सितंबर को चौधरी राकेश टिकैत ने महापंचायत की हुंकार भरी*

मुजफ्फरनगर 12 सितंबर 26*17 सितंबर को चौधरी राकेश टिकैत ने महापंचायत की हुंकार भरी*

मुजफ्फरनगर 12 सितंबर 26*17 सितंबर को चौधरी राकेश टिकैत ने महापंचायत की हुंकार भरी*

*लोकेन्द्र गौतम* ब्यूरो चीफ सहारनपुर मंडल *यूपी आजतक*

मुजफ्फरनगर 12 सितंबर 26 किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) इस बार अपनी मासिक पंचायत का अंदाज बदलने जा रही है। हर माह 17 तारीख को सिसौली स्थित किसान भवन में होने वाली पंचायत इस बार मुजफ्फरनगर शहर के राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) मैदान में रात के समय आयोजित की जाएगी। पंचायत के बाद विभिन्न राज्यों और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे । भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने 17 सितंबर की रात होने वाली इस विशेष पंचायत की घोषणा की है। पंचायत में बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना है। इस दौरान खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं पर मंथन करते हुए उनके समाधान को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी ।चौधरी राकेश टिकैत के मुताबिक, इस बार दिन में पंचायत आयोजित करने के बजाय रात में पंचायत करने का निर्णय लिया गया है। किसानों की समस्याओं को लेकर पंचायत रात करीब 11 बजे तक चलेगी। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में रागनी, पंजाबी और हरियाणवी प्रस्तुतियों के साथ उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भाकियू की ओर से पंचायत और सांस्कृतिक कार्यक्रम दोनों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पंचायत में किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। इनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर कानून, गन्ने के रेट और आलू की खेती से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहेंगी। किसान नेताओं का कहना है कि खेती की बढ़ती लागत और किसानों के सामने खड़ी चुनौतियों को देखते हुए इन मुद्दों पर गंभीर मंथन जरूरी है। चौधरी राकेश टिकैत ने बताया कि संगठन की परंपरा के अनुसार प्रत्येक माह की 17 तारीख को सिसौली के किसान भवन में पंचायत आयोजित होती है, लेकिन इस बार इसे मुजफ्फरनगर शहर के GIC मैदान में रात के समय आयोजित किया जाएगा।भाकियू की इस रात्रि पंचायत को लेकर संगठन के कार्यकर्ता तैयारियों में जुट गए हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में किसान पंचायत में पहुंचेंगे और किसान हित से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।