मिर्जापुर से बसन्त कुमार गुप्ता की रिपोर्ट यूपी आजतक
मिर्जापुर:8 अक्टूबर 25 *एक तरफ महिला सशक्तिकरण और दूसरी तरफ आशा कार्यकर्त्रियों को अपने हक के लिए करना पड़ रहा धरना प्रदर्शन*
मिर्जापुर*आज जिला मुख्यालय पर आशा/ आशा संगिनी कर्मचारी संगठन द्वारा आशा संगिनी हेमलता के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आशा संगीनियों ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन देश में लगभग 11 लाख आशा वर्कर्स एवं एक लाख आशा संगिनी कार्यरत हैं। इसमें से उत्तर प्रदेश में लगभग 2 लाख आशा वर्कर्स एवं 10 हजार आशा संगिनी वर्कर्स ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी (सर्वे) टीकाकरण, स्वच्छता, जच्चा बच्चा देखभाल, संस्थागत प्रसव कराने के अलावा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित चार दर्जन से अधिक मदों में कार्य करती हैं, जिसके लिए इन्हें कोई मानदेय अथवा वेतन नहीं दिया जाता है बल्कि अल्प प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाता है।
आशा संगीनियों के कार्यों से स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए सरकार एवं समाज इन्हें स्वास्थ्य विभाग के रीढ़ की हड्डी मानते हैं। लेकिन यह भी सच है की सरकारों ने उनकी जीविका एवं परिवार के भरण पोषण पर उचित ध्यान नहीं दिया है। 2017 में प्रदेश में जब भाजपा सरकार बनी तो इन कर्मचारियों को काफी उम्मीदें थी कि उचित मानदेय वेतन मिलेगा लेकिन अभी तक निराशा ही हाथ लगी है। बावजूद इसके कोविड के दौरान आशा संगिनी वर्कर्स खुद को खतरे में डालकर पूरी ईमानदारी एवं लगन के साथ सरकार के आदेशों का पालन किया और समाज को कोविड से बचाने में अहम भूमिका अदा की।
आशा संगीनियों ने बताया कि उपरोक्त मांगे देशहित, मजदूर हित एवं महिला हित में है अतः इसे अभिलंब पूरी करने की कृपा करें।

More Stories
पूर्णिया बिहार 1 मार्च 26*लेशी सिंह ने ब्रजेश ऑटोमोबाइल की नवीन शाखा का किया उद्घाटन
दिल्ली1मार्च 26*विनोद तकियावाला को निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए किया गया सम्मानित
अयोध्या 01 मार्च 26*घायल शिव नारायण तिवारी से मिले रुश्दी मियां, आर्थिक सहयोग देकर बढ़ाया हौसला