July 14, 2024

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मिर्जापुर2जुलाई24*"मिर्जापुर बचाव अभियान" के युवाओं ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन*

मिर्जापुर2जुलाई24*”मिर्जापुर बचाव अभियान” के युवाओं ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन*

मिर्जापुर से बसन्त कुमार गुप्ता की रिपोर्ट यूपी आजतक

मिर्जापुर2जुलाई24*”मिर्जापुर बचाव अभियान” के युवाओं ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन*

माँ विन्ध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डा० आर. बी. कमल के त्याग पत्र की खबर सुनकर *मिर्जापुर बचाव अभियान* के युवा करने लगे प्रदर्शन, ज्ञापन सौंप त्याग पत्र रुकवाने की मांग।

दिनांक 2 जुलाई 2024 दिन मंगलवार को प्राचार्य आर. बी. कमल का त्याग पत्र सुनकर मिर्जापुर के युवा जिला मुख्यालय पहुँचकर जिलाधिकारी महोदया से निवेदन करते हुए त्यागपत्र को अस्वीकार करने की मांग की। यह खबर की माँ विन्ध्यवासिनी राज्यचिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपना त्यागपत्र दे दिया है यह पूरे जनपद में आग की तरह फैलते देख जनपद वासियों को एक धक्का सा लगा और तुरंत मिर्जापुर बचाव अभियान के युवा एकत्रित होकर प्राचार्य जी का त्यागपत्र रुकवाने की जिद्द फ़ानते हुए मिर्जापुर जिला मुख्यालय पर पहुँचे और बताया की प्राचार्य महोदय ने कभी भी मरीजों का अनादर नहीं किया, पिछले 2 वर्ष से जब से उनकी तैनाती हुई तब से हजारों मरीजों को संतुष्ट कर चुके हैं, मरीजों की गंभीर समस्याओं को निस्तारण करने के लिए अपना खाना पीना छोड़कर आपत्तिकाल की तरह सेवा करने को तैयार रहे हैं ।

कृष्णानंद हैहयवंशी ने कहा की यदि किसी मरीज़ को दवा नहीं होता, जो गरीब मरीज़ उनके सामने पड़ जाता है तो डा० आर. बी. कमल प्राचार्य अपने पास से पैसे दे कर उस मरीज़ की सहायता करते रहते हैं । उपस्थित अतुल सिंह डंग ने जिला अधिकारी से निवेदन किया की प्राचार्य महोदय का त्यागपत्र अस्वीकृत करके मिर्जापुर बचाव अभियान का हिस्सा माननीय जिलाधिकारी महोदया भी बने । उपस्थित मिर्जापुर के हर समस्या में आगे आने वाले व्यक्ति शिव कुमार शुक्ला ने बताया की चिकित्सा विभाग में फेर बदल होना शासन की कार्यशैली है । पूर्व के दो कर्मठ जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक जो की मिर्जापुर जनपद के लोकप्रिय अधिकारी हो गए थे, राजनीतिक प्रभाव से हटाए गए। जैसा की प्राचार्य महोदय का त्यागपत्र की खबर जनपद में फैल गई उनके साथ ही यह कहना भी गलत नहीं होगा की यह जनपद मिर्जापुर का दुर्भाग्य है, जो भी कर्मठ अधिकारी नारीशक्ति ( जैसे की कछवा नगर पंचायत EO ) कार्य करने पर व जनपद में कुछ नया करने का संकल्प लेते हैं, तो कुछ तानाशाही राजनीतिक व्यक्तियों को नहीं सुहाते ।

समस्त लोगों की एकमात्र मांग थी कि माँ विन्ध्यवासिनी स्वशासी राज्यचिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डा० आर. बी. कमल जी का त्यागपत्र अस्वीकृत किया जाए तथा मेडिकल व्यवस्था को सुचारु रूप से चलने दिया जाए ।

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